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दो हजार करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित हो रही यूनिट से एक हजार लोगों को मिलेगा रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

दो हजार करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित हो रही यूनिट से एक हजार लोगों को मिलेगा रोजगार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी द्वारा इस प्लांट में 30 प्रतिशत तक महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखने की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारी सरकार के महि …और पढ़ें

Publish Date: Tue, 09 Jun 2026 10:30:51 AM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jun 2026 10:30:51 AM (IST)

यूनिट के भूमिपूजन समारोह में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. सोमवार को पीथमपुर में हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का हुआ भूमिपूजन
  2. यूनिट के माध्यम से करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे
  3. मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का सांकेतिक भूमिपूजन किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। यह नए दौर का मध्यप्रदेश है। हमारा प्रदेश अब आत्मनिर्भर बन रहा है। निवेश के इच्छुक सभी निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन प्रारंभ होने तक हर स्तर पर राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। हेलियन ग्रुप की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के माध्यम से करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी द्वारा इस प्लांट में 30 प्रतिशत तक महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखने की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारी सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और भी मजबूती देगा। कंपनी ने प्रदेश में तात्कालिक तौर पर दो हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है।

कंपनी निवेश राशि दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के प्रयास करेंगे

कंपनी निवेश राशि दो हजार करोड़ रुपये से दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे। यह बात मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सोमवार को पीथमपुर में स्थापित होने जा रही हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के भूमिपूजन समारोह (वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी) को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का सांकेतिक भूमिपूजन किया।

प्रदेश में 300 से ज्यादा फार्मा कंपनियां एवं 30 से ज्यादा एपीआई और बल्क ड्रग्स निर्माता सक्रिय हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मात्रा के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक देश है। यहां तीन हजार से अधिक कंपनियां और 10 हजार 500 से अधिक विनिर्माण इकाइयां दवाओं का उत्पादन कर रही हैं। प्रदेश में 300 से ज्यादा फार्मा कंपनियां एवं 30 से ज्यादा एपीआई और बल्क ड्रग्स निर्माता सक्रिय हैं। इनके द्वारा निर्मित दवाएं अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों में निर्यात हो रही हैं।

राज्य के कुल निर्यात में फार्मा सेक्टर का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस यूनिट्स सक्रिय हैं। राज्य के कुल निर्यात में फार्मा सेक्टर का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है। मध्यप्रदेश अब केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि एक स्थापित ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका है। वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (यूके) में हुए ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो” के दौरान बोया गया निवेश का बीज पीथमपुर में अपना वास्तविक स्वरूप ले रहा है।

हेलियन ने भारत में पहली मैन्युफैक्चरिंग इकाई की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश (पीथमपुर) का चयन किया है। कंपनी ने यकीनन अपनी नई यूनिट के लिए देश के सबसे सूटेबल और प्रोफ़िटेबल डेस्टिनेशन को चुना है। इस मौके पर हेलियन ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ब्रायन मैकनामारा, कार्यकारी संचालक एमपीआईडीसी हिमांशु प्रजापति आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का किया भूमिपूजन, नए उद्योग लगेंगे और मिलेगा रोजगार

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