आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा कि…और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने एमवाय अस्पताल में पदस्थ फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया है। जांच एजेंसी सरकारी दवाओं के स्टॉक में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर रही थी। इसी दौरान करोड़ों की संपत्ति के दस्तावेज हाथ लगे और एक साथ पांच स्थानों पर छापे मारे गए। प्रारंभिक जांच में आरोपित की वैध आय से 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति सामने आई है।
दवाओं के स्टॉक में हेराफेरी और भ्रष्टाचार से अर्जित की करोड़ों की संपत्ति
एसपी (ईओडब्ल्यू) रामेश्वर यादव के अनुसार राकेश गोरखे के खिलाफ शिकायत मिली थी कि उसने सरकारी दवाओं के स्टॉक में हेराफेरी व भ्रष्टाचार कर अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की। निरीक्षक कैलाश पाटीदार द्वारा गोरखे के विरुद्ध जांच की तो सामने आया कि वर्ष 2007 में नियुक्त हुए गोरखे की वैध आय 1.11 करोड़ रुपये रही, जबकि उनके द्वारा खरीदी गई संपत्तियों का मूल्य 2.13 करोड़ रुपये पाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित की पत्नी कीर्ति गोरखे शासकीय दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन हैं। दोनों की आय का परीक्षण करने के बाद भी संपत्ति वैध आय से कहीं अधिक पाई गई।
दो मंजिला मकान सहित जगह-जगह प्लॉट
- ईओडब्ल्यू को जांच के दौरान इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित छह अचल संपत्तियों की जानकारी मिली। इनमें स्कीम-140 स्थित वृंदावन गार्डन का दो मंजिला मकान मिला है। इसकी 54 लाख 89 हजार रुपये कीमत आंकी गई है।
- बड़िया कीमा स्थित सद्गुरु नंदी विहार कालोनी में 1571 वर्गफीट का प्लॉट मिला है। इसकी अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये है।
- साकार एनआरआई सिटी में 8 हजार वर्गफीट का प्लॉट है। इसकी करीब 80 हजार रुपये कीमत है।
- साहिल इंद्रांचल होम्स में 1302 वर्गफीट का प्लॉट मिला है। इसकी 27 लाख 62 हजार रुपये कीमत है।
- ओमेक्स डेवलपर्स को 6 लाख 70 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
- एसपी के अनुसार आरोपित ने संपत्ति की सूचना विभाग को नहीं दी है।
पासपोर्ट में मिली थाईलैंड की यात्रा
पुलिस को छापे के दौरान गोरखे के घर से करीब डेढ़ लाख रुपये कैश और पासपोर्ट भी मिला है। उसने अक्टूबर 2023 में थाईलैंड की यात्रा की है। इसकी भी विभाग को सूचना नहीं दी थी। उसने विभाग से विदेशी दौरे की अनुमति भी नहीं ली थी। पुलिस ने रजिस्ट्री, अनुबंध, भुगतान के दस्तावेज और अन्य जरूरी पेपर जब्त कर लिए हैं। उसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
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