प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नशीली-साइकोट्रोपिक दवाओं के अवैध निर्यात के मामले में 7.98 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। ईडी की जांच में हैदराबाद की फर्म जेआर इनफिनिटी की अवैध रूप से 12.76 करोड़ की कमाई कर रियल इस्टेट, एफडी आदि में निवेश का खुलासा हुआ है।
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निदेशालय के हैदराबाद जोनल कार्यालय ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, हैदराबाद सब जोनल यूनिट द्वारा 4 मई, 2022 को जेआर इनफिनिटी के आशीष जैन व परिवार के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर मामला जांच में लिया था। जिसमें 12.76 करोड़ की अवैध कमाई का पता चला है। 4.5 करोड़ रुपए ड्रग तस्करी से कमाए गए।
ईडी के अनुसार एनसीबी ने जैन पर अवैध इंटरनेट फार्मेसी व्यवसाय का आरोप लगाया था। टेलीमार्केटिंग कॉल सेंटर सेवा और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन की आड़ में अवैध साइकोट्रोपिक दवाओं का निर्यात किया जा रहा था। इसमें अल्प्राजोलम, ज़ोलपिडेम, लोराज़ेपम, क्लोनाज़ेपम, हाइड्रोकोडोन, ऑक्सीकोडोन जैसे टैबलेट शामिल हैं।
इंदौर में जमीन, एफडी व बैंक बैलेंस जब्त
ईडी के अनुसार कुर्क की गई अचल संपत्तियां आशीष जैन और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर इंदौर में स्थित भूमि पार्सल के रूप में हैं, इनकी कीमत 6.52 करोड़ आंकी गई है। चल संपत्तियांयों में 1.46 करोड़ का बैंक बैलेंस व एफडी है।
ईडी के अनुसार जांच में पता चला कि जैन ने एनडीपीएस एक्ट का उल्लंघन करते हुए जेआर इनफिनिटी को शामिल किया। विदेशी ग्राहकों को अवैध रूप से दवाएं बेच कर आय अर्जित की है। यह आय जैन व परिवार के खातों में जमा हुई है। इसका उपयोग संपत्तियां खरीदने में किया गया है।
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