आदित्य कुमार, नईदुनिया, नई दिल्ली। कहते हैं कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, लेकिन जब तक वो हाथ गुनहगारों के गिरेबान तक पहुंचते हैं, तब तक न जाने कितनी माताओं की गोद सूनी हो जाती है, कितने मासूम अनाथ हो जाते हैं और कितने हंसते-खेलते परिवार राख के ढेर में तब्दील हो जाते हैं।
मध्य प्रदेश के देवास जिले की टोंककला पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट के मुख्य आरोपी मुकेश विज को आखिरकार आज दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया, जैसे ही वह चीन के ग्वांग्झू से लौटा। आरोपी भले ही सलाखों के पीछे पहुंच गया हो, लेकिन क्या यह उन बेकसूर मजदूरों की जिंदगी वापस ला पाएगा जिन्होंने चंद रुपयों की खातिर इस ‘मौत के कारखाने’ में अपनी सांसें गंवा दीं?
यह सिर्फ एक देवास की कहानी नहीं है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का इतिहास ऐसी कई चीखों और सुलगती लाशों से भरा पड़ा है। आइए आज के एक्सप्लेनर के जरिए समझने की कोशिश करते हैं कि कैसे बारूद का यह कारोबार बार-बार हमारी लापरवाही का फायदा उठाकर इंसानी जिंदगियों को लील रहा है।
(AI GENERATED IMAGE)
देवास हादसा (14 मई 2026): जब चीन भाग गया था मालिक
अभी कुछ ही दिन पहले देवास जिले के टोंक कला क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री अचानक धमाकों से गूंज उठी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वहां काम कर रहे गरीब मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई मजदूर आज भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। मुख्य आरोपी मुकेश विज देश छोड़कर चीन भाग गया था, जिसे आज दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा गया।
हरदा का वो काला दिन (6 फरवरी 2024): 11 मौतें और भूकंप जैसा मंजर
हरदा के बैरागढ़ इलाके का वो मंजर आज भी लोगों के जेहन में खौफ पैदा कर देता है। एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए जबरदस्त धमाके ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था। ऐसा लगा मानो कोई भूकंप आया हो, आसपास के कई घर ताश के पत्तों की तरह ढह गए। इस बेहद दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की जान चली गई और 200 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मुरैना में जमींदोज हुआ आशियाना (20 अक्टूबर 2022)
मुरैना के बानमोर इलाके में दिवाली की खुशियों के बीच एक पटाखा फैक्ट्री में ऐसा विस्फोट हुआ कि पूरा मकान ही जमींदोज हो गया। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने की कोशिशें की जा रही थीं, लेकिन तब तक आग ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में 4 लोगों की मौत हुई और 7 लोग बुरी तरह झुलस गए थे।

(देवास हादसे की तस्वीर)
12 सितंबर 2015: MP के इतिहास का सबसे काला पन्ना
झाबुआ जिले का पेटलावद कस्बा शायद ही कभी इस जख्म को भूल पाए। यह मध्य प्रदेश के इतिहास का सबसे भीषण और रूह कंपा देने वाला हादसा था। एक अवैध पटाखा गोदाम और दुकान के भीतर भारी मात्रा में जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। जब वहां ब्लास्ट हुआ, तो पूरा इलाका श्मशान में तब्दील हो गया। लगभग 89 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग जिंदगी भर के लिए अपाहिज या घायल हो गए।
जब धमाके की आवाज से कांपा था इंदौर (16 दिसंबर, 2025)
इंदौर के सांवेर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचडेरिया में भी 16 दिसंबर, 2025 को अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इस हादसे में पांच लोग घायल हुए थे। घटना पंचडेरिया के कृष्णा एनक्लेव कॉलोनी के पीछे हुई थी। कॉलोनी के ठीक पीछे सरकारी कांकड़ की जमीन पर अवैध कब्जा कर पटाखा फैक्ट्री व गोडाउन बनाकर बड़ी मात्रा में सुतली बम का स्टॉक किया गया था। वेल्डिंग से निकली चिंगारी बारूद में चली गई थी और विस्फोट हो गया था। इस घटना में वेल्डिंग करने वाले सरफराज, लालाराम और श्रमिक श्यामू पिता सत्तू झुलस गए थे। विस्फोट इतना तेज था कि एक किलोमीटर दूर तक धमाके की आवाज सुनाई दी थी। तत्कालीन सांवेर थाना प्रभारी गिरिजाशंकर महोबिया ने बताया था कि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी और राऊ निवासी राहुल अग्रवाल के नाम पर दर्ज थी।

(इंदौर पटाखा हादसे की तस्वीर)
छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं
अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का यह जानलेवा जाल सिर्फ मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी मुनाफे की इस अंधी दौड़ ने कई घर उजाड़े हैं।
बिलासपुर पटाखा गोदाम हादसा (24 सितंबर 2024): शहर के बीचों-बीच दहशत
बिलासपुर के व्यस्त तोरवा क्षेत्र में एक पटाखा गोदाम और दुकान में अचानक आग लग गई। इसके बाद जो सिलसिलेवार धमाके हुए, उसने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। रिहायशी इलाके के बीचों-बीच बने इस गोदाम की वजह से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से भागने लगे थे।
अगर हम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इन सभी 6 हादसों के पन्नों को पलटकर देखें, तो इनमें दो चीजें बिल्कुल साफ और एक जैसी नजर आती हैं… पहला ‘अवैध कारोबार का लालच’ और दूसरा ‘गरीब मजदूरों की मजबूरी’।
यह भी पढ़ें- चीन से लौटते ही दबोचा गया देवास में पटाखा फैक्ट्री का असली संचालक, हादसे में गई थी 6 लोगों की जान
Source link
#पटख #फकटर #म #बरद #क #ढर #पर #खतम #हत #जदग.. #MPCG #क #व #घटनए #जनक #यद #आज #भ #डरत #ह



Post Comment