नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम और फायर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले एक सप्ताह के भीतर होटल, हॉस्पिटल और अन्य कमर्शियल बिल्डिंग्स की जांच करते हुए 50 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। कार्रवाई के बाद छोटे और मध्यम श्रेणी के होटल संचालकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
नगर निगम की ओर से जारी नोटिसों के बावजूद जिन भवन संचालकों ने आवश्यक फायर सेफ्टी व्यवस्थाएं नहीं कीं, उनके खिलाफ निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को तीन भवनों को और गुरुवार को चार अन्य भवनों को सील किया गया।
झोन क्रमांक 7 में फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर होटल एक्स, होटल स्काई मून, जाय ई-बाइक सहित अन्य भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
होटल संचालकों में भ्रम की स्थिति
कई होटल संचालकों का कहना है कि उनकी बिल्डिंग के आकार और नियमों के अनुसार उन्हें फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं है, इसलिए नोटिस जारी करना उचित नहीं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि फायर एनओसी अनिवार्य न होने का अर्थ यह नहीं कि भवनों को फायर सेफ्टी उपकरणों से छूट मिल जाती है।
भवन की ऊंचाई, मंजिलों की संख्या और उपयोग के आधार पर सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य हैं। ऐसे में हर व्यावसायिक भवन को न्यूनतम सुरक्षा मानकों का पालन करना ही होगा।
केवल एक्सटिंग्विशर पर्याप्त नहीं
जांच के दौरान अधिकांश होटलों में केवल छोटे फायर एक्सटिंग्विशर और गैस सिलेंडर लगाए हुए पाए गए। अधिकारियों के अनुसार बहुमंजिला और बड़े व्यावसायिक भवनों के लिए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी जा सकती।
ऊपरी मंजिलों में आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण के लिए संपूर्ण फायर सेफ्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर आवश्यक होता है। इसी कारण निगम और फायर विभाग भवनों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच कर रहे हैं।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
फायर विभाग की टीम द्वारा भवनों में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। इनमें भवन तक फायर ब्रिगेड वाहनों की आसान पहुंच, इमरजेंसी एग्जिट मार्ग, फायर अलार्म सिस्टम, पर्याप्त जल भंडारण क्षमता और पाइप नेटवर्क शामिल हैं। इसके अलावा बड़े होटल, हॉस्पिटल, मॉल और बहुमंजिला इमारतों में फायर हाइड्रेट सिस्टम की भी अनिवार्यता पर जोर दिया जा रहा है।
फायर हाइड्रेट सिस्टम को बताया जरूरी
अधिकारियों के मुताबिक फायर हाइड्रेट सिस्टम आग पर तुरंत नियंत्रण पाने की सबसे प्रभावी व्यवस्था मानी जाती है। इसके तहत भवन के अंदर और बाहर पाइपलाइन का नेटवर्क तैयार किया जाता है, जिसे बड़ी पानी की टंकी और हाई-प्रेशर पंप से जोड़ा जाता है।
आपातकाल की स्थिति में फायर ब्रिगेड या प्रशिक्षित कर्मचारी इस सिस्टम के जरिए तेज दबाव के साथ पानी की बौछार छोड़ सकते हैं, जिससे आग पर तेजी से नियंत्रण पाया जा सके।
यह है समाधान की प्रक्रिया
नोटिस मिलने के बाद होटल या संस्थान संचालक नगर निगम द्वारा अधिकृत 50 से अधिक फायर सेफ्टी कंसल्टेंट्स से संपर्क कर सकते हैं। सबसे पहले कंसल्टेंट भवन का निरीक्षण कर यह तय करेंगे कि वहां किस प्रकार के सुरक्षा उपकरण आवश्यक हैं। इसके बाद एक विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर नगर निगम को भेजी जाएगी।
निगम द्वारा रिपोर्ट की जांच और स्वीकृति मिलने के बाद भवन में निर्धारित मानकों के अनुसार फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा है कि जहां भी जांच में सुरक्षा संबंधी कमी पाई जा रही है, वहां नियमों के तहत नोटिस जारी किए जा रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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