ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर में महाशिवरात्रि को महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा। 10 दिन तक शिवनवरात्रि पर्व की छटा बिखरेगी। उत्सव की शुरुआत 17 फरवरी से होगी। 26 को महाशिवरात्रि पर्व का उल्लास बिखरेगा। 27 को भस्मआरती दोपहर 12 बजे की जाएगी।
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महाशिवरात्रि पर 26 फरवरी को चार पहर की पूजा का महत्व है। पं. महेश पुजारी के अनुसार इसकी शुरुआत रात 12 बजे से की जाएगी। इसके पहले 26 फरवरी को सुबह पट खुलने और भस्मआरती के बाद महाकालेश्वर का जलाभिषेक किया जाएगा। इसका क्रम रात तक जारी रहेगा। उसके बाद महाकालेश्वर को फूलों का राजसी मुकुट धारण करवाया जाएगा। 27 को दोपहर 12 बजे भस्मआरती की जाएगी। महोत्सव के अंतर्गत महाकालेश्वर की नियमित आरती के समय में भी बदलाव किया जाएगा। पुजारी प्रदीप गुरु के अनुसार महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में सुबह पूजन और अभिषेक, पूजन के बाद भोग आरती सुबह 10 बजे के स्थान पर दोपहर 12 बजे की जाएगी।
नौ दिन: चंदन शृंगार से शुरुआत, सप्त धान्य के दर्शन भी होंगे नौ दिन अलग-अलग श्रृंगार की शुरुआत पहले दिन चंदन श्रृंगार से की जाएगी। दूसरे दिन शेषनाग श्रृंगार, तीसरे दिन घटाटोप श्रृंगार, चौथे दिन छबीना श्रृंगार, पांचवें दिन होलकर श्रृंगार, छठा दिन मनमहेश श्रृंगार, सातवें दिन उमा महेश श्रृंगार, आठवें दिन शिवतांडव श्रृंगार और नौवें दिन सप्त धान्य श्रृंगार में महाकालेश्वर दर्शन देंगे।
11 ब्राह्मण करेंगे रुद्रपाठ, उसके बाद भोग आरती
महाशिवरात्रि पर्व के अंतर्गत मंदिर के पुजारी महाकालेश्वर का पंचामृत अभिषेक करेंगे। उसके बाद 11 ब्राह्मण रुद्रपाठ करेंगे। विशेष पूजन का यह क्रम दोपहर 11 बजे तक जारी रहेगा। उसके बाद भगवान का जलाभिषेक किया जाएगा। दोपहर 12 बजे भोग आरती की जाएगी। पूजन, अर्चन का यह क्रम महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा।
शक्तिपीठ होने से नवरात्रि की तरह शिवनवरात्रि का उत्सव
ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर की पूजन परंपरा के अंतर्गत जिस प्रकार देवी की आराधना के लिए नवरात्रि मनाई जाती है। उसी प्रकार शक्तिपीठ होने से यहां शिवनवरात्रि का उत्सव मनाया जाता है। पुजारी आशीष गुरु के अनुसार इन नौ दिनों में महाकालेश्वर का नौ अलग-अलग प्रकार से शृंगार और पूजन का विधान है। 17 फरवरी को सुबह 8 बजे मंदिर के पुजारी कोटितीर्थ कुंड के समीप स्थित श्री कोटेश्वर महादेव का अभिषेक पूजन कर उनकी जलाधारी पर हल्दी व चंदन लगाएंगे। एक घंटे की विशेष पूजा के बाद भगवान वीरभद्र का पूजन किया जाएगा।
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