सियोल3 दिन पहले
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डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया (DPK) के उम्मीदवार ली जे म्युंग ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की।
साउथ कोरिया के राष्ट्रपति चुनाव में वामपंथी रुझान वाली लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया (DPK) के नेता ली जे-म्युंग ने जीत दर्ज की। उन्होंने सत्ताधारी पीपुल पावर पार्टी (PPP) के किम मून सू को हराया।
शुरुआती वोट काउंटिंग में ली 48.31% वोटों के साथ आगे हैं, जबकि किम को सिर्फ 42.9% वोट मिले।
ली ने जीत के बाद कहा- मैं मतदाताओं का धन्यवाद करता हूं। मैं इस जिम्मेदारी को कभी नहीं भूलूंगा और देश को एकजुट करने, अर्थव्यवस्था को सुधारने और उत्तर कोरिया के साथ शांति स्थापित करने के लिए काम करूंगा।
वहीं, किम मून ने हार स्वीकारते हुए कहा कि- मैं लोगों के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं और ली जे-म्युंग को जीत पर बधाई देता हूं।

78% से ज्यादा लोगों ने वोटिंग की थी
राष्ट्रपति चुनाव में कुल वोटर टर्नआउट 78.3% रहा, जो 1997 के बाद से सबसे ज्यादा है। जबकि 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में टर्नआउट 77.1% था। साउथ कोरिया में 1987 में हुए चुनाव में सबसे ज्यादा 89.2% वोटिंग हुई थी।
इस बार के चुनाव में वैसे तो 6 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन असल मुकाबला सिर्फ DPK और PPP पार्टी के उम्मीदवारों में था।
समय से पहले हुए राष्ट्रपति चुनाव
वैसे तो साउथ कोरिया में 2027 में चुनाव होने थे, लेकिन PPP पार्टी के यून सुक योल को पिछले साल दिसंबर में मार्शल लॉ लगाने की वजह से राष्ट्रपति पद से हटा दिया गया था।
यून सुक योल ने मार्शल लॉ लगाने के पीछे राज्य-विरोधी ताकतों और उत्तर कोरिया से खतरे का हवाला दिया था। हालांकि, जल्द ही यह साफ हो गया था कि उन्होंने मार्शल लॉ सिर्फ अपनी राजनीतिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए लगाया था।
एक हफ्ते बाद, संसद ने उन पर महाभियोग लगाया। 4 अप्रैल को, संवैधानिक अदालत ने उनका महाभियोग बरकरार रखा और उन्हें स्थायी तौर पर पद से हटा दिया। इसके बाद कानून के मुताबिक 60 दिन में चुनाव कराना अनिवार्य हो गया था।

यून सुक-योल ने मार्शल लॉ लगाने के लिए देश से सर झुकाकर माफी मांगी थी।
दक्षिण कोरिया चुनाव से जुड़ी खास बातें….
- जनता डायरेक्ट वोटिंग के जरिए राष्ट्रपति का चुनाव करती है। राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच साल होता है, वे दूसरा कार्यकाल नहीं ले सकते। यह नियम 1987 में लागू हुआ।
- राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को इलेक्शन कैंपेन के लिए सिर्फ 23 दिन का टाइम मिलाता है। ताकि चुनाव में फिजूल खर्ची रोकी जा सके।
- दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति चुनाव में एक ही दौर की वोटिंग होती है। सबसे ज्यादा वोट पाने वाला उम्मीदवार विजेता घोषित होता है।
- इस बार के चुनाव में राष्ट्रपति पद के लिए कोई महिला उम्मीदवार नहीं थी। यह 18 साल में पहली बार था। 2012 में चार महिलाओं ने राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लिया था।
- इस बार के इलेक्शन कैंपेन में K-पॉप जैसे कोरियोग्राफ डांस और हिप-हॉप म्यूजिक का इस्तेमाल हुआ।
- दक्षिण कोरिया में 4.24 करोड़ वोटर्स है, जो देश कि कुल आबादी का 82% है। इनमें से 50.5% महिलाएं हैं।

साउथ कोरिया चुनाव के प्रमुख मुद्दे…
उत्तर कोरिया के साथ संबंध: साउथ कोरिया की राजनीति में उत्तर कोरिया हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है। 2024 में दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव बना रहा है। DPK इस तनाव को कम करना चाहती है, जबकि PPP कठोर रुख अपनाना चाहती थी।
अमेरिका के साथ संबंध: ट्रम्प चाहते हैं कि साउथ कोरिया उसके यहां तैनात अमेरिकी सैनिकों का खर्च उठाए इसके अलावा टैरिफ को लेकर भी दोनों देशों में तनाव है।
जन्म दर में कमी: दक्षिण कोरिया जन्म दर में भारी गिरावट से जूझ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दक्षिण कोरिया की जन्म दर 0.75 है, जो दुनिया में सबसे कम है।
यून का मार्शल लॉ: यून के मार्शल लॉ की वजह से देश के एक बड़े हिस्से में नाराजगी है। DPK पार्टी ने इस मार्शल लॉ को विद्रोह कहा था।
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