नीट यूजी परीक्षा 2024 में इंदौर के कई केंद्रों पर बिजली गुल होने की शिकायतों पर कोर्ट ने सुनवाई की। कोर्ट ने माहौल समझने के लिए लाइटें बंद करवाईं। याचिकाकर्ता पुनर्परीक्षा की मांग पर अड़े हैं जबकि एनटीए ने इससे इंकार किया। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है।
By Anurag Mishra
Publish Date: Mon, 23 Jun 2025 08:25:27 PM (IST)
Updated Date: Mon, 23 Jun 2025 08:25:27 PM (IST)
HighLights
- कोर्ट ने बहस के दौरान बंद करवाईं कोर्ट की लाइटें।
- 4 मई को इंदौर में बिजली गुल, परीक्षा प्रभावित।
- कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नीट यूजी परीक्षा 2024 में इंदौर के कई परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल होने की शिकायतों और परीक्षा परिणाम रोकने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सोमवार को एक अनोखा कदम उठाया।
कोर्ट ने बहस के दौरान अपने कोर्टरूम की लाइटें बंद करवा दीं। उन्होंने कहा कि हम खुद देखना चाहते हैं कि जब परीक्षार्थियों ने अंधेरे में परीक्षा दी, तो माहौल कैसा रहा होगा। सुनवाई के बाद खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
तेज आंधी और बारिश से गुल हुई थी बिजली
- बता दें कि नीट यूजी परीक्षा 4 मई 2024 को आयोजित की गई थी। उसी दिन इंदौर में तेज आंधी और बारिश के कारण परीक्षा के समय बिजली गुल हो गई थी। इससे संबंधित 90 से अधिक याचिकाएं हाई कोर्ट में दाखिल की गईं, जिनकी एक साथ सुनवाई की जा रही है।
एक मीटर से भी कम रह गई थी दृश्यता
- याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मृदल भटनागर और नितिन भाटी ने तर्क दिया कि बिजली गुल होने के बाद पर्यवेक्षकों ने स्वयं यह माना था कि कक्षों में दृश्यता घटकर एक मीटर रह गई थी, जबकि यह छह मीटर होती है।
- उन्होंने यह भी कहा कि बारिश और तेज हवा के कारण परीक्षा कक्षों की खिड़कियां बंद कर दी गई थीं, जिससे अंधेरा और भी बढ़ गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर किसी प्रकार का पावर बैकअप मौजूद नहीं था, जिससे परीक्षार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
एनटीए ने कहा- 27 हजार छात्रों को नहीं कर सकते परेशान
- नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि पूरे देश में 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने नीट यूजी परीक्षा दी थी, जिसमें इंदौर के 49 केंद्रों पर केवल 18 केंद्रों पर ही बिजली की समस्या सामने आई।
- एनटीए ने यह भी तर्क रखा कि इन तकनीकी समस्याओं के बावजूद परीक्षा का निष्पक्ष संचालन हुआ है। परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ समिति ने भी अपनी जांच में कहा है कि परीक्षा परिणाम विश्वसनीय हैं।
- एनटीए की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में 1300 से अधिक छात्रों ने 600 से ज्यादा अंक प्राप्त किए, जिनमें से 11 छात्र इंदौर के उन्हीं परीक्षा केंद्रों से हैं, जहां बिजली संबंधी समस्याएं बताई गई थीं।
49 में से सिर्फ 18 सेंटरों पर थी परेशानी
एनटीए का कहना है कि कुछ छात्रों की परेशानी के लिए इंदौर के सभी 27 हजार अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा दिलाना उचित नहीं होगा। वहीं याचिकाकर्ता पुनर्परीक्षा की मांग पर अड़े हुए हैं। कोर्ट के इस पूरे घटनाक्रम से अब यह मामला और संवेदनशील हो गया है।
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