पीड़ितों को ठगने वाले युवक-युवती और उनके पिता ने क्रिप्टो करेंसी और शेयर मार्केट में निवेश पर 10 गुना मुनाफे का लालच दिया था। पीड़ितों का आरोप है कि य…और पढ़ें
HighLights
- धोखाधड़ी: एनजीओ कर्मी ने 17.50 लाख रुपये लगाए, युवक-युवती फरार
- ठगने वाले युवक-युवती और उनके पिता ने निवेश पर 10 गुना मुनाफे का लालच दिया था
- आरोप है कि युवक ने अपने पिता और मंगेतर के साथ मिलकर फर्जी निवेश का एक पूरा नेटवर्क संचालित किया था
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के द्वारकापुरी इलाके में एक एनजीओ कर्मचारी सहित अन्य लोगों से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों को ठगने वाले युवक-युवती और उनके पिता ने क्रिप्टो करेंसी और शेयर मार्केट में निवेश पर 10 गुना मुनाफे का लालच दिया था। पीड़ितों का आरोप है कि युवक ने अपने पिता और मंगेतर के साथ मिलकर फर्जी निवेश का एक पूरा नेटवर्क संचालित किया था। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं।
पुलिस ने फरियादी अर्पित शर्मा (निवासी विदुर नगर) की शिकायत पर आरोपी अमन अग्रवाल, उसके पिता सत्यनारायण अग्रवाल (दोनों निवासी शीलनाथ कैंप) और अमन की मंगेतर रिशिता प्रजापत (निवासी स्कीम-71) के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अर्पित ने बताया, “मैं एक एनजीओ में काम करता हूं। मेरी दोस्त की 2024 में अमन अग्रवाल और उसकी मंगेतर रिशिता से पहचान हुई थी। दोनों ने खुद को क्रिप्टो करेंसी और शेयर मार्केट में निवेश कराने और अच्छा मुनाफा दिलाने का काम करने वाला बताया था।” दोनों आरोपियों ने भरोसा जीतने के लिए पीड़ित के घर आना-जाना शुरू किया। पहले पीड़ित ने मना किया, लेकिन बाद में अलग-अलग माध्यमों से रुपये देना शुरू कर दिए। आरोपियों ने अर्पित से कुल 17.50 लाख रुपये ऐंठ लिए।
जाल में फंसाने के लिए कुछ महीने मुनाफे के रुपये भी दिए
अमन ने अपनी मंगेतर रिशिता के बैंक खाते और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से रुपयों का लेन-देन किया। फरियादी अर्पित ने बताया कि उसने अमन को रुपये देते वक्त अपने फोन में वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी। शुरुआत के कुछ महीनों तक आरोपियों ने भरोसे के लिए मुनाफे के रूप में कुछ रुपये वापस भी किए। लेकिन बीते जनवरी से उन्होंने रुपये देना पूरी तरह बंद कर दिया। जब पीड़ितों ने इस बारे में पूछा, तो आरोपियों ने बहाना बनाया कि विदेशी बाजार में रुपये लगाए हैं, जो अभी अटक गए हैं। जैसे ही रुपये आएंगे, मुनाफा मिलने लगेगा। इस पूरे केस में पीड़ितों द्वारा की गई वीडियो रिकॉर्डिंग और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट अहम सबूत बने हैं।
15 जून को भी एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है
इसी गिरोह के खिलाफ 15 जून को भी द्वारकापुरी पुलिस ने फरियादी विनोद नागर (36, निवासी सूर्यदेव नगर) की शिकायत पर अमन, उसके पिता सत्यनारायण अग्रवाल और रिशिता के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। आरोपियों ने विनोद को भी भारी मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग माध्यमों से 16.50 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। इतना ही नहीं, इस जालसाज नेटवर्क ने विनोद के परिचित अर्पित सरोदे से 20 लाख रुपये, सागर नावरे से 13.58 लाख रुपये और सलीम कादरी से 5.44 लाख रुपये की ठगी की है।
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