नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कुत्तों को खाना खिलाने के नाम पर शुरू हुआ विवाद इंदौर विधानसभा क्षेत्र-4 में भाजपा और संघ से जुड़े पदाधिकारियों के बीच बड़े टकराव में बदल गया। पहले भाजपा के दो गुटों में मारपीट हुई, फिर समझाइश देने पहुंचे संघ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी हाथापाई कर दी गई। इसके बाद मामला थाने से सड़कों तक पहुंच गया और दिनभर तोड़फोड़, पथराव तथा शक्ति प्रदर्शन का दौर चलता रहा।
घटनाक्रम के बाद पुलिस ने भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे के खिलाफ प्राणघातक हमले का प्रकरण दर्ज किया है, भाजपा ने उन्हें विधानसभा क्षेत्र-4 के प्रभारी पद से हटा दिया है। घटना की शुरुआत शनिवार रात करीब 11 बजे हुई। उषा नगर में रहने वाला नीतेश दोपहिया वाहन से कुत्तों को खाना खिलाने गया था।
वीरेंद्र शेडगे ने कुत्तों को खाना देने पर टोका था
वीरेंद्र शेडगे ने नीतेश को टोका और कहा कि कुत्तों को यहां खाना मत दिया करो। इससे गंदगी फैलती है और बच्चे भी असुरक्षित रहते हैं। इसके बाद नीतेश ने कॉल कर अपने पिता को मौके पर बुला लिया। इधर वीरेंद्र ने भी डॉ. प्रशांत सोनी और अन्य लोगों को इकट्ठा कर लिया। कुछ ही देर में नीतेश ने उषा नगर निवासी संघ पदाधिकारी चेतन पाटिल, परमवीर राठौर और अन्य लोगों को बुला लिया।
दोनों तरफ से मारपीट हुई और मामला अन्नपूर्णा थाने पहुंच गया। सैकड़ों समर्थकों के साथ थाने पहुंचे वीरेंद्र और चेतन एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने पर अड़ गए। सूचना मिलने पर हिंद रक्षक संगठन के एकलव्य गौड़ भी थाने जा पहुंचे। संघ की तरफ से वीरेंद्र गोयल को बुलाया गया।
रात करीब 12 बजे उनकी संघ पदाधिकारी वासुदेव पाटीदार से चर्चा हुई और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर रवाना कर दिया। हालांकि देर रात चेतन की करीबी सुजल पुत्र अविनाश आगार (सुदामा नगर) की तरफ से वीरेंद्र शेडगे, प्रशांत सोनी और शानू उर्फ सौरभ दिघे के विरुद्ध अदम चेक काट दिया गया।
रविवार दिनभर चला हंगामा : सुबह उषा नगर में हमला, घर-ऑफिस में तोड़फोड़
विवाद ने रविवार सुबह हिंसक रूप ले लिया। चेतन पाटिल के समर्थक करीब 100 की संख्या में उषा नगर पहुंचे और वीरेंद्र शेडगे के घर व ऑफिस पर हमला कर दिया। अधिकांश युवक मुंह पर रूमाल बांधे हुए थे और हाथों में लाठियां थीं। करीब 15 मिनट तक हंगामा।
थाने में फिर आमना-सामना, पुलिस ने बढ़ाया बल
तोड़फोड़ के बाद शेडगे अपने समर्थकों के साथ अन्नपूर्णा थाने पहुंचे, जहां दोनों पक्ष एक बार फिर आमने-सामने आ गए। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। घंटों तक भाजपा और संघ से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों के माध्यम से समझौते की कोशिशें चलती रहीं।
इसी बीच सिर में चोट लगने से चेतन पाटिल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी शिकायत पर पुलिस ने वीरेंद्र शेडगे के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज की।
दोपहर बाद दोबारा बवाल, फिर हुई पत्थरबाजी
एफआईआर दर्ज होने के बाद भी तनाव कम नहीं हुआ। दोपहर बाद चेतन समर्थक दोबारा उषा नगर पहुंचे और शेडगे के घर के बाहर फिर हंगामा किया। पत्थरबाजी कर कारों के कांच फोड़ दिए गए। इसके बाद समर्थकों का समूह वीरेंद्र शेडगे के सहयोगी शानू उर्फ सौरभ दिघे के नरेंद्र तिवारी मार्ग स्थित घर पहुंच गया। वहां भी पत्थरबाजी और वाहनों में तोड़फोड़ की गई।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
लगातार दो बार हुई तोड़फोड़ और उत्पात के बावजूद पुलिस हालात पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर सकी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन उपद्रवियों को रोकने या तत्काल गिरफ्तार करने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
संघ ने कहा- यह व्यक्तिगत विवाद, संगठन से लेना-देना नहीं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विवाद को व्यक्तिगत मामला बताया है। संघ के अनुसार दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक स्वयंसेवक बीच-बचाव के लिए गया था, जिसके साथ मारपीट होने से स्थिति बिगड़ी। संघ का कहना है कि घटना का संगठन से कोई संबंध नहीं है।
विधायक के पीए सहित सात पर जानलेवा हमले का केस
पुलिस ने विधायक मालिनी गौड़ के पीए प्रणय चित्तौड़ा, वीरेंद्र शेडगे, शानू उर्फ सौरभ दिघे, गिरीश शेडगे, अमित कोकाटे, मनीष इमोलिया और प्रशांत सोनी के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। फरियादी जयानी आगार ने मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ के आरोप लगाए हैं। वहीं प्रणय चित्तौड़ा ने घटना के समय महेश्वर में होने का दावा किया है।
दूसरे पक्ष पर कार्रवाई की मांग, देर रात तक जमे रहे समर्थक
वीरेंद्र शेडगे के समर्थक देर रात तक अन्नपूर्णा थाने में डटे रहे और दूसरे पक्ष पर भी प्रकरण दर्ज करने की मांग करते रहे। पुलिस ने तत्काल कायमी के बजाय आवेदन लेकर जांच शुरू की। एसीपी शिवेंदु जोशी ने इसकी पुष्टि की है।
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वीरेंद्र शेडगे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा
प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार वीरेंद्र शेडगे को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। उनका आचरण पार्टी की विचारधारा और पक्ष के अनुरूप नहीं है। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर पार्टी से छह वर्ष के लिए बाहर किया जा सकता है। – सुमित मिश्रा, भाजपा नगर अध्यक्ष
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