प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में परिवहन सुविधा के लिए 123 करोड़ रुपये की लागत से कुमेडी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) बनाया गया। करीब डेढ़ स…और पढ़ें
HighLights
- एजेंसी तय फिर भी संचालन की राह देख रहा एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला आईएसबीटी
- करीब डेढ़ साल पहले तैयार हुए आईएसबीटी का लंबे समय तक एजेंसी नहीं मिलने के कारण संचालन अटका रहा
- 123 करोड़ रुपये की लागत से कुमेडी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) बनाया गया
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में परिवहन सुविधा के लिए 123 करोड़ रुपये की लागत से कुमेडी में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) बनाया गया। करीब डेढ़ साल पहले तैयार हुए आईएसबीटी का लंबे समय तक एजेंसी नहीं मिलने के कारण संचालन अटका रहा।
अब एजेंसी तय हुए भी करीब एक माह से अधिक समय बीते चुका है, लेकिन एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाला आइएसबीटी अभी भी संचालन की राह देख रहा है। बस आपरेटरों के साथ यहां से बस संचालन को लेकर अब तक आम सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि दो बार इसको लेकर बैठक हो चुकी है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) द्वारा कुमेडी में आधुनिक सुविधाओं वाला आइएसबीटी बनाया गया है। इसके संचालन की तैयारी महीनों से की जा रही है, लेकिन तारीख तय नहीं हो सकी। बुधवार को संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा आइएसबीटी का निरीक्षण किया गया। उनके साथ कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, आइडीए के सीईओ डा परीक्षित झाड़े मौजूद रहे।
संभागायुक्त डा. सुदाम खाड़े ने बताया कि बस टर्मिनल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके संचालन और रखरखाव के लिए चयनित कंपनी की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। कंपनी शीघ्र ही कार्यभार संभालेगी और इसके बाद आम नागरिकों के लिए बस टर्मिनल प्रारंभ किया जाएगा। यहां पर यात्रियों को वातानुकूलित भवन, आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल टिकटिंग, पार्किंग, सुरक्षा, खानपान और मेडिकल सुविधा मिलेगी। टर्मिनल एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया गया है। क्लाक रूम, पूछताछ कार्यालय और आधुनिक निगरानी व्यवस्था भी विकसित की गई है।
सिंहस्थ में होगा उपयोगी
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ में यह बस टर्मिनल महत्वपूर्ण होगा। लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को व्यवस्थित करने में यह प्रमुख भूमिका निभाएगा।वहीं शहर के भीतर संचालित होने वाले कई अंतरराज्यीय बस स्टैंडों का दबाव कम करेगा।बसों का संचालन व्यवस्थित होगा और शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
24 घंटे में 1440 बसों का संचालन
इस बस टर्मिनल से प्रतिदिन लगभग 1,440 बसों के संचालन की योजना बनाई गई है।यहां से पहले चरण में राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर भारत के राज्यों के साथ उज्जैन के लिए बसें संचालित हो सकेगी। प्रतिदिन लगभग 80 हजार यात्रियों का आवागमन हो सके। व्यस्त समय में लगभग 8 हजार लोग एक साथ परिसर में मौजूद रह सकेंगे। टर्मिनल भवन में 500 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था की गई है।
बसों के लिए …
- 43 प्लेटफार्म बसों के लिए
- 28 प्रस्थान वाली बसों के लिए
- 15 प्लेटफार्म आने वाली बसों के लिए
आईएसबीटी में पार्किंग व्यवस्था
- 600 दोपहिया वाहन
- 160 कार एवं टैक्सी
- 150 आटो रिक्शा
- 50 निजी कार
- 315 चार पहिया वाहनों की बेसमेंट पार्किंग
यह सुविधाएं परिसर में रहेगी
- टर्मिनल और मेट्रो स्टेशन में जुड़ाव
- 16 रेस्टोरेंट
- 37 दुकानें
- 33 कार्यालय
- 2 एटीएम
इंदौर में नए बस स्टैंड को लेकर बस ऑपरेटर यात्री सुविधाओं और कनेक्टिविटी को लेकर जता रहे हैं आपत्ति
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