सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-मंडलीय समिति की छठवीं बैठक में 491.66 करोड़ रुपये की लागत वाले 17 नए विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही उज्जैन और आसपास के जिलों में चल रहे 16,910 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 148 विकास और निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सिंहस्थ-2028 के सभी कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, बेहतर यातायात, सुरक्षा, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां अभी से मजबूत की जाएं। साथ ही स्टाफ की भर्ती और प्रशिक्षण प्रक्रिया भी जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।
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उज्जैन के लिए कई परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में उज्जैन के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली। इनमें शनि मंदिर से प्रशांति धाम चौराहा तक पुल और एप्रोच रोड का निर्माण, कान्ह नदी पर नया पुल, नई दो लेन सड़कें, पंचक्रोशी मार्ग का विकास, सड़क चौड़ीकरण और विश्राम गृहों के निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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ओंकारेश्वर में बनेगा सर्वसुविधायुक्त अस्पताल
ओंकारेश्वर के विकास को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। यहां मंदिर परिसर के विकास, मल्टीलेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, अस्पताल, स्टाफ क्वार्टर, रेलवे ओवरब्रिज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर में सर्वसुविधायुक्त अस्पताल और हेलीपैड बनाने के निर्देश भी दिए। उनका कहना है कि इससे आपदा या आपात स्थिति में एयर एम्बुलेंस जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
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ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग भी होगा विकसित
मुख्यमंत्री ने ओंकारेश्वर-बड़वाह-खेड़ीघाट क्षेत्र के विकास के लिए अलग प्राधिकरण बनाने का सुझाव भी दिया, ताकि विकास कार्यों में बेहतर समन्वय हो सके। साथ ही ओंकारेश्वर के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में शिप्रा नदी के घाटों के निर्माण और प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि घाटों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और आश्रमों तथा गुरुकुलों को भी घाटों के रखरखाव और प्रबंधन से जोड़ा जाए। इससे सिंहस्थ के बाद भी इन घाटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
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सिंहस्थ की पूरी व्यवस्था एकीकृत कंट्रोल रूम से होगी संचालित
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन और नगर निगम को अभी से संयुक्त अभ्यास शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ की पूरी व्यवस्था एकीकृत कंट्रोल रूम से संचालित होगी और सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन क्षेत्र में 15 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य भी तय किया।
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सभी विभाग करें समन्वय के साथ काम
इसके अलावा इंदौर, देवास, खंडवा, आगर-मालवा, शाजापुर, मंदसौर और खरगोन जैसे जिलों में भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने होटल, धर्मशाला और होम-स्टे निर्माण से जुड़े प्रस्तावों के त्वरित निराकरण तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश के बुनियादी ढांचे और पर्यटन विकास का बड़ा अवसर है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
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