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क्या अमेरिका, ब्रिटेन इजरायल-ईरान युद्ध में होंगे शामिल? ट्रम्प की चेतावनी से तेहरान में डर का माहौल

मिडिल ईस्ट में इजराइल-ईरान संघर्ष के बीच ब्रिटेन ने अतिरिक्त RAF जेट तैनात किए हैं। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इसे आपात समर्थन बताया और तनाव घटाने की अपील की। ईरान के जवाबी हमलों से तनाव बढ़ा है। अमेरिका ने सैन्य हस्तक्षेप से इनकार किया लेकिन कूटनीति पर जोर दिया।

By Anurag Mishra

Publish Date: Sun, 15 Jun 2025 04:35:36 PM (IST)

Updated Date: Sun, 15 Jun 2025 04:39:53 PM (IST)

क्या अमेरिका, ब्रिटेन इजरायल-ईरान युद्ध में होंगे शामिल? ट्रम्प की चेतावनी से तेहरान में डर का माहौल
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव में क्या होगा अमेरिका का रुख? (फाइल फोटो)

HighLights

  1. स्टारमर ने तनाव कम करने की अपील की।
  2. इजराइल ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया।
  3. ईरान ने ड्रोन-मिसाइल से जवाबी कार्रवाई की।

एजेंसी, तेल अवीव। मिडिल ईस्ट में इजराइल और ईरान के बीच तेजी से बिगड़ती स्थिति के बीच ब्रिटेन ने क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति को और बढ़ा दिया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने शनिवार को घोषणा की कि ब्रिटेन रॉयल एयर फोर्स (RAF) के अतिरिक्त टाइफून लड़ाकू विमान और एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट मिडिल ईस्ट भेज रहा है। उनका कहना है कि यह कदम “क्षेत्रीय आपात समर्थन” और तेजी से बिगड़ती स्थिति से निपटने की तैयारी का हिस्सा है।

स्टारमर ने यह बात ओटावा यात्रा के दौरान पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि हम अपनी संपत्तियों को क्षेत्र में भेज रहे हैं, जिसमें लड़ाकू जेट शामिल हैं। इसका मकसद है कि तनाव कम करें।

ईरान के जवाबी हमले से बढ़ा तनाव

तनाव की यह स्थिति तब पैदा हुई, जब शुक्रवार तड़के इजराइल ने ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर हमले शुरू किए। उसके जवाब में ईरान ने शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक इजराइल पर ड्रोन और मिसाइलों की बौछार कर दी। इस जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका को और बढ़ा दिया है।

अमेरिकी वेबसाइट ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के अनुसार इजराइल ने अमेरिका से सहयोग मांगा है। वह चाहता है कि ईरान के फोर्डो यूरेनियम संवर्धन संयंत्र को अमेरिका निशाना बनाए, क्यों कि यह इजराइल की पहुंच से बाहर माना जा रहा है। अमेरिका के पास ऐसे बंकर-बस्टर बम हैं, जो इस तरह के गहरे ठिकानों को भी नष्ट कर सकते हैं।

ट्रम्प ने सैन्य समर्थन से किया इनकार

  • कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने निजी तौर पर इजराइल को सैन्य समर्थन देने की सहमति दी है, लेकिन व्हाइट हाउस ने इस दावे को खारिज कर दिया। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमारे पास कूटनीतिक समाधान की क्षमता है, लेकिन ईरान तैयार होना होगा। ईरान के लिए शांति का सबसे तेज रास्ता परमाणु हथियारों की महत्वाकांक्षा छोड़ देना है।
  • ट्रम्प प्रशासन ने अब तक सीधे सैन्य हस्तक्षेप से परहेज किया है। हालांकि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने लगभग 40,000 सैनिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान को चेताया कि वह अमेरिकी ठिकानों या सैनिकों को निशाना न बनाए। उन्होंने कहा कि इजराइल की सैन्य कार्रवाई स्वतंत्र है।
  • ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर दिया जोर

    स्टारमर ने कहा कि उन्होंने इस तनाव भरे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की है। उन्होंने इन चर्चाओं का ब्योरा नहीं दिया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, जिससे क्षेत्रीय युद्ध की संभावना को रोका जा सके।

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