योजना के तहत चयनित छात्र-छात्राएं मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे और पढ़ाई से असंतुष्ट होने का आरोप लगाते हुए अपना स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) दिलाने…और पढ़ें
HighLights
- कोचिंग और स्कूल की पढ़ाई से असंतुष्ट विद्यार्थियों ने जनसुनवाई में लगाई गुहार
- छात्र-छात्राएं जनसुनवाई में पहुंचे और पढ़ाई से असंतुष्ट होने का आरोप लगाते हुए अपना टीसी दिलाने की मांग की
- उनका कहना था कि यदि उन्हें इसी संस्थान में पढ़ना पड़ा तो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी तो दूर, 12वीं कक्षा पास करना भी मुश्किल हो जाएगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अनुसूचित जनजाति (एसटी) के विद्यार्थियों को जेईई, नीट और क्लेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के उद्देश्य से संचालित प्रदेश सरकार की अकांक्षा योजना पर इंदौर में सवाल उठ रहे हैं।
योजना के तहत चयनित छात्र-छात्राएं मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे और पढ़ाई से असंतुष्ट होने का आरोप लगाते हुए अपना स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) दिलाने की मांग की। उनका कहना था कि यदि उन्हें इसी संस्थान में पढ़ना पड़ा तो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी तो दूर, 12वीं कक्षा पास करना भी मुश्किल हो जाएगा।
कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे छात्रों ने कलेक्टर शिवम वर्मा से मुलाकात कर कोचिंग संस्थान में पढ़ाई नहीं होने की शिकायत की है।विद्यार्थियों का कहना था कि बड़वानी, धार, झाबुआ, अलीराजपुर सहित अन्य जिलों के विद्यार्थियों का चयन आकांक्षा योजना में हुआ था। इसके बाद विभाग ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के लिए इंदौर की विद्याश्री एजुकेशन एकेडमी में प्रवेश दिलाया।
छात्रों का आरोप है कि यहां नियमित कक्षाएं नहीं लग रही हैं और पढ़ाई का स्तर भी संतोषजनक नहीं है। इससे उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थियों का कहना था कि पहले उन्होंने संस्थान प्रबंधन से टीसी मांगी, ताकि किसी अन्य स्कूल में प्रवेश लेकर पढ़ाई जारी रख सकें।
प्रबंधन ने विभाग की लिखित अनुमति के बिना टीसी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद सभी छात्र अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में पहुंचे, जहां कलेक्टर शिवम वर्मा ने उन्हें जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त के पास भेजा।जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त नीरज पाराशर ने बताया कि छात्रों की शिकायतों का संज्ञान लिया गया है। संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न हो। विभाग मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
बच्चियों की स्कूल फीस होगी माफ
जनसुनवाई में भावुक पल भी देखने को मिला, जब तीन नातियों सिद्धि भावले, तमन्ना भावले एवं हिमांशी भावले के साथ नानी जनसुनवाई में पहुंची। उन्होंने बताया कि बच्चियों के माता-पिता का स्वर्गवास हो चुका है, जिसके बाद उनके पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे बच्चियों की स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को बच्चियों की स्कूल फीस माफ कराने के निर्देश दिए।शासन की योजना का लाभ भी दिलाया जाएगा।
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