नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। होम्योपैथी से इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या में हर वर्ष बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। खास बात है कि युवा वर्ग और एलीट क्लास के लोग होम्योपैथी की ओर इसलिए शिफ्ट हो रहे हैं क्योंकि लोगों में जागरूकता बढ़ने लगी है कि होम्योपैथिक दवाओं के कोई साइड-इफेक्ट्स नहीं होते हैं।
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार के बाद कई मरीजों को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स का लगातार गिरना। कीमोथेरेपी या अन्य उपचारों के बाद जब रक्त की स्थिति कमजोर हो जाती है, तब कई मरीजों का उपचार बीच में ही रोकना पड़ता है। ऐसे मरीजों को होम्योपैथी से बेहतर उपचार मिलता है।
ऑटोइम्यून और जटिल बीमारियों में कारगर
विशेषज्ञों के मुताबिक जटिल और असाध्य बीमारियों का इलाज भी इससे होने लगा है। ल्यूपस, मल्टीपल स्केलेरोसिस, रुमेटीइड गठिया जैसी 80 से अधिक प्रकार की ऑटोइम्यून बीमारियां हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करती हैं; इनका इलाज भी होम्योपैथी से होने लगा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना महामारी के बाद लोगों का रुझान आयुर्वेद, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर तेजी से बढ़ा है। खासतौर पर होम्योपैथी को लेकर जागरूकता में इजाफा हुआ है। आयुष मंत्रालय के अंतर्गत इसे शामिल करने से भी लोग इसकी ओर बढ़ रहे हैं।
स्लिप डिस्क और यूरिन इन्फेक्शन में राहत
विशेषज्ञों के मुताबिक आज के समय में स्लिप डिस्क, बार-बार होने वाला यूरिन इन्फेक्शन, ग्रीष्म ऋतु में बढ़ने वाली पेशाब की समस्या और पथरी जैसी बीमारियां सामान्य होती जा रही हैं। कई बार इलाज अस्थायी राहत देता है, लेकिन समस्या पुनः लौट आती है।
इन परिस्थितियों में होम्योपैथी के इलाज से मरीजों को लाभ मिल रहा है। स्लिप डिस्क के मरीजों में दर्द और जकड़न में कमी आने लगती है, वहीं यूरिन इन्फेक्शन, पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना और गर्मी में बढ़ने वाली समस्याओं में भी राहत मिलती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है उपचार
होम्योपैथी का उपचार केवल लक्षणों को दबाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर की आंतरिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत कर रोग के मूल कारण पर कार्य करता है। यही वजह है कि कई मरीज, जो बार-बार बीमारी के लौटने से परेशान थे, अब स्थायी राहत और बेहतर जीवन गुणवत्ता का अनुभव कर रहे हैं।
डायबिटीज में यह ब्लड शुगर नियंत्रित करती है और थकान में राहत देती है। उच्च रक्तचाप में तनाव कम कर नींद की गुणवत्ता सुधारती है। थायराइड में हार्मोन संतुलन और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है, जबकि साइनस में बंद नाक और सिरदर्द से राहत मिलती है।
विशेषज्ञों की राय
डॉ. एके द्विवेदी (होम्योपैथिक चिकित्सक) के अनुसार, होम्योपैथी से इलाज करवाने वाले मरीजों की संख्या हर वर्ष बढ़ रही है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में इस पैथी से मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है। इंदौर के साथ ही देशभर में इसे लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
बोन मैरो की गंभीर बीमारी ‘अप्लास्टिक एनीमिया’ का भी सफल इलाज होम्योपैथी द्वारा संभव हो सका है। वहीं, डॉ. शैलेष गोरानी का कहना है कि होम्योपैथी का बड़ा फायदा यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। लोगों में यह भ्रांति थी कि यह धीमा उपचार है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।
Source link
#न #सइड #इफकट #न #सरजर #क #डर #अपरल #क #हमयपथ #दवस #पर #पढ #वशष #पशकश #जनय #इसक #फयद

_202649_192643_m.webp?ssl=1)

Post Comment