दरअसल, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मान्यता है कि मांगलिक कन्या का विवाह मांगलिक वर से ही कराना चाहिए। ऐसा करने से कुंडली में स्थित मंगल दोष निष्प्रभाव हो जाता है और वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है।
जब किसी भी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह पहले, चौथे, सातवें, आठवें या बारहवें भाव में हो, तो ये मांगलिक दोष कहलाता है। इसका गहरा प्रभाव वैवाहिक जीवन पर पड़ता है। इस दोष के चलते तलाक, लड़ाई-झगड़े या जीवनसाथी की बीमारी तक हो सकती है।
यदि लड़की या लड़के कुंडली में मंगल दोष हो और दूसरे पक्ष की कुंडली में न हो तो दांपत्य जीवन में टकराव, दूरी और मानसिक तनाव जैसे परिणाम देखे जा सकते हैं।
क्या हैं मंगल दोष के उपाय
मंगल दोष (Mangal Dosh) के प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार के दिन व्रत रखें और हनुमान जी मंदिर में जाकर बूंदी का प्रसाद बांटे। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें। मंगल ग्रह की शांति के लिए तीन मुखी रुद्राक्ष या फिर मूंगा रत्न धारण करने से लाभ मिल सकता है। नोट: ज्योतिषी के परामर्श से धारण करने पर उचित रहेगा। कुंडली में मंगल दोष है तो शादी से पहले नीम का पेड़ लगाएं और 43 दिनों तक कम से कम पेड़ की देखरेख करें। इससे भी मंगल दोष दूर हो जाता है।
उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में होती है पूजा
यदि कुंडली में मंगल की स्थिति खराब होती है तो दांपत्य जीवन में कलह की स्थिति बनी रहती है। मंगलदोष से पीड़ित लोग उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में भात पूजा कराते हैं। मंदिर की मान्यता है कि पूजा से मंगलदेव प्रसन्न होते हैं और मांगलिक लोगों की कुंडली में दूर होने वाली दिक्कतों को दूर करते हैं।
सोनम से मेघालय में होगी पूछताछ, सखी-वन स्टॉप सेंटर पहुंची पुलिस, शक के दायरे में गोविंद
पिता की फैक्ट्री का नौकर निकला ‘सोनम का लवर’, 5 साल छोटे प्रेमी ने कैसे रची साजिश…
नोट: इस खबर में दी गई जानकारी, ज्योतिषाचार्य से बात करके लिखी गई है। किसी घटना या लाभ-हानि का होना संयोग है। patrika.com ऐसी किसी भी बात समर्थन नहीं करता। यह केवल जानकारी के लिए है।
Source link
#रज #क #परवर #स #कडल #मलन #म #ह #गई #बड #चक #सनम #क #कडल #म #नकल #य #दष #Meghalaya #Murder #Mystery #Major #Mistake #Horoscope #Matching #raja #family #Defect #Sonam #Horoscope



Post Comment