फर्जी रिचार्ज के माध्यम से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) को 129 करोड़ की चपत लगाने के मामले में पेमेंट गेटवे प्लेटफॉर्म रेजरपे भी जांच …और पढ़ें
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। फर्जी रिचार्ज के माध्यम से भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) को 129 करोड़ की चपत लगाने के मामले में पेमेंट गेटवे प्लेटफॉर्म रेजरपे भी जांच की जद में आ गया है। कंपनी ने टेक्निकल गड़बड़ी बताकर पल्ला झाड़ लिया था। उधर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपित कारोबारियों की भी तलाश शुरू कर दी है।
एसआई विश्वजीत सिंह तोमर के अनुसार बीपीसीएल के प्रादेशिक प्रबंधक (रिटेल) विक्रांत हाठे की शिकायत पर आरोपित बलवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, वाहिद खान, दलवीर सिंह, विशाल सिंह और शशि सिंह के खिलाफ करोड़ों की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।
कार्ड रिचार्ज किए बिना निकाला करोड़ों का डीजल
विक्रांत ने शिकायत में बताया कि बीपीसीएल द्वारा बीटूबी (ट्रांसपोर्टर) और बीटूसी (व्यक्तिगत) ग्राहकों को ऑनलाइन भुगतान के लिए कार्ड जारी किया जाता है, जिसे पेमेंट गेटवे प्लेटफॉर्म रेजरपे से रिचार्ज करवाया जाता है। कार्ड से ग्राहक भारत के किसी भी बीपीसीएल पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल की खरीदी कर सकता है। आरोपितों द्वारा कार्ड रिचार्ज नहीं करवाया गया और करोड़ों रुपयों का डीजल खरीद लिया गया। जांच में कुल 1093 ग्राहकों के खातों में गड़बड़ी मिली है, जिनके द्वारा 129 करोड़ की धोखाधड़ी की गई है।
पुलिस खंगाल रही तकनीकी खामियां
सात आरोपित इंदौर से मिले हैं। एसआई के अनुसार रेजरपे कंपनी भी जांच की जद में आ गई है कि रिचार्ज किए बगैर पेमेंट गेटवे ने खातों में बैलेंस कैसे दर्शाया था। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि यह कोई सॉफ्टवेयर लूपहोल था या जानबूझकर की गई छेड़छाड़। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इस बड़े वित्तीय घोटाले की तह तक पहुँचा जा सके।
Source link
#BPCL #महठग #कड #अब #रजरप #पर #भ #कस #शकज #बन #पस #आए #कस #रचरज #हए #करड



Post Comment