इंदौर सहित पूरे प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने आगामी 3 दिनों यानी 6 जुलाई तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग की ओर से अगले 2 दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। चालू मानसून सीजन में यह पहली बार है जब मौसम विभाग ने इस तरह की गंभीर चेतावनी या रेड अलर्ट जारी किया है। इसके चलते प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है।
सड़कों पर बहा पानी और खुदे रास्तों ने बढ़ाई मुसीबत
इससे पहले गुरुवार रात को हुई तेज बारिश की वजह से एबी रोड और रिंग रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर हालांकि ट्रैफिक जाम के हालात तो नहीं बने, लेकिन सड़कों पर भारी मात्रा में पानी बह निकला। शहर में ड्रेनेज, स्टॉर्म वॉटर लाइन और पीने के पानी की पाइपलाइन बिछाने के लिए जगह-जगह खुदाई की गई है। इस खुदाई के बाद समय पर सड़कों की मरम्मत और पेचवर्क नहीं किए जाने से बारिश के बाद स्थितियां और ज्यादा बिगड़ गई हैं। कई इलाकों में सड़कों को सिर्फ मिट्टी और गिट्टी डालकर ऐसे ही छोड़ दिया गया है, जो पानी गिरने के बाद पूरी तरह से दलदल का रूप ले चुकी हैं। विकास कार्यों की इस लापरवाही का सीधा खामियाजा इंदौर के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
डायवर्शन वाले वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा
एमआर-11 मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों की वजह से देवास नाका की तरफ जाने के लिए कुछ वैकल्पिक और डायवर्शन मार्ग बनाए गए हैं, जिनकी हालत वर्तमान में बेहद खस्ता हो चुकी है। निपानिया चौराहे पर भी पाइपलाइन डालने के बाद सड़क को ठीक ढंग से सुधारा नहीं गया। अब इन रास्तों पर बारिश का पानी जमा होने के कारण वाहन चालकों को गहरे गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिससे आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
बारिश का दबाव झेलने में नाकाम साबित हुई नई स्टॉर्म वॉटर लाइन
शहर के व्यस्त स्टार चौराहे पर इन दिनों रोजाना घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है, जिससे राहगीर परेशान हैं। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा हाल ही में जो स्टॉर्म वॉटर लाइन डाली गई थी, वह पहली ही अच्छी बारिश के पानी का दबाव नहीं संभाल पाई। इस नाकामी के कारण चौराहे और उसके आसपास जलजमाव की स्थिति बनी रहती है, जो लंबे ट्रैफिक जाम की मुख्य वजह बन रही है।
मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण क्षेत्रों में रेंग रहा है ट्रैफिक
रेडिसन चौराहे से लेकर रोबोट चौराहे के बीच चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट के काम के कारण मुख्य सड़क पहले ही बेहद संकरी हो चुकी है। इसके साथ ही वहां स्थित सर्विस रोड की हालत भी काफी जर्जर बनी हुई है। मेट्रो कॉर्पोरेशन और नगर निगम के अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और तालमेल की कमी साफ दिखाई दे रही है, जिसका नतीजा यह है कि आम जनता को रोज खराब सड़कों और कछुआ चाल रेंगते ट्रैफिक की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
अधूरे छोड़ दिए गए निर्माण कार्य बने जलभराव का मुख्य कारण
जंजीरवाला चौराहे के पास स्थित रॉयल पार्क मल्टी के ठीक सामने नगर निगम द्वारा की गई खुदाई के बाद छोड़े गए बड़े-बड़े गड्ढे और मिट्टी के ढेर इस मानसूनी सीजन में बड़ी आफत बन गए हैं। संबंधित विभाग ने यहां सड़क तो काट दी लेकिन उसकी री-पैचिंग या मरम्मत का काम अधूरा ही छोड़ दिया। इसके चलते यहां हर बार थोड़ी सी बारिश में ही तालाब जैसी स्थिति निर्मित हो जाती है और पानी भर जाता है। स्थानीय रहवासियों का साफ कहना है कि जिम्मेदार सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल की भारी कमी है, जिसका खामियाजा टैक्स भरने वाली आम जनता भुगतने को मजबूर है।
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