60 करोड़ रुपये की लागत से बने रहे फ्लाईओवर का निर्माण को लेकर कई अड़चनें आ रही है। प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी बाधा चौराहे से गुजर रही 10 इंच की मुख्य गैस…और पढ़ें
HighLights
- दोनों तरफ अभी सिर्फ पिलरों का हुआ निर्माण, गैस पाइप लाइन को लेकर आइ थी दिक्कतें
- निर्माण शुरू हुए दो साल हो चुके है, लेकिन अभी तक 50 फीसद भी काम नहीं हुआ है
- स्थिति यह है कि फ्लाईओवर के दोनों ओर बने पिलरों पर पियर कैप का काम चल रहा है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रिंग रोड के आइटी पार्क चौराहे पर बन रहा फ्लाईओवर का काम बेहद धीमा है। निर्माण शुरू हुए दो साल हो चुके है, लेकिन अभी तक 50 फीसद भी काम नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि फ्लाईओवर के दोनों ओर बने पिलरों पर पियर कैप का काम चल रहा है। निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) ने निर्माण एजेंसी को निर्देश दे रखे है, क्योंकि अभी तक फ्लाइओवर पर गर्डर लान्चिंग होना बाकी है।
60 करोड़ रुपये की लागत से बने रहे फ्लाइओवर का निर्माण को लेकर कई अड़चनें आ रही है। प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी बाधा चौराहे से गुजर रही 10 इंच की मुख्य गैस पाइपलाइन है। इसे हटाने में कई महीने लग गए है। बावजूद कुछ हिस्से की पाइपलाइन हटाई जाना है। गैस पाइप लाइन से इलाके में गैस आपूर्ति होने की आशंका है। गैस पाइप लाइन को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बजाय उसे कंक्रीट केसिंग से सुरक्षित करने का काम चल रहा है। वहीं गेंहू अनुसंधान केंद्र से भी जमीन मिलने में काफी समय लगा है।
उठ रहे सवाल
मार्च 2024 में फ्लाईओवर का भूमिपूजन किया गया। तीन महीने बाद निर्माण कार्य शुरू किए गए। सबसे पहले निर्माण के दौरान बाधक पेड़ों को हटाया गया। इस दौरान रिंगरोड के ग्रीन बेल्ट से भी सैकड़ों पेड़ काट दिए गए। दो साल में पचास फीसद काम हो पाया है। प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार के पीछे निर्माण एजेंसी की कार्यशैली है, जो सवालों के घेरे में रही। फ्लाइओवर समय पर शुरू नहीं किया गया और प्रोजेक्ट के दौरान कई बार प्रोजेक्ट मैनेजर बदले गए। करीब एक वर्ष पहले निर्माण कार्य में कुछ तेजी जरूर आई, लेकिन फिर रफ्तार धीमी हो गई है।
पिलर ही खड़े हो पाए
आइटी पार्क चौराहे पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाना है। 800 मीटर लम्बे इस फ्लाइओवर के लिए अभी सिर्फ पिलर खड़े हो पाए है। एक तरफ इन दिनों पिलर पर पियर कैंप का काम चल रहा है, जो अगले दो से तीन महीने में पूरा किया जाएगा। इसके बाद पिलर पर गर्डर लांच की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक सितंबर से गार्डर बिछाने की योजना है।
वाहनों की लगती है कतारें
रोजाना आइटी पार्क चौराहे से 60-70 हजार वाहन गुजरते है। निर्माण में देरी का असर इन लोगों पर नजर आता है। यह स्थिति पिछले दो साल से बनी हुई है। इसके चलते शाम के समय वाहनों की कतारें लग जाती है। इतना ही नहीं सर्विस रोड भी खराब हो चुकी है। बरसात से पहले एजेंसी ने मरम्मत की है। मगर कई जगह अभी सड़क जगह-जगह ऊबड़-खाबड़ है। लोगों को एेसे में वाहन चलाने में दिक्कतें आती है।
अतिरिक्त समय मांगा
फ्लाईओवर को पूरा करने की डेडलाइन नजदीक आ चुकी है, लेकिन अभी पिलर खड़े किए जा रहे है। जल्द ही गर्डर लान्चिंग का काम भी शुरू किया जाएगा। वैसे निर्माण खत्म करने के लिए एजेंसी ने आठ महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। -गगन भाभर, डिवीजनल मैनेजर, एमपीआरडीसी
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