शहर में बने 72 साल पुराने शास्त्री ब्रिज पर नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने के संबंध में शुक्रवार को सांसद कार्यायल पर सांसद और रेलवे के अधिकारियों की बैठक हु …और पढ़ें
HighLights
- रेलवे के अधिकारियों के साथ नगर निगम, बिजली कंपनी, यातायात विभाग व जिला प्रशासन की होगी बैठक
- इसमें ड्रेनेज लाइन, नर्मदा लाइन, बिजली के खंभे स्थानांतरित करने पर निर्णय लिया जाएगा
- नए ओवरब्रिज को बनाने में सबसे बड़ी समस्या शहर के भारी यातायात को डायवर्ट करने में आएगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में बने 72 साल पुराने शास्त्री ब्रिज पर नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने के संबंध में शुक्रवार को सांसद कार्यायल पर सांसद और रेलवे के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में चर्चा हुई कि आगामी दिनों में नए ओवरब्रिज निर्माण रूपरेखा के संबंध में रेलवे के अफसरों की नगर निगम, बिजली कंपनी, यातायात विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ व्यापारियों की बैठक होगी।
इसमें ड्रेनेज लाइन, नर्मदा लाइन, बिजली के खंभे स्थानांतरित करने पर निर्णय लिया जाएगा। पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र को जोड़ने वाले नए ओवरब्रिज को बनाने में सबसे बड़ी समस्या शहर के भारी यातायात को डायवर्ट करने में आएगी। नए ओवरब्रिज का निर्माण कार्य वर्ष 2027 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। सिंहस्थ-2028 तक निर्माण कार्य पूरा होना संभवन नहीं है। नए ओवरब्रिज को बनने में दो साल का समय लगेगा। ऐसे में यातायात डायवर्जन एक बड़ी चुनौती होगी।
सांसद शंकर लालवानी को रेलवे के अधिकारियाें ने बताया कि रेलेव की प्राथमिकता है कि सबसे पहले डिटेल सर्वे हो। फिर उसी आधार पर ब्रिज की ड्राइंग और डिजाइन फाइनल हो पाएगी। अगले छह से सात महीने ब्रिज का डिटेल सर्वे होने के बाद टेंडर प्रक्रिया में लगेगे। ऐसे में वर्ष 2027 में ही वर्तमान ओवरब्रिज को जमींदोज करने पर काम होगा। वर्तमान ब्रिज मजबूत दीवारों पर बना हुआ है। अब नया ओवरब्रिज पिलर पर बनाया जाएगा। ऐसे में ब्रिज के आर-पार देखने की दृश्यता बढ़ जाएगी। नीचे वाले हिस्से में सौंदर्यकरण का कार्य भी हो सकेगा। फिलहाल ड्रेनेज लाइन, नर्मदा लाइन, बिजली के खंभे और यातायात स्थानांतरित निर्णय होने के बाद टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद वर्तमान रेलवे ओवरब्रिज को जमींदोज करने का पर काम होगा। फिर नया ओवरब्रिज बनाने में दो साल का समय लगेगा।
वर्तमान ब्रिज से 50-50 मीटर बढ़ेगा आगे
वर्तमान शास्त्री ब्रिज की लंबाई 50-50 मीटर बढ़ेगी। नया ब्रिज संभागायुक्त कार्यालय के पास से शुरू होकर रीगल तिराहा के पास समाप्त होगा। वर्तमान पुल के स्थान पर 60 मीटर लंबे आधुनिक कैमल बैक ओपन वेब गर्डर आधारित रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। वर्तमान में ब्रिज की ऊंचाई 5.2 मीटर है जो बढ़कर छह मीटर तक हो जाएगी। ऐसे में रेलवे की विद्युत लाइन जो अभी ब्रिज की छत के काफी करीब है। उसकी ऊंचाई बढ़ेगी, जिससे ट्रेनों की गति बढ़ेगी और कर्व भी समाप्त हो जाएगा। वहीं, इसके तहत छह लेन का दो मार्ग एवं पैदल यात्रियों की सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवाजाही के लिए छह मीटर चौड़ा स्काइवॉक (फुटओवर ब्रिज) भी बनाया जाएगा। शास्त्री ब्रिज का पुनर्निर्माण केवल एक सड़क ब्रिज नहीं, बल्कि इंदौर रेलवे स्टेशन के भविष्य के विस्तार एवं आधुनिकीकरण की आधारशिला है।
परिचालन संबंधी चुनौतियां का सामना
वर्तमान में रेलवे स्टेशन क्षेत्र में ट्रैक एवं प्लेटफार्म सीमित स्पैन और तीव्र मोड़ों के कारण परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। नए ब्रिज के निर्माण के बाद लगभग 100 मीटर रेलवे ट्रैक एवं प्लेटफार्म क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाएगा। इससे वर्तमान तीव्र मोड़ों को समाप्त कर ट्रेनों के संचालन को अधिक सुरक्षित, सुगम एवं दक्ष बनाया जा सकेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद रेलवे यार्ड रीमाडलिंग का कार्य भी किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त रेलवे लाइन विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे रेलवे संचालन की क्षमता, लचीलापन एवं यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वहीं, चार नं. प्लेटफार्म के सामने से होते हुए एमआर-4 की ओर जाने वाली सर्विस रोड का चौड़ीकरण होगा। प्लेटफार्म नं. एक के सामने वाले सर्विस रोड यथावत स्थिति में रहेगी।
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