इंदौर में ऑटो सेक्टर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। वर्ष 2026 की पहली छमाही में शहर में बिकने वाले हर चौथे वाहन में इलेक्ट्रिक या सीएनजी विकल्प चुना गय…और पढ़ें
HighLights
- जनवरी से जून के बीच कुल 95,636 वाहनों का पंजीकरण हुआ
- इनमें 23,075 वाहन इलेक्ट्रिक और सीएनजी श्रेणी के थे
- ईंधन की बढ़ती कीमत के कारण ग्राहक ये वाहन ले रहे हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच इंदौर का ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से वैकल्पिक ईंधन वाले वाहनों की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही में शहर में बिके कुल वाहनों में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की रही। जनवरी से जून के बीच इंदौर में कुल 95,636 वाहनों का पंजीकरण हुआ, जिनमें 23,075 वाहन इलेक्ट्रिक या सीएनजी श्रेणी के थे। यानी शहर में बिकने वाला हर चौथा वाहन इलेक्ट्रिक या सीएनजी का रहा।
परिवहन विभाग में पंजीकृत वाहनों के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 की पहली छमाही में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 15.41 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 11.51 प्रतिशत थी। वर्ष 2025 की पहली छमाही में 9,414 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए थे, जो इस वर्ष बढ़कर 14,738 हो गए। इसी तरह सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी भी सात प्रतिशत से बढ़कर 8.71 प्रतिशत हो गई।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े मनीष भार्गव का कहना है कि बढ़ती ईंधन लागत और कम परिचालन खर्च के कारण उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की ओर बढ़ रहा है। बाजार में लगातार नए माडल आने से भी लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहन पर्यावरण संरक्षण के साथ उपभोक्ताओं की जेब पर भी कम बोझ डाल रहे हैं।
वाहनों की कुल बिक्री भी बढ़ी
इस वर्ष पहली छमाही में इंदौर में 95,636 वाहनों का पंजीकरण हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 81,788 थी। यानी इस बार 13,848 अधिक वाहन पंजीकृत हुए। कारों की बिक्री में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस वर्ष पहली छमाही में 1,409 इलेक्ट्रिक कारों का पंजीकरण हुआ, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 1,044 थी।
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