इंदौर के 77 वर्षीय आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेंद्र झा ने 45 वर्षों तक गांवों में साइकिल से पहुंचकर निस्वार्थ सेवा की। आज भी वे समर्पण के साथ मरीजों का इ …और पढ़ें
HighLights
- 45 वर्षों तक गांवों में साइकिल से सेवा देते रहे
- मरीजों से कभी तय फीस नहीं ली, सेवा भाव रखा
- बरसात में भी पैदल पहुंचकर इलाज करते रहे डॉक्टर
विनय यादव, नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जब इलाज महंगा होता जा रहा है और स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर संसाधनों से जुड़कर आंकी जाती हैं, ऐसे समय में कुछ लोग इस धारणा को बदलने का काम करते हैं। इंदौर के 77 वर्षीय आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेंद्र झा ऐसे ही व्यक्तित्व हैं, जिनके लिए चिकित्सा केवल पेशा नहीं है। यह सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदना का माध्यम है। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर उनका जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि असली स्वास्थ्य सेवा वह है, जो हर जरूरतमंद तक बिना भेदभाव पहुंचे।
45 वर्षों तक साइकिल से तय किया सेवा का सफर
वर्ष 1975 से 2020 तक करीब 45 वर्षों तक डॉ. झा ने इंदौर से हातोद के पास स्थित कमलेर और आसपास के गांवों तक रोजाना लगभग 17 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया। यह सफर केवल दूरी का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और सेवा भाव का प्रतीक था। 1971 में बीएएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने शहर में प्रैक्टिस करने के बजाय गांवों को अपनी सेवा का केंद्र बनाया, क्योंकि उनका मानना था कि असली जरूरत वहीं है, जहां सुविधाएं कम हैं।
बिना फीस के भी किया इलाज, सेवा को रखा सर्वोपरि
डॉ. झा की सेवा का सबसे मानवीय पहलू यह रहा कि उन्होंने कभी अपनी फीस तय नहीं की। मरीज अपनी क्षमता के अनुसार जो दे पाता, वही उनके लिए पर्याप्त होता। कई बार लोग कुछ भी नहीं दे पाते, तब भी उनका इलाज पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया जाता। उनके लिए मरीज का दर्द कम होना ही सबसे बड़ा प्रतिफल रहा।
मुश्किल हालात में भी नहीं रुका सेवा का सिलसिला
बरसात के दिनों में जब रास्ते कीचड़ और पानी से भर जाते थे, तब भी उनकी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आता। कई बार साइकिल छोड़कर उन्हें पैदल ही गांव तक पहुंचना पड़ता, लेकिन सेवा का संकल्प कभी कमजोर नहीं पड़ा। यह उनके मानवीय दृष्टिकोण और कर्तव्यनिष्ठा का जीवंत उदाहरण है।
आज भी जारी है सेवा का मिशन
- कोरोना काल के बाद भले ही उन्होंने गांव जाना बंद कर दिया हो, लेकिन सेवा का सिलसिला आज भी जारी है। वर्तमान में वे इंदौर के राजनगर स्थित क्लिनिक में सुबह और बड़ा गणपति क्षेत्र में शाम को मरीजों का उपचार करते हैं। गांवों से आने वाले लोग आज भी उनके पास पहुंचते हैं, जहां उन्हें वही आत्मीयता और समर्पण मिलता है।
- डॉ. महेंद्र झा का जीवन यह संदेश देता है कि चिकित्सा का वास्तविक अर्थ केवल इलाज नहीं, बल्कि इंसान तक पहुंचना और उसे राहत देना है। उनके लिए यह पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी और सेवा का संकल्प है।
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