नगर निगम ने संभावित जलसकंट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में जल नीति को हरी झंडी मिल गई। नर्मदा या बोरिंग के पानी का दुरुपयोग करने वालों पर अब नगर निगम सख्ती करेगा।
HighLights
- मोटर से पानी खींचने वालों पर भी होगी सख्ती
- लगेगी पांच से दस हजार रुपये तक पेनल्टी
- निगम ने संभावित जलसकंट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : नगर निगम ने संभावित जलसकंट से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में जल नीति को हरी झंडी मिल गई। नर्मदा या बोरिंग के पानी का दुरुपयोग करने वालों पर अब नगर निगम सख्ती करेगा।
नर्मदा या बोरिंग के पानी से कार धोने या इस पानी का किसी भी अन्य तरीके से दुरुपयोग करने वालों को दो से दस हजार रुपये तक जुर्माना देना होगा। इसी तरह घरों में मोटर लगाकर पाइप लाइन से सीधे पानी खींचने और इससे दूसरों के घरों की जलापूर्ति प्रभावित करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
अवैध कनेक्शनों को वैध कराने के लिए 12 नवंबर से विशेष अभियान चलेगा
ऐसे मामलों में पहली बार पांच हजार और इसके बाद हर बार दस हजार रुपये जुर्माना देना होगा। अवैध कनेक्शनों को वैध कराने के लिए 12 नवंबर से विशेष अभियान चलेगा जो 21 दिन तक जारी रहेगा। इसके बाद बड़े स्तर पर कनेक्शनों की जांच की जाएगी। अवैध कनेक्शन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई
निगम मुख्यालय में सोमवार दोपहर बाद हुई मेराथन बैठक तीन घंटे से ज्यादा समय तक चली। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि बैठक में जल प्रबंधन, अवैध कनेक्शन, विज्ञापन नीति, आवास और कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
पानी के वितरण और टैंकरों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके
तय किया गया कि सार्वजनिक जल संसाधनों के दुरुपयोग और पानी के अनावश्यक उपयोग की शिकायत मिलने पर पहली बार उल्लंघन पर दो हजार, दूसरी बार पांच हजार और तीसरी और प्रत्येक आगामी बार दस हजार रुपये जुर्माना लगाया जाए। जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 से अधिक नए टैंकर खरीदने का निर्णय भी लिया गया। सभी हाइड्रेंट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि पानी के वितरण और टैंकरों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
एजेंसियों को सात दिन में व्यवस्था सुधारना होगी
महापौर ने बताया कि जिन लोगों या एजेंसियों ने अपने स्तर पर पानी के टैंकर लगा रखे हैं, उन्हें अगले सात दिन में टैंकरों की व्यवस्था सुधारना होगी। टैंकर संचालन में लापरवाही या निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाएगा। नगर निगम की एजेंसियों, अधिकारियों और निगम द्वारा नियुक्त टैंकर संचालकों को भी नियमों से छूट नहीं मिलेगी। गड़बड़ी पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
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