इंदौर के पॉश इलाके में स्थित 300 करोड़ रुपए की बेशकीमती जमीन पर कब्जे के प्रयास के मामले में पुलिस ने शराब कारोबारी सूरज रजक के खिलाफ धोखाधड़ी और जमीन हड़पने की कोशिश के आरोप में मामला दर्ज किया है। सूरज रजक की पहचान न केवल एक बड़े शराब कारोबारी के रूप में है, बल्कि वे मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की एमपी लीग में मालवा स्टैलियंस टीम के मालिक भी हैं। यह कार्रवाई अभिनेत्री रेमन कक्कड़ की शिकायत और मुख्य सचिव के हस्तक्षेप के बाद हुई है।
मुख्य सचिव से शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
अभिनेत्री रेमन कक्कड़ ने आरोप लगाया था कि शुरुआत में पुलिस उनकी शिकायत पर संज्ञान नहीं ले रही थी। इसके बाद मामला प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंचा, जिनके निर्देश के बाद शुक्रवार देर रात लसूड़िया थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। शिकायत के अनुसार, निपानिया क्षेत्र के सर्वे नंबर 414 की लगभग दो हेक्टेयर जमीन रेमन की माता नरेंद्र कौर सलूजा और उनके भाइयों पुष्पेंद्र और रणधीर सलूजा के नाम पर दर्ज है। पुलिस ने अब सूरज रजक के खिलाफ धारा 329(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शराब दुकान के लिए जमीन न देने पर शुरू हुआ विवाद
रेमन के पति ऋषि कक्कड़ से सूरज रजक ने शराब की दुकान खोलने के लिए 6000 वर्गफीट जमीन किराए पर मांगी थी। परिवार द्वारा इनकार किए जाने के बाद रजक ने परिवार के अन्य सदस्यों पर भी दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सभी ने अपनी जमीन देने से मना कर दिया। जमीन मालिकों का आरोप है कि 3 अप्रैल को जब वे मौके पर पहुंचे, तो वहां कुछ लोग अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इस काम को रुकवाया था।
300 करोड़ की है जमीन
यह जमीन मुख्य सड़क पर स्थित होने के कारण काफी कीमती मानी जा रही है, जिसकी अनुमानित बाजार दर लगभग 300 करोड़ रुपए है। बताया जा रहा है कि सूरज रजक ने हाल ही में 150 करोड़ रुपए का शराब का ठेका लिया है और वे अपनी दुकान को मुख्य मार्ग पर लाना चाहते थे ताकि बिक्री बढ़ सके। हालांकि, कानूनी तौर पर उस स्थान पर दुकान खोलना संभव नहीं था। यह पहली बार नहीं है जब रजक विवादों में आए हैं। इससे पहले साल 2025 में कनाड़िया क्षेत्र में एक किसान के साथ मारपीट और हवाई फायरिंग के मामले में भी उनका नाम सामने आया था।
भाई बोलो- जमीन नहीं दी तो कब्जा करने लगे
रेमन के भाई रणधीर सलूजा ने स्पष्ट किया कि यह जमीन उनके पिता ने 1964 में खरीदी थी। उन्होंने बताया कि जमीन का कुछ हिस्सा 2010 में सड़क चौड़ीकरण के लिए आईडीए को दिया गया था। रणधीर के मुताबिक, वे उस समय दिल्ली में थे जब उन्हें बहन रेमन के माध्यम से कब्जे की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि सूरज रजक लगातार जमीन के लिए दबाव बना रहे थे और मना करने पर उन्होंने बाहुबल का प्रयोग कर कब्जा करने का प्रयास किया।
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