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एमपी में लुढ़का पारा…भोपाल में तापमान 6.8 डिग्री गिरा: 3 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम; इंदौर, ग्वालियर-उज्जैन में भी बढ़ेगी सर्दी – Bhopal News

रतलाम में शुक्रवार सुबह तेज हवाओं ने मौसम में ठंडक घोल दी।

उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं की वजह से मध्यप्रदेश में फिर से ठंड बढ़ गई है। शुक्रवार को भोपाल में दिन का तापमान 6.8 डिग्री लुढ़ककर 22.6 डिग्री पर आ पहुंचा। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी गिरावट हुई है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव के मुताबिक, अगल

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यादव ने बताया, गुरुवार रात से हवा का रुख उत्तरी हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश में हवा की औसत रफ्तार 12 से 14 किमी प्रतिघंटा रही। वहीं, उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम हवा 12.6 किमी की ऊंचाई पर 232 किमी प्रतिघंटा तक चली। जिससे ठिठुरन बढ़ गई और पारे में गिरावट हुई।

भोपाल में एक ही दिन में 6.8 डिग्री की गिरावट के बाद पारा 22.6 डिग्री पहुंच गया। इंदौर में 23.4 डिग्री, उज्जैन में 23.5 डिग्री, ग्वालियर में 25 डिग्री और जबलपुर में पारा 24.5 डिग्री रहा।

प्रदेश के सभी शहरों में पारा लुढ़का मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को सभी शहरों में पारा लुढ़का। गुना में 25 डिग्री, पचमढ़ी में 26.6 डिग्री, रायसेन में 23.6 डिग्री, दमोह में 25.5 डिग्री, खजुराहो में 25.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 24.2 डिग्री, रीवा में 23.8 डिग्री, सागर में 24.9 डिग्री, सतना में 24.7 डिग्री, सीधी में 24.6 डिग्री, टीकमगढ़ में 24 डिग्री, उमरिया में 25.5 डिग्री रहा।

रात में भी लुढ़केगा तापमान दिन के साथ रात के तापमान में भी गिरावट होगी। हालांकि, गुरुवार-शुक्रवार की रात में नर्मदापुरम में तापमान 16.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो सबसे ज्यादा रात का तापमान रहा। नीचम का मरुखेड़ा में ही सबसे कम 9.2 डिग्री पारा रहा।

बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 13.2 डिग्री, इंदौर में 13.5 डिग्री, ग्वालियर में 10.4 डिग्री, उज्जैन में 13.5 डिग्री और जबलपुर में 13.8 डिग्री रहा। बाकी शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक ही दर्ज किया गया।

दक्षिण-पूर्वी हवा से ठंड गायब इससे पहले दक्षिण-पूर्वी हवाओं ने प्रदेश से ठंड जैसे गायब कर दी थी। पिछले 6 दिन से दिन-रात के तापमान में खासी बढ़ोतरी देखने को मिली। यहां शुक्रवार से तापमान में गिरावट शुरू हो गई।

29 जनवरी से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिन तक ठंड का असर रहेगा। इसके बाद थोड़ी राहत मिलेगी। 29 जनवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इससे पारे में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, सिस्टम गुजरने के बाद फिर से ठंड बढ़ जाएगी।

2 दिन ऐसा रहेगा मौसम

  • 25 जनवरी: ग्वालियर, चंबल, जबलपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्का कोहरा रह सकता है।
  • 26 जनवरी: दिन-रात में ठंड का असर रहेगा। कुछ शहरों में हल्का कोहरा भी रह सकता है।

MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड…

भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 को हुई थी।

इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को पारा माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी।

जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था।

उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी।

उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।

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