‘सूर्यपथ तिरंगा’: फिजी से सैन फ्रांसिस्को तक पहुंचेगा डिजिटल संदेश, अभियान में 54 भारतीय मिशन होंगे शामिल
भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस बार 'हर घर तिरंगा' अभियान…
भारत की आजादी की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर इस बार 'हर घर तिरंगा' अभियान…
विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को यमन के तट के पास लाल सागर (Red Sea) में भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज MSV Faize Noore Oliya पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। हमले के बाद जहाज पलट गया और डूब गया। जहाज पर सवार 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज डूब गया। मंत्रालय ने कहा कि सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यमनी कोस्ट गार्ड ने सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया और उन्हें मोखा बंदरगाह (Port of Mokha) पहुंचाया। सोनोवाल के मुताबिक, भारतीय जहाज MSV Faize Noore Oliya को यमनी जलक्षेत्र के पास एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। इसके बाद जहाज पलट गया और समुद्र में डूब गया। उन्होंने इस हमले को निहत्थे और असुरक्षित मशीनीकृत नौकायन जहाज पर किया गया हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोनोवाल ने बताया कि उन्होंने Director General Maritime Administration (DGMA) को क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, बचाए गए क्रू सदस्यों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा है और क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमनी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। MEA ने बचाव अभियान में सहायता के लिए यमनी अधिकारियों का भी आभार जताया।
विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले बंद होने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए बिना किसी बाधा के नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री आवाजाही और व्यापार निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए।
Indian MSV Faize Noore Oliya has been hit by a projectile near Yemeni waters, causing the vessel to capsize and sink.
India strongly condemns this unprovoked attack on the defenseless mechanised sailing vessel. The safety of our people is our supreme priority & I am relieved to…
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) August 4, 2026
अनादोलु न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमन सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) के हवाले से बताया गया कि जहाज पर हमला अल हुदायदाह से करीब 13 नॉटिकल मील दक्षिण में हुआ था। हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने तत्काल बचाव अभियान चलाया और जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। बचाए गए नाविकों को चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब लाल सागर और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। बाब-अल-मंदब एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में भारतीय जहाज पर हमले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के पश्चिमी तट और बाब-अल-मंदब के आसपास सक्रिय नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) का नेतृत्व तारेक सालेह करते हैं, जो यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य हैं। यह घटना क्षेत्र में जारी अन्य तनावों के बीच हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान समर्थित यमनी हूती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ कथित ‘नौसैनिक नाकाबंदी’ की घोषणा की थी। इसके बाद रियाद ने अपने जहाजों को निशाना बनाए जाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को यमन के तट के पास लाल सागर (Red Sea) में भारतीय झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज MSV Faize Noore Oliya पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। हमले के बाद जहाज पलट गया और डूब गया। जहाज पर सवार 13 भारतीय नागरिकों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि 4 अगस्त 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज डूब गया। मंत्रालय ने कहा कि सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यमनी कोस्ट गार्ड ने सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया और उन्हें मोखा बंदरगाह (Port of Mokha) पहुंचाया। सोनोवाल के मुताबिक, भारतीय जहाज MSV Faize Noore Oliya को यमनी जलक्षेत्र के पास एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। इसके बाद जहाज पलट गया और समुद्र में डूब गया। उन्होंने इस हमले को निहत्थे और असुरक्षित मशीनीकृत नौकायन जहाज पर किया गया हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सोनोवाल ने बताया कि उन्होंने Director General Maritime Administration (DGMA) को क्षेत्र में मौजूद भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के साथ तत्काल समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।साथ ही, बचाए गए क्रू सदस्यों को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा है और क्रू सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यमनी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। MEA ने बचाव अभियान में सहायता के लिए यमनी अधिकारियों का भी आभार जताया।
विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के हमले बंद होने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए बिना किसी बाधा के नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्री आवाजाही और व्यापार निर्बाध रूप से जारी रहना चाहिए।
Indian MSV Faize Noore Oliya has been hit by a projectile near Yemeni waters, causing the vessel to capsize and sink.
India strongly condemns this unprovoked attack on the defenseless mechanised sailing vessel. The safety of our people is our supreme priority & I am relieved to…
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) August 4, 2026
अनादोलु न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यमन सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) के हवाले से बताया गया कि जहाज पर हमला अल हुदायदाह से करीब 13 नॉटिकल मील दक्षिण में हुआ था। हमले के बाद जहाज समुद्र में डूब गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, यमनी नौसेना और कोस्ट गार्ड ने तत्काल बचाव अभियान चलाया और जहाज पर मौजूद सभी 14 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। बचाए गए नाविकों को चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई गई।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब लाल सागर और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। बाब-अल-मंदब एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में भारतीय जहाज पर हमले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के पश्चिमी तट और बाब-अल-मंदब के आसपास सक्रिय नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (NRF) का नेतृत्व तारेक सालेह करते हैं, जो यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के सदस्य हैं। यह घटना क्षेत्र में जारी अन्य तनावों के बीच हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरान समर्थित यमनी हूती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी अरब के खिलाफ कथित ‘नौसैनिक नाकाबंदी’ की घोषणा की थी। इसके बाद रियाद ने अपने जहाजों को निशाना बनाए जाने की किसी भी कोशिश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को यमन के तट के पास लाल सागर (Red Sea)…
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कड़ी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करने और उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘निर्दय बल’ का इस्तेमाल किया गया।
जायसवाल के मुताबिक, PoJK में बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक उपेक्षा, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई से स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हुई सुरक्षा कार्रवाई में 40 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Joint Awami Action Committee (JAAC) कर रही है।
भारत ने कहा कि PoJK के लोगों ने इन मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की कार्रवाई पर नजर रखनी चाहिए और कथित अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह बयान पाकिस्तान की नीतियों और उसके द्वारा लंबे समय से अपनाए गए आतंकवाद से जुड़े दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने यह भी आरोप लगाया कि PoJK के लोगों के प्रति पाकिस्तान के प्रतिष्ठान में ‘पूर्ण उदासीनता’ दिखाई दे रही है। जायसवाल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों को ‘दुश्मन’ बताया गया था।
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है कि ये क्षेत्र पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी भारत का हिस्सा हैं और आगे भी भारत का हिस्सा बने रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और संबंधित पक्षों से इस क्षेत्र के लिए भारत के अनुसार सही नाम और शब्दावली का इस्तेमाल करने की अपील की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने The New York Times की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए ‘Pakistani Kashmir’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखबार की हेडलाइन को ‘भ्रामक और गलत’ बताते हुए कहा था कि ‘Pakistani Kashmir’ नाम का कोई क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह Pakistan-occupied Kashmir है। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली देश की संप्रभुता और उसके आधिकारिक रुख के अनुरूप होनी चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित कड़ी कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की जांच करने और उसे जवाबदेह ठहराने की अपील की है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ‘निर्दय बल’ का इस्तेमाल किया गया।
जायसवाल के मुताबिक, PoJK में बढ़ती महंगाई, प्रशासनिक उपेक्षा, राजनीतिक भेदभाव और अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित अत्याचारों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। उन्होंने कहा कि 27 जुलाई से स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान हुई सुरक्षा कार्रवाई में 40 से अधिक नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व Joint Awami Action Committee (JAAC) कर रही है।
भारत ने कहा कि PoJK के लोगों ने इन मौतों की स्वतंत्र जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान की कार्रवाई पर नजर रखनी चाहिए और कथित अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह बयान पाकिस्तान की नीतियों और उसके द्वारा लंबे समय से अपनाए गए आतंकवाद से जुड़े दृष्टिकोण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। भारत ने यह भी आरोप लगाया कि PoJK के लोगों के प्रति पाकिस्तान के प्रतिष्ठान में ‘पूर्ण उदासीनता’ दिखाई दे रही है। जायसवाल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कथित टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें प्रदर्शनकारियों को ‘दुश्मन’ बताया गया था।
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत ने एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति स्पष्ट है कि ये क्षेत्र पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी भारत का हिस्सा हैं और आगे भी भारत का हिस्सा बने रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों और संबंधित पक्षों से इस क्षेत्र के लिए भारत के अनुसार सही नाम और शब्दावली का इस्तेमाल करने की अपील की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने The New York Times की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के लिए ‘Pakistani Kashmir’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अखबार की हेडलाइन को ‘भ्रामक और गलत’ बताते हुए कहा था कि ‘Pakistani Kashmir’ नाम का कोई क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह Pakistan-occupied Kashmir है। भारत ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के संबंध में इस्तेमाल की जाने वाली शब्दावली देश की संप्रभुता और उसके आधिकारिक रुख के अनुरूप होनी चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कथित…
भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) की सदस्यता के लिए फलस्तीन की दावेदारी का समर्थन करते…