NEET UG Result 2025: नीट यूजी परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में 50 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई हुई। एनटीए ने कोर्ट को बताया कि प्रभावित केंद्रों पर 8790 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से सिर्फ 75 ने अव्यवस्थाओं की शिकायत की है। कोर्ट ने मामले में 9 जून को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
By Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 06 Jun 2025 09:04:36 AM (IST)
Updated Date: Fri, 06 Jun 2025 09:10:28 AM (IST)
HighLights
- नीट यूजी परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक, एनटीए ने दी चुनौती।
- प्रभावित केंद्रों पर परीक्षा देने वाले 8790 परीक्षार्थियों में से 75 ने की शिकायत।
- मामले में अब 9 जून को होगी अगली सुनवाई, कोर्ट ने सुना एनटीए का पक्ष।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नीट यूजी दोबारा होगी या नहीं, इसे लेकर असमंजस जारी है। गुरुवार को इस संबंध में चल रही 50 से ज्यादा याचिकाओं पर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में सुनवाई हुई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इंदौर-उज्जैन के प्रभावित केंद्रों पर 8790 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी।
इनमें से सिर्फ 75 परीक्षार्थियों ने ही अव्यवस्थाओं की शिकायत करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इन 75 परीक्षार्थियों की वजह से परीक्षा का परिणाम अटक रहा है। एनटीए ने नीट यूजी के संपूर्ण परीक्षा परिणाम को घोषित करने की अनुमति देने की मांग की।
एकल पीठ ही सुनेगी मामला
कोर्ट अब मामले में 9 जून को सुनवाई करेगी। सुनवाई के दौरान यह बात भी उठी कि इन याचिकाओं की सुनवाई एकल पीठ के बजाय युगल पीठ के समक्ष होना चाहिए क्योंकि मामला व्यवसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश का है। हालांकि बाद में यह तय हुआ कि यह मामला एकल पीठ ही सुनेगी।
इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे
नीट यूजी के लिए इंदौर में 49 केंद्र बनाए गए थे। चार मई को परीक्षा के दिन इंदौर में मौसम बदला और जोरदार वर्षा के चलते पूरे शहर में बिजली गुल हो गई। परीक्षा केंद्रों पर बिजली गुल होने पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। कई परीक्षा केंद्र में अंधेरा छा गया और परीक्षार्थियों को मोमबत्ती की रोशनी में परीक्षा देनी पड़ी।
परीक्षा के दौरान हुई अव्यवस्था को लेकर अलग-अलग याचिकाएं हाई कोर्ट में दायर हुई हैं। इनमें से कुछ में कहा गया है कि चूंकि अव्यवस्था के चलते परीक्षार्थी परीक्षा सही तरीके से नहीं दे सके, इसलिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाए, जबकि कुछ में कहा गया है कि परीक्षा के दौरान कोई बड़ी अव्यवस्था नहीं हुई थी, परीक्षार्थियों ने आराम से पर्चा हल किया। इसलिए परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति दी जाए।
केवल 75 ने याचिका दायर की है
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने एनटीए का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रभावित केंद्रों के 8790 परीक्षार्थियों में से सिर्फ 75 ने याचिका दायर की है। यह एक प्रतिशत से भी कम है।
एनटीए द्वारा बनाई गई कमेटी की जांच में भी यह बात सामने आई है कि अव्यवस्था की वजह से किसी परीक्षार्थी का पर्चा नहीं बिगड़ा था। मामले की सुनवाई नौ जून को एकल पीठ के समक्ष ही होगी। केंद्र सरकार के वकील हिमांशु जोशी ने इस बात की पुष्टि की है।
प्रभावित केंद्रों के परिणाम घोषित करने पर है रोक
याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 15 मई को कोर्ट ने नीट यूजी का परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। हालांकि एक दिन बाद ही 16 मई को कोर्ट ने इस आदेश में संशोधन करते हुए एनटीए को इंदौर के प्रभावित सेंटरों के परीक्षा परीणाम छोड़कर शेष का परीक्षा परिणाम घोषित करने की अनुमति दे दी थी। यह संशोधित आदेश वर्तमान में भी प्रभावी है। एनटीए इसी आदेश में संशोधन चाहता है।
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