बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणों की स्थानीय आवश्यकताओं जैसे- सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। योजना पर काम अगले साल यानी 2026-27 से प्रारंभ होगा।
By Navodit Saktawat
Publish Date: Tue, 10 Jun 2025 09:01:11 PM (IST)
Updated Date: Tue, 10 Jun 2025 10:26:51 PM (IST)
HighLights
- 21630 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़कें देंगी सुविधाएं।
- मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना को दी गई सैद्धांतिक स्वीकृति।
- मध्य प्रदेश के बाहर से आयातित तुअर पर नहीं लगेगा मंडी शुल्क।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। छह हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्रों को अब मुख्य मार्ग से जोड़ा जाएगा जहां 20 आवास और 100 से अधिक लोग रहते हैं पर बारहमासी सड़क से 50 मीटर दूर हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना में दो चरणों में बीस हजार से अधिक बसाहटों को 30 हजार 900 किलोमीटर सड़क बनाकर जोड़ा जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 21 हजार 630 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। यह राशि सरकार अपने बजट से लगाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कैबिनेट बैठक में यह योजना प्रस्तुत की। इसमें बताया गया कि वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहला और वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में निर्माण कार्य किया जाएगा।
आयातित तुअर पर मंडी शुल्क नहीं
प्रदेश में तुअर दाल उद्योगों की आवश्यकता को देखते हुए बाहर से आयातित तुअर पर मंडी शुल्क से पूरी तरह छूट देने का निर्णय लिया गया। अभी सौ रुपये पर एक रुपये मंडी शुल्क लेने का प्रविधान है। सरकार लगातार इसमें छूट दे रही है। वर्ष 2024-25 में मंडी समितियों को मंडी शुल्क से 1,329 करोड़ रुपये की आय हुई। छूट देने से लगभग 20 करोड़ रुपये की आय प्रभावित होगी। प्रदेश में 134 तुअर दाल प्रसंस्करण इकाइयां हैं, जिनकी क्षमता छह लाख टन है।
झाबुआ, सिंगरौली, देवास, नर्मदापुरम में बनेंगे कामकाजी महिलाओं के छात्रावास
बैठक में झाबुआ, सिंगरौली, देवास और नर्मदापुरम में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाने का निर्णय लिया गया। ये 350 सीट की क्षमता वाले होंगे। योजना निजी सार्वजनिक भागीदार माडल पर संचालित होगी और इस पर 40 करोड़ 59 लाख रुपये व्यय होंगे।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बनेगी जिला विकास सलाहकार समिति
- प्रत्येक जिले की विकास योजना का रोडमेप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति बनाई जाएगी।
एमबीबीएस के लिए मेधावी विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी छात्रवृत्ति
- कैबिनेट ने एमबीबीएस पाठ्यक्रम के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में निर्धारित अधिकतम शुल्क की राशि के समरूप राशि को मेधावी विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में छात्रवृत्ति दिए जाने की स्वीकृति दी।
- यह अतिरिक्त शुल्क की पूर्ण प्रतिपूर्ति के लिए आवश्यक शेष धनराशि योजनांतर्गत विद्यार्थियों को ब्याज रहित ऋण के रूप में शासन द्वारा दी जाएगी।
- मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजनांतर्गत एमबीबीएस पाठ्यक्रम में लाभ के लिए नीट परीक्षा में आल इंडिया रैंक डेढ़ लाख (1.5 लाख) तक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही पात्र होंगे।
- यह व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से प्रवेशित विद्यार्थियों पर प्रभावशील होगी।
- उल्लेखनीय है कि पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद आगामी पांच वर्षों के लिए निर्धारित ग्रामीण क्षेत्र में काम करने पर सेवाकाल के अनुपात में ऋण की अतिशेष राशि को कम माना जा सकेगा।
- ढाई वर्ष कार्य करने पर 50 प्रतिशत ऋण भुगतान किया हुआ माना जाएगा।
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