डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ चेतावनी के बाद Apple ने चीन के बजाय भारत से iPhone निर्यात बढ़ा दिए हैं। मार्च-मई 2025 में भारत से 97% iPhone अमेरिका भेजे गए। यह ‘मेक इन इंडिया’ के लिए बड़ी उपलब्धि है और भारत को स्मार्टफोन निर्यात का नया केंद्र बना रहा है।
By Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 13 Jun 2025 04:34:49 PM (IST)
Updated Date: Fri, 13 Jun 2025 04:41:32 PM (IST)

HighLights
- मार्च-मई में भारत से 3.2 अरब डॉलर निर्यात
- 97% iPhone अमेरिका भेजे गए
- ट्रंप ने टैरिफ में बढ़ोतरी की चेतावनी दी
एजेंसी, न्यूयॉर्क। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ चेतावनी अब उन्हीं के देश के लिए उलटी पड़ती नजर आ रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार मार्च से मई 2025 के बीच भारत में बनाए गए सभी आईफोन अमेरिका भेजे गए।
भारत से अमेरिका को हुए ये निर्यात 2024 की तुलनामें लगभग दोगुने (97%) रहे। यह एप्पल की रणनीति में बड़ा बदलाव है। कंपनी अब चीन पर निर्भरता कम कर भारत से अमेरिकी बाजार की आपूर्ति करने लगी है।
भारत से अमेरिका को भेजे 3.2 अरब डॉलर के आईफोन
रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च से मई 2025 के बीच भारत से कुल 3.2 अरब डॉलर के आईफोन भेजे गए हैं, जिनमें से 97 प्रतिशत अमेरिका गए थे। मई 2025 में अमेरिका को भेजे गए आईफोन का मूल्य लगभग 1 अरब डॉलर था, जो मार्च 2025 में रिकॉर्ड 1.3 अरब डॉलर के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
यह आंकड़े पहली बार सामने आए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भारत अब आईफोन उत्पादन व निर्यात के लिहाज से एक अहम केंद्र बनता जा रहा है।
चीन पर भारी पड़ेगा टैरिफ
ट्रंप की नाराजगी पर Apple ने नहीं बदला रुख
- Apple के भारत में उत्पादन बढ़ाने के फैसले पर ट्रंप ने मई में नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि हमें आपकी भारत में फैक्ट्री नहीं चाहिए। भारत अपनी देखभाल खुद कर सकता है। हमें उत्पादन अमेरिका में चाहिए।
- ट्रंप की बातों को नजरअंदाज करते हुए एप्पल ने भारत से अमेरिकी बाजार की आपूर्ति बढ़ा दी है। जनवरी से मई 2025 के बीच भारत से अमेरिका को 4.4 अरब डॉलर के आईफोन भेजे गए, जबकि पूरे 2024 में यह आंकड़ा 3.7 अरब डॉलर था।
Apple ने भारत सरकार से कस्टम क्लियरेंस तेज करने की मांग की
एप्पल ने चेन्नई हवाई अड्डे पर आईफोन की कस्टम क्लियरेंस प्रक्रिया को 30 घंटे से घटाकर 6 घंटे करने की मांग की है। तमिलनाडु का यह हवाई अड्डा आईफोन निर्यात का मुख्य केंद्र बन चुका है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक प्राचीर सिंह के अनुसार 2025 में वैश्विक आईफोन शिपमेंट का 25-30 प्रतिशत भारत में निर्मित डिवाइसों से होगा, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 18 प्रतिशत था।
‘मेक इन इंडिया’ को मिली बड़ी मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को इस बढ़ते आईफोन निर्यात से बड़ा बल मिला है। हालांकि अभी भी भारत में मोबाइल फोन के पुर्जों पर अन्य देशों की तुलना में अधिक शुल्क लगता है, जिससे उत्पादन महंगा होता है। इसके बावजूद भारत ने दुनिया को यह संदेश दे दिया है कि वह चीन का विकल्प बन सकता है।
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