टिकट काउंटर में भर गया पानी
अनारक्षित टिकट काउंटर के सामने रेलवे द्वारा नया पोर्च बनाया गया है। टिकट काउंटर को भी नया लुक दिया गया है लेकिन बारिश में टिकट काउंटर की छत से भारी पानी टपकता रहा और यह पानी फर्श पर जमा हो गया। काउंटर के अंदर पानी भरे होने के बीच रेलवे कर्मचारी टिकटों की बिक्री करते नजर आए। इस दौरान यहां लगी मशीनरी व इलेक्ट्रिक सामान पर भी पानी टपकता रहा। अपनी जान जोखिम में डालकर कुर्सियों के ऊपर पैर बचाकर खुद को करंट से बचाने में कर्मचारी जुटे रहे।
नवनिर्मित पोर्च का हुआ बुरा हाल
स्टेशन के बाहर प्लेटफार्म क्रमांक 2 की तरफ रेलवे द्वारा पोर्च का विस्तार किया गया है। इसके लिए पुराने पोर्च को तोडकर अब करीब 40 फीट ऊंचा नहीं पोर्च बनाया गया है। बारिश का पानी इन पोर्च में भी टपकता रहा। सैकड़ों की संख्या में यात्री फिसलन भरे पोर्च से होकर गुजरते रहे तो कई यात्री यहां चिकना पत्थर होने के कारण फिसलकर गिरे। टिकट काउंटर के बाहर टपक रहा बारिश का पानी पोर्च में बहता नजर आया।
नई सडक़ों से आवागमन हुआ मुश्किल

सर्कुलेटिंग एरिया में रेलवे द्वारा सौंदर्यीकरण करते हुए नई सडक़ों का निर्माण किया गया है और डिवाइडर बनाए गए है। बारिश के पानी की निकासी के इंतजाम न होने के कारण बरही रोड की तरफ के प्रवेश द्वार के लिए बनी दोनों ओर की सडक़ पर पानी जमा हो गया, जिसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री दूसरी तरफ से आवागमन कर स्टेशन पहुंचे।
पहली बारिश से तरबतर हुआ शहर
रविवार को दिनभर तेज धूप और भीषण गर्मी के बाद देरशाम आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। गरज चमक के साथ प्री-मानसून ने दस्तक दी और करीब दो घंटे तक हुई बारिश ने शहर को तरबतर कर दिया। लंबे अर्से से बारिश का इंतजार कर रहे शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली। उमरियापान, ढीमरखेड़ा, बरही व स्लीमनाबाद क्षेत्र में भी जोरदार बारिश हुई, जिसके चलते सडक़ों पर पानी जमा हो गया।
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