इंदौर संभाग में हाईकोर्ट के आदेश से 1 जनवरी 2025 के बाद अस्थायी परमिट बंद होने से थमे बसों के पहिए अब फिर घूमेंगे। …और पढ़ें
HighLights
- 1 जनवरी के बाद अस्थायी परमिट जारी न होने से कई बसें बंद
- स्थायी परमिट मिलने से विभिन्न मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ेगी
- बस ऑपरेटरों का कहना है अस्थाई परमिट न मिलने से परेशानी थी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर संभाग में लंबे समय से अस्थायी परमिट के अभाव में बंद पड़ी बसों के संचालन को लेकर अब राहत भरी खबर सामने आई है। परिवहन विभाग ने अस्थायी परमिट पर लगी रोक हटने के बाद इन बसों को स्थायी परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इससे बंद हो चुकी करीब 200 बसें फिर से सड़कों पर दौड़ सकेंगी और विभिन्न रूटों पर यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी। इस सुविधा से यात्रियों को अवागमन के बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।
दरअसल हाईकोर्ट के आदेश के चलते 1 जनवरी 2025 के बाद से प्रदेश में अस्थायी परमिट जारी नहीं किए जा रहे थे। इसका असर यह हुआ कि जिन बसों के परमिट की अवधि समाप्त हो गई, उनका संचालन बंद हो गया। कई बस ऑपरेटर मजबूरी में विवाह या अन्य अस्थायी परमिट के सहारे बसें चला रहे थे, जबकि कुछ ने संचालन पूरी तरह बंद कर दिया था।
पौने तीन सौ बसों को स्थायी परमिट देने की प्रक्रिया जारी
अब रोक हटने के बाद परिवहन विभाग इन बसों को स्थाई परमिट दे रहा है। इंदौर संभाग में भी लगभग पौने तीन सौ बसों को स्थायी परमिट मिलने की प्रक्रिया जारी है, जिससे विभिन्न मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।
बस ऑपरेटरों का कहना है कि अस्थाई परमिट जारी नहीं होने से कई बसों के पहिए थम गए थे। अब स्थायी परमिट मिलने से न केवल बस आपरेटरों की परेशानी दूर होगी, बल्कि बंद पड़ी करीब 25 प्रतिशत बसें भी फिर से सड़कों पर लौट आएंगी।
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