देश के कई हिस्सें में भारी बारिश हो रही है। कई जगह बारिश के पानी में गाड़ियां बह गई है। असम के कई हिस्से बाढ़ के कारण अभी भी जलमग्न हैं। अधिकारियों ने बताया कि 11 जिले बाढ़ की चपेट में आए हैं। इससे 7.21 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, मरने वालों की संख्या 47 हो गई है।
बाढ़ की वजह से कितना नुकासान हुआ?
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित जिले गोलाघाट, होजई, कामरूप, चराइदेव, जोरहाट, डिब्रूगढ़, शिवसागर, नागांव, कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग और तिनसुकिया हैं। कुल 37 राजस्व सर्कल और 883 गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि बाढ़ के कारण 25,375.44 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है।
बाढ़ का समसे ज्यादा असर क्या हुआ?
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का सबसे गंभीर असर शिवसागर जिले में देखा गया है, जहां 3,75,682 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद चराइदेव में 1,86,351 और जोरहाट में 1,15,764 लोग प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने पुष्टि की कि अब तक बाढ़ के कारण 47 लोगों की मौत हुई है। शिवसागर में 4, जबकि चराइदेव जिले में दो लोग बाढ़ की चपेट में आए। बाढ़ की ताजा रिपोर्ट में किसी के लापता होने की सूचना नहीं है।

कितने लोगो को राहत वितरण केंद्रों पर पहुंचाया गया है?
प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत सुविधाएं शुरू की हैं। अभी 103 राहत शिविर और 255 राहत वितरण केंद्र चल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि 24,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि 2.39 लाख से अधिक लोगों को राहत वितरण केंद्रों के जरिए मदद मिली है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि सबसे अधिक प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना, अग्निशमन व आपातकालीन सेवाएं और जिला प्रशासन की टीमें राहत व बचाव अभियान में जुटी हैं।
गुजरात में क्या हाल है?
वहीं, गुजरात में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियां उफान पर हैं और सड़कें पानी में डूब चुकी हैं। राहत और बचाव दल लगातार लोगों की जान बचाने में लगे हैं। वाव-थराद जिले के भाभर शहर में जोरदार बारिश हुई। लाटी बाजार इलाके में दुकानों के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया।
केंद्र से मदद की गारंटी और मौसम का अलर्ट?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की है। उन्होंने राज्य के हालात की जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से बात कर जरूरी सहायता देने की बात कही है। सूरत में भी 2,200 लोगों को शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है।
महाराष्ट्र में क्या स्थिति?
वहीं, महाराष्ट्र में भारी बारिश ने कई कस्बों और गांवों को जलमग्न कर दिया, जिससे कई लोग फंसे रह गए और अधिकारियों को बचाव अभियान तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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