डिजिटल डेस्क, इंदौर। रिंग रोड पर पीपल्याहाना, बंगाली और खजराना चौराहे पर फ्लाईओवर बनने के बाद अब इंदौर के रोबोट चौराहे पर भी फ्लाईओवर निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने परियोजना पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में फिजिबिलिटी सर्वे की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि अब डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
प्रारंभिक योजना के अनुसार फ्लायओवर की लंबाई करीब 460 मीटर होगी और इसके निर्माण पर लगभग 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना की डिजाइन खजराना फ्लायओवर की तर्ज पर तैयार की जाएगी, जिसमें दोनों ओर अलग-अलग लेन होंगी और बीच से मेट्रो ट्रैक गुजरेगा।
दो महीने में टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी
आईडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. परीक्षित झाड़े ने बताया कि अगले दो महीने में सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परियोजना के टेंडर जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फ्लायओवर का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि नीचे से भी वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे। इसके लिए कम से कम पिलरों का उपयोग करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक प्रभावित न हो।
ग्रीन बेल्ट के पेड़ों का होगा ट्रांसप्लांट
फ्लायओवर की सॉलिड एप्रोच तैयार करने के लिए ग्रीन बेल्ट की कुछ जमीन का उपयोग किया जाएगा। इससे प्रभावित होने वाले पेड़ों को काटने के बजाय सौ फीसदी ट्रांसप्लांट किया जाएगा। आईडीए के बगीचों और अन्य निर्धारित स्थानों पर इन पेड़ों को स्थानांतरित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के दौरान पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
रेडिसन चौराहे पर भी फ्लाईओवर की संभावना
आईडीए रेडिसन चौराहे पर भी फ्लायओवर निर्माण की संभावनाओं का अध्ययन कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार यदि रोबोट चौराहे के बाद रेडिसन चौराहे पर फ्लायओवर नहीं बनाया गया तो भविष्य में वहां भी रोबोट चौराहे जैसी जाम की स्थिति बन सकती है। फिलहाल ब्रिज से वाहन बिना रुके निकल जाते हैं, लेकिन चौराहों पर पहुंचकर ट्रैफिक बाधित हो जाता है।
रोजाना 1.5 लाख से अधिक वाहन चालकों को मिलेगा लाभ
रोबोट चौराहे से प्रतिदिन करीब 1.5 लाख से 1.70 लाख वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में यहां अक्सर लंबा जाम लगने से वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फ्लायओवर बनने के बाद इस समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही रिंग रोड लगभग 75 प्रतिशत तक सिग्नल-फ्री हो जाएगा।
इस परियोजना का लाभ विजयनगर एक्सटेंशन, महालक्ष्मी नगर, तुलसी नगर और राजीव गांधी चौराहा क्षेत्र सहित 50 से अधिक कॉलोनियों के रहवासियों को मिलेगा। इसके अलावा खजराना से रेडिसन के बीच मौजूद ट्रैफिक बॉटलनेक भी समाप्त होने की संभावना है।
बारिश में 30 मिनट तक लग जाता है समय
वर्तमान में खजराना ब्रिज से रोबोट चौराहे की ओर आने वाले चार पहिया वाहनों को चौराहा पार करने में कई बार 20 मिनट तक लग जाते हैं। बारिश के दौरान यह समय बढ़कर करीब 30 मिनट तक पहुंच जाता है। सर्विस रोड पर भी वाहन फंसने से कई बार लंबा जाम लग जाता है। प्रस्तावित फ्लायओवर बनने के बाद इस समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है।
परियोजना के तहत दोनों लेन की चौड़ाई 12 मीटर होगी। वहीं, निर्माण कार्य का ठेका दिए जाने के बाद फ्लायओवर को लगभग 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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