Gwalior Loan Fraud Suicide Case: पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई है। वह शनिवार से लापता था।
HighLights
- 3.45 करोड़ के बैंक लोन का झांसा देकर वसूले 23 लाख रुपये
- कर्ज और 20% ब्याज के दबाव में कदम उठाने पर हुआ मजबूर
- सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम, पुलिस जांच में जुटी
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। लोन दिलाने के नाम पर 23 लाख रुपये की कथित ठगी से परेशान एक युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने पांच पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें तीन लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। युवक ने पत्र में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की अपील भी की है।
जसपाल सिंह के रूप में हुई मृतक की पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान जसपाल सिंह यादव के रूप में हुई है। वह शनिवार से लापता था। रविवार देर रात झांसी रोड थाना क्षेत्र की रेलवे लाइन पर उसका शव मिला। सोमवार सुबह परिजनों ने शव की पहचान की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और सुसाइड नोट को जांच में शामिल कर लिया है।
3.45 करोड़ के लोन का झांसा
सुसाइड नोट के अनुसार, आरोपियों ने जसपाल को विश्वास दिलाया कि उनकी करीब डेढ़ करोड़ रुपये कीमत की जमीन पर 3.45 करोड़ रुपये का बैंक लोन स्वीकृत हो गया है। कथित बैंक स्वीकृति पत्र दिखाकर लोन प्रक्रिया के नाम पर उससे 23 लाख रुपये ले लिए। फरवरी 2025 से जुलाई 2026 तक लगातार टालमटोल की गई, लेकिन न तो लोन मिला और न ही रकम लौटाई गई।
जसपाल ने लिखा है कि 23 लाख रुपये जुटाने के लिए उसने बुलेट बाइक, कार, सफारी वाहन और सोना तक गिरवी रखा तथा ऊंचे ब्याज पर रकम ली। 20 प्रतिशत ब्याज के कारण उसकी देनदारी बढ़कर करीब 35 लाख रुपये हो गई। आर्थिक और मानसिक दबाव के चलते उसने यह कदम उठाने की बात लिखी है।
तीन लोगों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे
सुसाइड नोट में आशीष गुप्ता, डबरा निवासी रवि जाटव और टेकनपुर निवासी रवि कुमार का नाम दर्ज है। मृतक ने दावा किया है कि इन लोगों ने न सिर्फ उसके साथ, बल्कि कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की है। उसने आरोपियों के मोबाइल नंबर और अन्य विवरण भी लिखे हैं।
सिंधिया से लगाई न्याय की गुहार
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सुसाइड नोट के अंतिम हिस्से में जसपाल ने लिखा कि वह मरना नहीं चाहता था, लेकिन कथित धोखाधड़ी और आर्थिक बर्बादी ने उसे आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
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उसने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उसके पिता को रुपये वापस दिलाने और मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास दिलाने की अपील की है।
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पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।
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नोट में दर्ज नामों, मोबाइल नंबरों और अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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