बांग्लादेश हाई कोर्ट ने पूर्व ISKCON नेता चिन्मय कृष्ण दास को राजद्रोह मामले में जमानत दी। चट्टोग्राम की रैली के बाद गिरफ्तारी हुई थी। उनकी गिरफ्तारी के बाद देशभर में विरोध हुआ। कोर्ट ने स्वास्थ्य और लंबी हिरासत के आधार पर जमानत दी। समर्थकों में फैसले से राहत है।
By Anurag Mishra
Publish Date: Wed, 30 Apr 2025 04:16:06 PM (IST)
Updated Date: Wed, 30 Apr 2025 04:16:06 PM (IST)
HighLights
- नवंबर से थे हिरासत में चिन्मय कृष्ण दास
- BNP नेता ने दर्ज किया था राजद्रोह का केस
- पहली जमानत याचिका कोर्ट ने की थी खारिज
एजेंसी, ढाका। बांग्लादेश हाई कोर्ट ने बुधवार को पूर्व ISKCON नेता चिन्मय कृष्ण दास को एक विवादास्पद राजद्रोह मामले में जमानत दे दी। चट्टोग्राम में एक रैली के बाद दास को 25 नवंबर 2024 को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था।
धार्मिक अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए मुखर चिन्मय की गिरफ्तारी ने देश में व्यापक प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। कोर्ट के इस फैसले से उनके समर्थकों में राहत की लहर है।
राजद्रोह का मामला
- राजद्रोह का मामला 25 अक्टूबर को चट्टोग्राम में आयोजित एक रैली से जुड़ा है, जहां आरोप लगाया गया कि ISKCON से जुड़ा एक भगवा झंडा स्वतंत्रता स्मारक पर बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज से ऊपर फहराया गया। बांग्लादेश के ध्वज कोड के तहत यह गंभीर अपराध है। यह राष्ट्रीय संप्रभुता का अपमान माना जाता है।
पहली जमानत याचिका खारिज
- इस महीने की शुरुआत में दास की पहली जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद ऑनलाइन और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। मानवाधिकार संगठनों और धार्मिक समूहों ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
- हिंदू जागरण मंच ने मामले को तत्काल वापस लेने की मांग के साथ प्रदर्शन किए। दास, बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोट के प्रवक्ता के रूप में अल्पसंख्यक संरक्षण कानून, सांप्रदायिक हिंसा के लिए विशेष ट्रिब्यूनल और अल्पसंख्यक मामलों के लिए समर्पित मंत्रालय की स्थापना की वकालत करते रहे हैं।
कानूनी याचिका से मिली जमानत
- जमानत जस्टिस मोहम्मद अतौर रहमान और जस्टिस मोहम्मद अली रजा की बेंच ने दी। दास की कानूनी टीम, जिसका नेतृत्व अपूर्ब कुमार भट्टाचार्जी ने किया। उनकी बिगड़ती सेहत और लंबी प्री-ट्रायल हिरासत का हवाला दिया।
- अधिवक्ता प्रोलाद देब नाथ के अनुसार दास को जल्द रिहा किया जाएगा। बशर्ते सुप्रीम कोर्ट का अपीलीय प्रभाग हाई कोर्ट के फैसले पर रोक न लगाए।
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