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MP में बसों के पहिये थमने से बढ़ेगी परेशानी, ऑपरेटर आठ अगस्त से करेंगे हड़ताल; नई परिवहन नीति स्थगित करने और किराया बढ़ाने की मांग

MP में बसों के पहिये थमने से बढ़ेगी परेशानी, ऑपरेटर आठ अगस्त से करेंगे हड़ताल; नई परिवहन नीति स्थगित करने और किराया बढ़ाने की मांग

ध्य प्रदेश के साथ ही इंदौर के बस ऑपरेटर आठ अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं। ऑपरेटरों ने इसको लेकर संभागायुक्त और परिवहन विभाग को ज…और पढ़ें

Publish Date: Tue, 04 Aug 2026 09:18:16 AM (IST)Updated Date: Tue, 04 Aug 2026 09:25:15 AM (IST)

बसों के पहिये थमने से यात्री होंगे परेशान। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मध्य प्रदेश के साथ ही इंदौर के बस ऑपरेटर आठ अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं
  2. ऑपरेटरों ने इसको लेकर संभागायुक्त और परिवहन विभाग को ज्ञापन सौंपा है
  3. बस ऑपरेटरों की मांग है कि नई परिवहन नीति को स्थगित करें और यात्री किराये में बढ़ोतरी की जाए

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : मध्य प्रदेश के साथ ही इंदौर के बस ऑपरेटर आठ अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं। ऑपरेटरों ने इसको लेकर संभागायुक्त और परिवहन विभाग को ज्ञापन सौंपा है।

बस ऑपरेटरों की मांग है कि नई परिवहन नीति को स्थगित करें और यात्री किराये में बढ़ोतरी की जाए। ऑपरेटरों की मांगें नहीं मानी तो इंदौर से चलने वाली ग्यारह सौ से अधिक बसों के पहिये थम जाएंगे। इससे यात्रियों, छात्रों और व्यापारिक गतिविधियों पर व्यापक असर दिखाई दे सकता है।

40 हजार से अधिक यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है

इंदौर से प्रतिदिन चलने वाली बसों में यात्रा करने वाले 40 हजार से अधिक यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है, क्योंकि बस ऑपरेटरों ने मांगें नहीं माने जाने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। प्राइम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश एवं मध्य प्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन के आव्हान पर आठ अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल की घोषणा की गई है।

अब डीजल 100 रुपये प्रति लीटर हो चुका है

बस ऑपरेटरों ने प्रदेश में लाई जा रही नई परिवहन नीति के विरोध के साथ ही बस किराया बढ़ाने की मांग शासन के सामने रखी है। प्राइम रूट बस ओनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंडित गोविंद शर्मा एवं इंदौर के जिला अध्यक्ष अजय सिंह चौहान ने बताया कि आखिरी बार 2021 में बस किराया बढ़ाया गया था और तब से 1.25 रुपये प्रति किमी ही किराया वसूला जा रहा है। उस समय 79 रुपये डीजल मिलता था, लेकिन अब डीजल 100 रुपये प्रति लीटर हो चुका है। वहीं बस पार्ट्स, टायर, ऑयल और अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए। इसलिए बसों का किराया बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति किमी किया जाए।

ग्रामीण मार्गों पर पड़ेगा असर

सावन में त्योहारों के कारण आमजन अधिक यात्रा करते हैं। ऐसे में यदि बस ऑपरेटर और शासन के बीच में सहमति नहीं बनती है और हड़ताल होती है, तो लंबी दूरी और ग्रामीण मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। स्टेज कैरिज के साथ ही उपनगरीय बसें भी नहीं चलेंगी। मार्च में होली से पहले भी हड़ताल की घोषणा की गई थी, लेकिन तब सहमति बनने से हड़ताल टाल दी गई।

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