इंदौर को इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव का विषय है। तकनीकी सत्र प्रतिभागियों को नए आयकर अधिनियम को समझने और उसके प्रभावी क्रियान्व …और पढ़ें
HighLights
- एक वर्ष पहले लागू हुए नये आयकर एक्ट पर केंद्रीत राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर कांफ्रेंस शुक्रवार से इंदौर में शुरू हुई
- देशभर के 700 कर पेशेवर राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर कांफ्रेंस में शामिल हो रहे हैं
- या कर कानून व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और तकनीक से संचालित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एक वर्ष पहले लागू हुए नये आयकर एक्ट पर केंद्रीत राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर कांफ्रेंस शुक्रवार से इंदौर में शुरू हुई। देशभर के 700 कर पेशेवर इसमें शामिल हो रहे हैं।
इंस्टिट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आइसीएआइ) दिल्ली की डायरेक्ट टैक्स कमेटी और इंदौर सीए ब्रांच द्वारा आयोजित कांफ्रेंस का औपचारिक उद्घाटन करते हुए मुख्य आयकर आयुक्त इंदौर डॉ. तरुण सीम ने कहा कि नया कर कानून व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और तकनीक से संचालित बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। आइसीएआइ के सेंट्रल काउंसिल मेम्बर एवं डायरेक्ट टैक्स कमेटी नई दिल्ली के उपाध्यक्ष सीए पंकज शाह ने नए आयकर अधिनियम को ऐतिहासिक सुधार करार दिया।
इंदौर को इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव का विषय है
पहले दिन उद्घाटन सत्र के साथ ही विभिन्न तकनीकी सत्रों में नए आयकर एक्ट के प्रविधानों और कर कानून की बारीकियों का विश्लेषण देशभर के विशेषज्ञों ने किया। इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट और सुप्रीम कोर्ट के वकील शामिल थे। इंदौर सीए शाखा के चेयरमैन सीए समकित भंडारी ने प्रतिभागियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि इंदौर को इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव का विषय है। तकनीकी सत्र प्रतिभागियों को नए आयकर अधिनियम को समझने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
नया आयकर अधिनियम कर कानूनों को अधिक व्यवस्थित, सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है तथा इसके सफल क्रियान्वयन में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। अतिथि के रूप में शामिल रक्षा मंत्रालय के उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनाटिकल लिमिटेड के कार्यकारी संचालक सीए वरिंदर कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि सीए एवं एचएएल संयुक्त रूप से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एचएएल के स्वतंत्र निदेशक सीए राकेश भावसार ने बताया कि एमएसएमई के प्रोत्साहन हेतु एचएएल देश में निर्मित उपकरणों को प्रथामिकता दे रहा है।
ठोस तथ्य के बिना केस नहीं खुलेगा
सम्मेलन के प्रथम तकनीकी सत्र में एडवोकेट डा. सीए कपिल गोयल, दिल्ली ने आयकर कानून में तलाशी, जब्ती तथा रीअसेसमेंट संबंधी प्रावधानों की व्याख्या करते हुए व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया की आयकर विभाग पुख्ता सबूत के अभाव में पुराने प्रकरणों को फिर से नहीं खोल (रीओपन) नहीं सकता।दूसरे सत्र में सीए नमन श्रीमाल, जयपुर ने “क्रॉस बॉर्डर टैक्सेशन – आइटीए 2025, एनआरआइ एवं अंतरराष्ट्रीय लेन-देन” की कर कानून के संदर्भ में व्याख्या की।
उन्होंने वैश्विक कराधान, एनआरआइ कराधान और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।दिन के अंतिम तकनीकी सत्र में एडवोकेट अनन्या कपूर, दिल्ली ने “पेनल्टी एवं स्टे प्रोसीडिंग्स – आईटीए 2025 विषय पर विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने नए अधिनियम में पेनाल्टी प्रावधानों और डिमांड स्थगन संबंधी प्रक्रियाओं में हुए बदलावों की जानकारी दी।
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