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दिल-आत्मा बैंगलोर के साथ, अब चैन से सो पाऊंगा- कोहली:कप्तान पाटीदार बोले- ई साला कप नमदू; क्रुणाल की बॉलिंग टर्निंग पॉइंट रही- श्रेयस

दिल-आत्मा बैंगलोर के साथ, अब चैन से सो पाऊंगा- कोहली:कप्तान पाटीदार बोले- ई साला कप नमदू; क्रुणाल की बॉलिंग टर्निंग पॉइंट रही- श्रेयस

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स्पोर्ट्स डेस्क22 मिनट पहले

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RCB ने अपना पहला IPL टाइटल जीता।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में अपना पहला टाइटल जीत लिया। टीम ने मंगलवार को फाइनल में पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 रन से हराया। मैच के बाद RCB के कप्तान ने फैंस के लिए कन्नड़ भाषा में ‘ई साला कप नमदू’ कहा, यानी इस साल कप हमारा हो गया। वहीं विराट कोहली ने कहा, दिल, आत्मा बैंगलोर के साथ हैं, अब मैं चैन से सो पाऊंगा।

स्टोरी में जानिए मैच के बाद प्लेयर्स ने क्या कहा…

ई साला कप नमदू- रजत पाटीदार

ट्रॉफी जीतने के बाद RCB के कप्तान रजत पाटीदार ने कहा, यह पल मेरे, विराट और सभी फैंस के लिए बहुत खास है। इतने सालों से जो सपोर्ट कर रहे हैं, वे सभी इस जीत के हकदार हैं। क्वालिफायर के बाद हमें यकीन हो गया था कि हम ट्रॉफी जीत सकते हैं। इस पिच पर 190 का स्कोर अच्छा था, क्योंकि पिच थोड़ी धीमी थी।

गेंदबाजों ने जो प्लान बनाया था, उसे देखना शानदार रहा। क्रुणाल विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं, जब भी विकेट चाहिए होता है, मैं उन्हीं की तरफ देखता हूं। सुयश और हमारे पेसर्स पूरे सीजन अच्छे रहे। शेफर्ड ने आज एक अहम विकेट लिया। मेरे लिए कप्तानी करना बड़ा मौका और सीखने का अनुभव रहा, और विराट भाई इसे (ट्रॉफी) ज्यादा डिजर्व करते हैं। मैं सभी फैंस से बस एक बात कहना चाहता हूं, ‘ई साला कप नमदू’ (इस साल कप हमारा हुआ)।

ट्रॉफी के साथ RCB के कप्तान रजत पाटीदार।

ट्रॉफी के साथ RCB के कप्तान रजत पाटीदार।

जीत के बाद विराट कोहली का इंटरव्यू

  • मैंने अपनी जवानी इस टीम को दी: यह जीत जितनी हमारी टीम के लिए है, उतनी ही हमारे फैंस के लिए भी है। पूरे 18 साल हो गए हैं। मैंने अपनी जवानी, अपना बेस्ट समय और अनुभव इस टीम को दे दिया। हर साल जीतने की कोशिश की, अपना सबकुछ झोंक दिया। अब जाकर ये ट्रॉफी मिली, यह एहसास शब्दों से परे है। मुझे नहीं लगा था कि ये दिन कभी आएगा। आखिरी गेंद के बाद मैं भावनाओं में बह गया। मैंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और आज जो महसूस हो रहा है, वह कमाल का है।
  • एबी ने बेमिसाल काम किया: एबी डिविलियर्स ने जो काम इस फ्रेंचाइजी के लिए किया है, वो बेमिसाल है। मैंने उनसे भी कहा, ‘ये जीत जितनी हमारी है, उतनी ही आपकी भी है। आकर हमारे साथ जश्न मनाओ।’ रिटायर होने के 4 साल बाद भी वे टीम के लिए सबसे ज्यादा ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने वाले प्लेयर हैं, जो दिखाता है कि उन्होंने इस टीम, इस लीग और मेरी जिंदगी पर कितना असर डाला है। वे इस ट्रॉफी के साथ मंच पर होने के हकदार हैं।
विराट कोहली ने फाइनल जीतने के बाद एबी डिविलियर्स को गले से लगा लिया।

विराट कोहली ने फाइनल जीतने के बाद एबी डिविलियर्स को गले से लगा लिया।

  • टीम ने हमेशा साथ दिया: अगर पूछा जाए कि ये मेरे करियर का कितना बड़ा पल है, तो ये सबसे ऊपर है। जैसा मैंने कहा, मैंने 18 साल इस टीम को दिए, हमेशा इसके साथ जुड़ा रहा, कभी नहीं छोड़ा। कई बार लगा कि कुछ और सोचूं, लेकिन मैंने इस टीम का साथ नहीं छोड़ा और इसने भी मेरा साथ दिया। हमेशा सपना देखा था कि इसी टीम के साथ जीतूं, इसलिए ये जीत किसी और टीम के साथ जीतने से कहीं ज्यादा खास है।
अनुष्का शर्मा के साथ मजाकिया पोज में विराट कोहली।

अनुष्का शर्मा के साथ मजाकिया पोज में विराट कोहली।

  • दिल, आत्मा बैंगलोर के साथ: मेरा दिल और आत्मा बैंगलोर के साथ हैं और जब तक IPL खेलूंगा, सिर्फ इसी टीम के लिए खेलूंगा। IPL एक बहुत ही हाई लेवल, हाई इंटेंसिटी टूर्नामेंट है। मैं हमेशा बड़ी ट्रॉफी जीतना चाहता था और यही एक अधूरी ट्रॉफी थी। आज रात मैं चैन से सो पाऊंगा।
  • करियर का अंत एक दिन आना ही है: मुझे ये खेल खेलने का मौका ज्यादा समय तक नहीं मिलेगा। करियर का अंत एक दिन आना ही है, जब मैं रिटायर हो जाऊं, तो मैं खुद से बस यही कहना चाहूंगा कि मैंने सबकुछ दे दिया। मैं हमेशा सुधार की कोशिश करता हूं। मैं सिर्फ इम्पैक्ट प्लेयर बनकर नहीं खेल सकता, मुझे पूरे 20 ओवर फील्डिंग करनी होती है, टीम के लिए कुछ खास करना होता है।
अनुष्का शर्मा और IPL ट्रॉफी के साथ विराट कोहली।

अनुष्का शर्मा और IPL ट्रॉफी के साथ विराट कोहली।

  • ऑक्शन के बाद टीम पर सवाल उठे: भगवान ने मुझे टैलेंट और नजरिया दिया है। इस सीजन में हमारी टीम, मैनेजमेंट और खिलाड़ी शानदार रहे। ऑक्शन के बाद बहुत सवाल उठे थे, लेकिन हम पहले दिन से खुश थे। हमने अपनी टीम पर भरोसा रखा और मैं पूरी टीम को सलाम करना चाहता हूं। ये जीत सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि हर खिलाड़ी, फैमिली और सपोर्ट स्टाफ की है। मैनेजमेंट ने हमेशा हमें पॉजिटिव बनाए रखा, खासकर जब मुश्किल समय था। ये जीत पूरे बैंगलोर की है।
  • टेस्ट क्रिकेट से बड़ा कुछ नहीं: ये पल मेरे करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है, लेकिन फिर भी टेस्ट क्रिकेट के मुकाबले पांच पायदान नीचे है। मैं टेस्ट क्रिकेट को बहुत ज्यादा मानता हूं और उससे प्यार करता हूं। मैं सभी युवाओं से कहना चाहूंगा कि टेस्ट क्रिकेट का सम्मान करें। अगर आप टेस्ट क्रिकेट में अच्छा करते हैं, तो दुनिया के किसी भी कोने में लोग आपकी आंखों में आंखें डालकर कहेंगे तुमने खेल को सही तरीके से खेला। अगर आप क्रिकेट की दुनिया में असली इज्जत चाहते हैं, तो टेस्ट क्रिकेट को दिल से अपनाइए। यही रास्ता है क्रिकेट के असली लीजेंड्स के साथ खड़े होने का।

क्रुणाल की बॉलिंग टर्निंग पॉइंट रही- श्रेयस अय्यर

फाइनल हारने के बाद पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, थोड़ा निराश हूं, लेकिन जिस तरह हमारी टीम मौके पर खड़ी हुई, उसके लिए मैनेजमेंट और हर एक खिलाड़ी को श्रेय जाता है। पिछला मैच जो हमने यहां खेला था, उसे देखते हुए मुझे लगा कि 200 रन का स्कोर ठीक रहेगा, लेकिन उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी की।

क्रुणाल ने शानदार अनुभव दिखाया, वही मैच का टर्निंग पॉइंट था। मैं अपनी टीम के हर खिलाड़ी पर गर्व महसूस करता हूं, कई युवाओं ने अपना पहला सीजन खेला और उनका बेखौफ खेल शानदार रहा। काम अभी अधूरा है, हमें अगले साल ट्रॉफी जीतनी है। हर मैच में टीम का जो जोश था, वो बड़ी बात थी। सभी को इस सीजन से अच्छा अनुभव मिला है और हम अगले साल इससे बेहतर कर सकते हैं।

मैच के बाद श्रेयस अय्यर और विराट कोहली हाथ मिलाते हुए।

मैच के बाद श्रेयस अय्यर और विराट कोहली हाथ मिलाते हुए।

मैं सिचुएशन को समझकर खेलता हूं: क्रुणाल पंड्या

प्लेयर ऑफ द फाइनल क्रुणाल पंड्या ने कहा, जब हमने बल्लेबाजी की, तब हमें लगा कि जितना धीमा डालो, उतना फायदेमंद है। इस फॉर्मेट में ऐसा करने के लिए हिम्मत चाहिए होती है। मैंने खुद पर भरोसा किया, सोचा कि अपनी स्पीड बदलूंगा और ज्यादातर गेंदें धीमी रखूंगा।

मेरी सबसे बड़ी ताकत यही रही है कि मैं सिचुएशन को समझकर खेलता हूं। मुझे पता था कि विकेट लेने के लिए आज हिम्मत दिखानी होगी, और वो मैं धीमी गेंदबाजी से कर सकता हूं। अगर तेज डालते तो ये पिच बल्लेबाजों के लिए अच्छी हो जाती, लेकिन मिक्स करके डालना उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर देता है। दूसरी पारी में पिच थोड़ी आसान हो गई थी।

RCB के साथ अब तक का सफर बहुत अच्छा रहा है। पहले दिन ही मैंने कहा था कि ट्रॉफी जीतनी है। मैंने हार्दिक से भी कहा था कि पंड्या परिवार के पास अब 11 साल में 9 ट्रॉफी होंगी।

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