वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 12 देशों के लोगों के अमेरिका आने पर पूरी रोक लगाने का आदेश जारी किया है।
इन देशों में अफगानिस्तान, म्यांमार बर्मा, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन शामिल हैं। व्हाइट हाउस के मुताबिक यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता की सुरक्षा के लिए लिया गया है।
इसके साथ ही ट्रम्प ने सात देशों बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टागो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के नागरिकों के अमेरिका आने पर आंशिक रोक भी लगाई है। ये इमिग्रेशन और नॉन-इमिग्रेशन दोनों तरह के वीजा पर लागू होगी।
ट्रम्प ने कहा कि
अमेरिका को ऐसे विदेशी नागरिकों से सुरक्षित रखना जरूरी है जो आतंकवादी हमले करने, राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने, नफरत फैलाने या इमिग्रेशन कानूनों का गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।


ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में भी विदेशी नागरिकों के अमेरिका आने पर रोक लगाने का हवाला दिया।
ट्रम्प बोले- वीजा जारी करते वक्त सावधानी बरतें
ट्रम्प ने दूसरे देशों के नागरिकों को वीजा जारी करते वक्त सावधानी बरतने के लिए कहा है। उन्होंनें कहा कि वीजा जारी करते वक्त ध्यान रखना चाहिए कि ऐसे लोग अमेरिका न आ सकें जो अमेरिकियों या देश के हितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
ट्रम्प ने कहा कि,
इमिग्रेशन वीजा पर आने वाले लोग स्थायी निवासी बन जाते हैं, इसलिए उनकी जांच ज्यादा जरूरी और कठिन होती है। सुरक्षा को खतरा होने पर भी इन लोगों को निकालना मुश्किल होता है। वहीं दूसरी तरफ नॉन-इमिग्रेशन वीजा पर आने वालों की जांच कम होती है। इसलिए जिन देशों में पहचान और जानकारी शेयर करने से जुड़ी व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं, उनसे आने वाले लोगों पर रोक लगाना जरूरी है।


ट्रम्प ने अमेरिकी नागरिकों और दूसरे देशों से आकर बसने वालों लोगों को हिदायत दी है कि वे अमेरिका के प्रति नफरत न रखें और न ही किसी आतंकवादी संगठन का समर्थन करें।
ट्रम्प बोले- आतंकवाद को रोकने को लिए प्रतिबंध जरूरी
ट्रम्प ने आतंकवाद को रोकने के लिए इन प्रतिबंधों को जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध इसलिए भी जरूरी हैं ताकि विदेशी सरकारों से सहयोग मिल सके, इमिग्रेशन कानूनों को लागू किया जा सके और राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी नीति और आतंकवाद विरोधी कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।
आदेश में अफगानिस्तान को लेकर बताया गया है कि वहां तालिबान का नियंत्रण है, जो एक आतंकवादी समूह है और पासपोर्ट या नागरिक दस्तावेज जारी करने के लिए कोई सक्षम या सहयोगी सरकार नहीं है। साथ ही, वहां उचित जांच-परख के तरीके भी नहीं हैं।
म्यांमार पर रोक का कारण वहां के लोगों का वीजा अधिक समय तक बिना अनुमति के अमेरिका में रहना बताया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक म्यांमार के B1/B2 वीजा धारकों का 27.07% और F, M, J वीजा धारकों का 42.17% अधिक समय तक अमेरिका में रह जाना पाया गया है। इसके अलावा, म्यांमार ने अमेरिका के नागरिकों को वापस लेने में सहयोग नहीं किया है।
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