हाईवे पर अंधेरे की वजह से हो रही दुर्घटनाओं को लेकर इंदौर पुलिस ने एनएचएआई को लेटर भी लिखा है, लेकिन अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। …और पढ़ें
HighLights
- पुलिस अफसरों ने एनएचएआई को पांच पत्र लिखे पर नहीं जागे अफसर
- हर ब्रिज और ब्लैक स्पाट पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था होना चाहिए
- रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड और वार्निंग संकेत लगाना भी आवश्यक है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बिचौली हप्सी (बायपास) पर मंगलवार रात फिर हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक खड़े ट्रक में घुस गया। हादसा अंधेरे के कारण हुआ है। अब तक इस ब्लैक स्पाट पर 15 से ज्यादा हादसे हो चुके हैं। इनमें पांच की मौत हो चुकी है। इस मामले में टीआई और एसीपी ने नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को पत्र भी लिखे लेकिन अधिकारियों की नींद नहीं खुली।
कनाड़िया टीआई डॉ. सहर्ष यादव के अनुसार मंगलवार रात करीब दो बजे बिचौली हप्सी क्षेत्र में एक्सीडेंट की सूचना मिली थी। ट्रक (एमपी 09 डीयू 8716) खराब हो गया था। चालक ने ब्रिज के समीप ट्रक खड़ा कर दिया था। नेमावर की ओर से आ रहा सफेद रंग का ट्रक (एमपी 09 एबी 9777) टकरा गया। चालक ट्रक के केबिन में ही फंसा रहा गया। ग्रामीण, एफआरवी, एंबुलेंसकर्मियों की मदद से चालक को निकाला और अस्पताल भिजवाया।
अंधेरे के कारण हो या हादसा
टीआई के अनुसार खराब ट्रक के चालक ने साइनेज लगाए थे लेकिन अंधेरे के कारण दूसरे ट्रक को नजर नहीं आया। हाईवे के कारण ट्रक तेज रफ्तार में आ रहा था। खराब ट्रक में सीमेंट की बोरियां भरी थीं। पुलिस ने दूसरे ट्रक और क्रेन की मदद ली लेकिन ट्रक हिल भी नहीं पाया। पुलिस के अनुसार इस ब्लैक स्पाट को लेकर एनएचएआई को पत्र लिखे हैं। बुधवार को हुई घटना को गंभीरता से लिया और एसीपी कुंदन मंडलोई द्वारा पुन: पत्राचार किया गया।
क्रेन और एंबुलेंस के लिए संघर्ष करती है पुलिस
हाईवे पर एनएचएआई की क्रेन तो दूर एंबुलेंस तक नहीं है। पुलिस को अपने स्तर पर ही प्रयास करने होते हैं। टीआइ के अनुसार क्रेन कनाड़िया गांव या तेजाजी नगर से बुलवाई जाती है। देर रात होने वाली घटनाओं में तो पुलिस का काफी वक्त खराब होता है। ट्रांसपोर्टर और चालक आने से इनकार कर देते हैं। कभी प्रति घंटा किराया तो कभी डीजल की शर्त पर क्रेन मौके पर आती है। एंबुलेंस के लिए भी इसी तरह की मशक्कत करना होती है।
ब्लैक स्पाट और ब्रिज पर जरूरी है लाइट
- हर ब्रिज और ब्लैक स्पाट पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था होना चाहिए।
- रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड और वार्निंग संकेत लगाना भी आवश्यक है।
- खतरनाक स्थानों पर स्पीड कंट्रोल और कैट आई, रोड मार्किंग की व्यवस्था होना चाहिए।
- खराब या खड़े वाहनों के लिए तत्काल अलर्ट सिस्टम और पेट्रोलिंग भी होना चाहिए।
इन हादसों के बाद भी नहीं जागा एनएचएआई
- बायपास पर कार चालक दंपती की मौत हो गई। होटल पार्क से लौट रहे दंपती की कार आगे चल रहे ट्रक में घुसी थी। अंधेरे के कारण वह अंदाजा नहीं लगा पाए।
- बाइक सवार दो युवक खड़े ट्रक में घुस गए। एक युवक के सिर का आधा हिस्सा अलग हो गया।
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