×
रिटायरमेंट से 6 महीने पहले संयुक्त संचालक पर लोकायुक्त का शिकंजा, कंडवाल ने रिश्तेदारों के नाम खरीदी करोड़ों की संपत्ति

रिटायरमेंट से 6 महीने पहले संयुक्त संचालक पर लोकायुक्त का शिकंजा, कंडवाल ने रिश्तेदारों के नाम खरीदी करोड़ों की संपत्ति

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल पर लोकायुक्त ने शिकंजा कस दिया है। लोकायुक्त को रिश्तेदारों के नाम से खरीदी संपत्ति की जानकारी मिली है। गुरुवार को एसपी ने विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग, रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर बेनामी संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है। कंडवाल ने पत्नी शारदा की सिलाई-बुनाई और बेटे पवन व अभिषेक की जिम और डिपार्टमेंट स्टोर की कमाई भी दर्शा दी थी।

लोकायुक्त एसपी डॉ. राजेश सहाय के अनुसार आनंद विहार कॉलोनी (स्कीम-103) निवासी लक्ष्मीनारायण कंडवाल को 30 वर्ष की नौकरी में सिर्फ ढाई करोड़ रुपये का वेतन मिला है। लेकिन उसने विभाग में भ्रष्टाचार कर दस करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली। कंडवाल ने ज्यादा रुपये जमीनों में निवेश किए हैं। बुधवार को पुलिस ने बेकल्या, तारपुरा, बनेड़िया, सोनवाय और स्कीम-103 की करोड़ों की संपत्ति का ब्योरा एकत्र कर लिया था। गुरुवार को जानकारी मिली कि कंडवाल ने रिश्तेदारों के नाम भी प्रॉपर्टी में रुपये निवेश कर रखे हैं। एसपी ने जानकारी के लिए पत्राचार किया है।

लोकायुक्त की जांच में तेजी: रिटायरमेंट के छह महीने पहले भ्रष्टाचार का भंडाफोड़

आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाते हुए गुरुवार को कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। जांच एजेंसी ने आरोपी और उसके परिवारजनों के बैंक खातों, ऋण खातों, बैंक लॉकरों, बीमा पॉलिसियों, आयकर विवरण और सेवा अभिलेखों की जानकारी जुटाने के लिए विभिन्न विभागों व संस्थानों को पत्र भेजे हैं। कंडवाल छह महीने बाद रिटायर होने वाले थे। लोकायुक्त को गुप्त शिकायत में इसकी भी जानकारी मिली थी। टीम ने एक महीने में ही संपत्ति का ब्योरा निकाल लिया और कंडवाल को पकड़ लिया।

लोकायुक्त ने परिवहन विभाग से कंडवाल द्वारा खरीदे गए वाहनों का ब्योरा भी मांगा है। वहीं उनके बच्चों की स्कूली एवं उच्च शिक्षा पर हुए खर्च की जानकारी भी तलब की गई है। आरोपी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है।

25 करोड़ की कृषि भूमि समेत मिली करोड़ों की प्रॉपर्टी

प्रारंभिक जांच में कंडवाल और उनके परिवार के नाम पर करीब 16.479 हेक्टेयर (40.72 एकड़) कृषि भूमि सामने आई है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 25 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा स्कीम नंबर-140 में दो 1000-1000 वर्ग फीट के भूखंडों का मूल्य लगभग 2.50 करोड़ रुपये आंका गया है। स्कीम नंबर-103 में स्थित 2712 वर्ग फीट के व्यावसायिक भूखंड की कीमत करीब 6.80 करोड़ रुपये तथा उस पर बने निर्माण की अनुमानित कीमत 2 करोड़ रुपये बताई गई है।

छापे की कार्रवाई के दौरान जब्त की गई चल संपत्तियों और अन्य सामग्री की कुल कीमत 1 करोड़ 6 लाख 58 हजार 85 रुपये आंकी गई है। लोकायुक्त ने संपत्तियों की विस्तृत जानकारी जुटाने के लिए पंजीयन कार्यालय इंदौर, महू, पीथमपुर और धार को पत्र भेजे हैं। साथ ही कृषि भूमि से संबंधित खसरा-खतौनी और अन्य अभिलेख प्राप्त करने के लिए संबंधित तहसीलों से भी जानकारी मांगी गई है। जांच एजेंसी अब आरोपी की आय और अर्जित संपत्तियों के बीच अंतर का विस्तृत परीक्षण कर रही है।

पद से हटाने के लिए विभाग को भेजा पत्र

एसपी के अनुसार सेवा विवरण और पद से हटाने के लिए विभाग से पत्राचार किया गया है। आयकर विभाग से कंडवाल और उसके बेटे पवन व अभिषेक की जानकारी मांगी है। बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिलने के बाद अन्य विभागों से संपर्क कर संयुक्त कार्रवाई कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें- इंदौर में पटेल ब्रिज पर हादसा… नगर निगम के टैंकर ने कई कारों को चपेट में लिया, बाइक और ठेलों को भी मारी टक्कर

Source link
#रटयरमट #स #महन #पहल #सयकत #सचलक #पर #लकयकत #क #शकज #कडवल #न #रशतदर #क #नम #खरद #करड #क #सपतत

Post Comment