इंदौर और खरगोन में मिलावटी हल्दी से चार दुल्हा-दुल्हनों के गंभीर बीमार होने और खरगोन में दुल्हन की मौत के बाद भी इसकी जांच और रोकथाम को लेकर प्रशासन न …और पढ़ें
HighLights
- सप्लायर नेटवर्क और बाजार स्तर पर नहीं हुई सख्त कार्रवाई
- चार लोग गंभीर बीमार पड़ चुके और एक युवती की हो चुकी है मौत
- खरगोन में दुल्हन की मौत के बाद भी जांच और रोकथाम को लेकर प्रशासन निष्क्रिय
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। खुशियों से भरे विवाह समारोहों में शुभता और सौंदर्य वृद्धि के लिए लगाई जाने वाली हल्दी मिलावटी होकर कुछ परिवारों के लिए दुख का कारण बन गई। इंदौर और खरगोन में मिलावटी हल्दी से चार दुल्हा-दुल्हनों के गंभीर बीमार होने और खरगोन में दुल्हन की मौत के बाद भी इसकी जांच और रोकथाम को लेकर प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है।
प्रशासनिक कार्रवाई बेहद धीमी और दिखावटी नजर आ रही है। इंदौर में मामला सामने आने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने खाद्य विभाग को जांच के निर्देश दिए। खाद्य विभाग की टीम मूसाखेड़ी के हाट बाजार में पहुंची। नौ दुकानों पर जांच कर सैंपल लिए। यह कार्रवाई सिर्फ एक दिन की कवायद होकर रह गई। इसके बाद न तो बड़े स्तर पर छापेमारी हुई और न ही सप्लाई चेन की गहराई से जांच शुरू हो सकी।
बता दें, डाक्टरों ने मिलावटी हल्दी में मेटानिल येलो नाम का जहरीला रंग मिलाए जाने की आशंका जताई है। यह शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो भी चुका है। इसके बावजूद प्रशासन अब तक यह पता नहीं लगा सका कि आखिर बाजार में यह मिलावटी हल्दी कहां से आ रही है। इस बीच, खरगोन जिले के कसरावद में 21 वर्षीय युवती राखी की मौत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। 26 अप्रैल को उसकी शादी होनी थी, लेकिन 22 अप्रैल को हल्दी की रस्म के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसकी जान नहीं बच सकी।
मामले के हर पहलू की जांच करवाई जा रही है
इस मामले में भी जांच का दायरा केवल रैंडम सैंपलिंग और स्वास्थ्य की हिस्ट्री लेने तक सीमित रहा। खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. डीएस चौहान ने कहा है कि मामले के हर पहलू की जांच करवाई जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या एक मौत और कई लोगों के बीमार होने के बाद भी कार्रवाई सिर्फ फाइलों और सैंपलों तक सीमित रहेगी?
यह किया जाना अपेक्षित था
प्रशासन यदि सक्रियता दिखाता तो मिलावटी हल्दी बेचने वाली दुकानों और सप्लायर नेटवर्क तक पहुंच सकता था। संदिग्ध स्टाक तत्काल जब्त कर बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया जा सकता था। मिलावट साबित होने पर एफआइआर और लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी अपेक्षित है। साथ ही, अन्य जिलों में अलर्ट जारी कर बाजार से संदिग्ध हल्दी हटवाई जा सकती है।
यह किया
कुछ दुकानों से रैंडम सैंपल लेकर औपचारिक जांच शुरू की गई। एक दिन बाजार से नमूने लिए गए।
जिस मिलावटी हल्दी से बीमार हुए दूल्हा-दुल्हन, उसकी होगी जांच, कारखानों में चल रहा मिलावट का बड़ा कारोबार
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