यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ने आईआईटी के प्रोफेसरों और ट्रैफिक मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स की मदद लेने का फैसला किया है। विशेषज्ञों ने उस पर …और पढ़ें
HighLights
- पुलिस ने भमौरी-तीन इमली सहित दस चौराहों की सूची सौंपी
- इंजीनियरिंग और बल पर भी रिपोर्ट बनाएंगे विशेषज्ञ
- विशेषज्ञों की मदद से दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ट्रैफिक के बढ़ते दबाव और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक समाधान तलाश रही है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस ने आईआईटी के प्रोफेसरों और ट्रैफिक मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स की मदद लेने का फैसला किया है। विशेषज्ञों ने उस पर स्टडी करना शुरु कर दिया है।
डीसीपी (ट्रैफिक) राजेश त्रिपाठी के अनुसार जिन चौराहों पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक दबाव रहता है, वहां अब विशेषज्ञों द्वारा स्टडी की जाएगी। इसके लिए पुलिस ने 10 प्रमुख और संवेदनशील चौराहों की सूची तैयार कर विशेषज्ञों को सौंपी है। इन चौराहों पर सुबह से रात तक वाहनों की आवाजाही, ट्रैफिक फ्लो, सिग्नल सिस्टम, सड़क की चौड़ाई, कट और यू-टर्न, पार्किंग व्यवस्था, अतिक्रमण और आसपास चल रहे निर्माण कार्यों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
चौड़ी सड़क पर भी लगा रहता है जाम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कई चौराहों पर सड़क चौड़ी होने के बावजूद जाम की समस्या बनी रहती है। कहीं सिग्नल टाइमिंग ट्रैफिक के अनुरूप नहीं है तो कहीं अवैध पार्किंग और गलत दिशा से आने वाले वाहन परेशानी बढ़ा रहे हैं। कुछ स्थानों पर विकास कार्यों और अधूरी सड़क डिजाइन के कारण भी ट्रैफिक बाधित हो रहा है। ऐसे में आइआइटी के विशेषज्ञ हर पहलू का तकनीकी विश्लेषण करेंगे।
वाहनों का दबाव कैसे कम किया जा सकता है
विशेषज्ञ यह भी देखेंगे कि किन चौराहों पर फ्लाईओवर, अंडरपास, फ्री लेफ्ट टर्न, स्मार्ट सिग्नल या वन-वे व्यवस्था जैसे विकल्प कारगर हो सकते हैं। इसके अलावा ट्रैफिक इंजीनियरिंग के आधार पर यह सुझाव भी दिए जाएंगे कि सड़क डिजाइन में किस तरह बदलाव कर वाहन दबाव कम किया जा सकता है।
आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा
बताया जा रहा है कि रिसर्च के दौरान आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। ड्रोन सर्वे, ट्रैफिक डेटा एनालिसिस, पीक आवर स्टडी और वाहन घनत्व की मानिटरिंग के जरिए यह समझने की कोशिश होगी कि किस समय और किन कारणों से जाम की स्थिति सबसे ज्यादा बनती है।
विशेषज्ञों की मदद से दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है
अफसरों का मानना है कि पारंपरिक तरीकों से ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से अब तकनीकी संस्थानों और विशेषज्ञों की मदद लेकर दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है। अध्ययन रिपोर्ट आने के बाद नगर निगम, आईडीए और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सुधार कार्यों को लागू किया जाएगा। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो आने वाले समय में इंदौर की यातायात व्यवस्था अधिक स्मार्ट और व्यवस्थित हो सकती है। साथ ही रोजाना घंटों जाम में फंसने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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