नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर शहर के सबसे बड़े लवकुश फ्लाईओवर के पूर्ण संचालन का इंतजार अब खत्म होने वाला है। फ्लाईओवर की दूसरी भुजा पर सभी स्पान को जोड़ने और कंक्रीट का काम पूरा कर लिया गया है। अब इसके ऊपर डामर बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है।
योजना के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो सितंबर के आखिरी पखवाड़े में दूसरी भुजा को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इसके बाद प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों को चौराहे की भीड़ और रुकावट से बड़ी राहत मिलेगी।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) के अधिकारियों के अनुसार दूसरी भुजा पर कंक्रीट का काम पूरा होने के बाद अब आवश्यक क्यूरिंग पीरियड पूरा किया जा रहा है। मौसम अनुकूल रहने पर डामर बिछाने का काम शुरू होगा। फ्लाईओवर पर डामर की दो लेयर बिछाई जाएंगी, जिसमें बीसी और मास्टिक की परत शामिल है। यह काम करीब एक सप्ताह में पूरा करने की योजना है।
गौरतलब है कि लवकुश चौराहे पर 175 करोड़ की लागत से 1454 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। छह लेन का यह फ्लाईओवर मेट्रो के ऊपर 23 मीटर ऊंचा है। यहां 400-400 टन वजनी दो बो स्ट्रिंग गर्डर भी लगाए गए हैं। इनका निर्माण फ्लाईओवर के ऊपर ही किया गया और धकेलकर चौराहे पर स्थापित किया गया।
पहली भुजा शुरू होने से मिली राहत
लवकुश चौराहा फ्लाईओवर की एक भुजा पर पहले ही यातायात शुरू किया जा चुका है। उज्जैन रोड से मरीमाता की ओर जाने वाले वाहन अब फ्लाईओवर से बिना चौराहे पर रुके गुजर रहे हैं। फिलहाल इस मार्ग पर ट्रायल के तौर पर यातायात संचालित किया जा रहा है। पहली भुजा को शुरू करने का एक प्रमुख कारण नीचे सर्विस रोड का निर्माण कार्य भी रहा।
सर्विस रोड के काम के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था, ऐसे में वाहनों को फ्लाईओवर से गुजारकर राहत देने की व्यवस्था की गई। दूसरी भुजा शुरू होने के बाद चौराहे पर यातायात का दबाव पूरी तरह कम होने की उम्मीद है।
लाइट पोल लगे, सर्विस रोड बन रही
फ्लाईओवर पर लाइट पोल लगाने का काम भी पूरा किया जा चुका है। वहीं चौराहे के आसपास सर्विस रोड का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। आइडीए का लक्ष्य है कि सितंबर तक सर्विस रोड का काम भी पूरा कर लिया जाए, जिससे फ्लाईओवर के साथ नीचे की यातायात व्यवस्था भी सुचारु हो सके।
अनुमति और भार परीक्षण पूर्ण
पहली भुजा को यातायात के लिए शुरू करने से पहले आवश्यक अनुमतियां ली जा चुकी हैं और फ्लाईओवर के स्पान की भार क्षमता का परीक्षण भी पूरा हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार एक भुजा के परीक्षण और तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरी भुजा को शुरू करने के लिए अलग से उसी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी।
अब दूसरी भुजा पर फिनिशिंग कार्य और डामरीकरण पूरा होते ही इसे यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। इसके बाद लवकुश चौराहा शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ी राहत देने वाला प्रमुख चौराहा बन जाएगा।
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लागत और लंबाई
- कुल लागत : ₹175 करोड़
- कुल लंबाई : 1454 मीटर
- विशेषता : 6 लेन
- ऊंचाई : मेट्रो के ऊपर 23 मीटर
संरचना
- बो स्ट्रिंग गर्डर : 2 नग, वजन 400-400 टन प्रत्येक
- स्पान : सभी स्पान जोड़े जा चुके
- डामर की परतें : 2 लेयर – बीसी + मास्टिक
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