Bollywood music, hindi cinema, music composition, vocal recording, story behind the iconic senorita track, senorita song, bollywood film, zindagi na milegi dobara movie, music composer shankar mahadevan, senorita, zindagi na milegi dobara, shankar mahadevan, abhay deol, hrithik roshan, farhan akhtar, सेनोरिटा, गाना सेनोरिटा, जिंदगी न मिलेगी दोबारा, अभय देओल, ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर, कटरीना कैफ, शंकर महादेवन">ZNMD: शंकर महादेवन ने बताई ‘सेनोरिटा’ गाने के पीछे की मजेदार कहानी, बोले- ‘अभय देओल जब सिर्फ रिहर्सल…’
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आज बुधवार को रोमांटिक-कॉमेडी ड्रामा फिल्म ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ की रिलीज को पूरे 15 साल हो गए हैं। संगीतकार और गायक शंकर महादेवन ने इसके प्रसिद्ध गाने ‘सेनोरीटा’ को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे ‘सेनोरीटा’ गाने के निर्माण के दौरान घबराए हुए अभिनेता अभय देओल से यह गाना गवाया था।
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जिंदगी न मिलेगी दोबारा
– फोटो : सोशल मीडिया
‘सेनोरीटा’ को लेकर दिलचस्प खुलासा
शंकर महादेवन ने बताया कि ‘सेनोरीटा’ गाना फिल्म की कहानी के हिसाब से तैयार किया जाना था। कहानी में तीन दोस्त (ऋतिक, फरहान और अभय) थोड़े नशे में स्पेन के एक गांव से गुजर रहे होते हैं। वहां बज रहे स्पेनिश संगीत को सुनकर वे भी झूमने लगते हैं और स्पेनिश धुन में भारतीय स्टाइल का तड़का लगाते हैं।
जब संगीतकार जोड़ी शंकर-एहसान-लॉय ने इस गाने पर काम शुरू किया, तो उन्हें लगा कि यह गाना बहुत बड़ा हिट साबित हो सकता है। मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने इस गाने के लिए ‘सेनोरीटा’ शब्द का सुझाव दिया था।
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फिल्म ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’
– फोटो : सोशल मीडिया
घवराए हुए थे अभय
आईएएनएस के अनुसार, शंकर महादेवन ने सोचा कि क्यों न यह गाना तीनों अभिनेताओं की असली आवाज में ही रिकॉर्ड किया जाए। फरहान अख्तर पहले से ही गाते आए हैं, इसलिए उनके लिए यह आसान था। ऋतिक रोशन की आवाज भी बहुत सुरीली थी। लेकिन अभय देओल बिल्कुल नए थे और गाने को लेकर बेहद घबराए हुए थे।
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फिल्म ‘जिंदगी न मिलेगी दोबारा’
– फोटो : सोशल मीडिया
शंकर महादेवन ने चली चाल
अभय देओल गाना गाने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। तब शंकर महादेवन ने उनके साथ एक छोटा सा मजाक किया। उन्होंने अभय से कहा, ‘तुम बस स्टूडियो आ जाओ। हम कोई असली रिकॉर्डिंग नहीं कर रहे हैं, यह सिर्फ एक रिहर्सल है। माइक के सामने मजे करो। अगर सब ठीक रहा, तो असली रिकॉर्डिंग किसी और दिन करेंगे।’
अभय मान गए, लेकिन वे फिर भी डरे हुए थे। जब वे रिकॉर्डिंग रूम में गए, तो शंकर महादेवन ने चुपके से रिकॉर्डिंग चालू कर दी। उन्होंने अभय से कहा, ‘मैं जो गा रहा हूं, तुम बस मेरे पीछे-पीछे उसे दोहराओ।’ जब अभय देओल गाना गाकर बाहर आए, तो शंकर महादेवन ने हंसते हुए कहा, ‘हां भाई, गाना रिकॉर्ड हो गया।’
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जिंदगी न मिलेगी दोबारा
– फोटो : यूट्यूब ग्रैब
हैरान हुए अभय
अभय हैरान रह गए और उन्होंने शंकर से पूछा, ‘अरे सच में? पर मुझे असली रिकॉर्डिंग के लिए कब आना है?’ तब शंकर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘रिकॉर्डिंग तो हो चुकी है। अब सीधे फाइनल गाना ही सुनना।’ यह सुनकर अभय हैरान भी हुए और बहुत खुश भी हुए।
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स्टार प्लस का नया शो फितूर अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियाँ खुद को जोड़ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को दिखाता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं।
कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है।
प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, "इस प्रोमो ने मुझे बहुत छू लिया क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।"
स्टार प्लस का नया शो फितूर अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियाँ खुद को जोड़ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को दिखाता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं।
कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है।
प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, "इस प्रोमो ने मुझे बहुत छू लिया क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।"
Fitoor,emotional journey,girls,college, Hindi news">‘फितूर’ में दिखेगा को-एड कॉलेज में कदम रखने वाली लड़कियों का भावनात्मक सफर
स्टार प्लस का नया शो फितूर अपने नए प्रोमो के जरिए एक ऐसी कहानी लेकर आया है, जिससे कई लड़कियाँ खुद को जोड़ पाएंगी। यह प्रोमो उन भावनाओं को दिखाता है, जिनसे कई लड़कियाँ पहली बार गर्ल्स स्कूल से निकलकर को-एड कॉलेज में जाने के दौरान गुजरती हैं।
कई लड़कियों के लिए यह सिर्फ कॉलेज की शुरुआत नहीं होती, बल्कि एक नया अनुभव होता है। नए माहौल में घुलना-मिलना, झिझक, घबराहट और अनजान लोगों के बीच खुद को सहज महसूस करना आसान नहीं होता। फितूर इन्हीं भावनाओं को सामने लाते हुए लड़कियों को खुद पर भरोसा रखने और नई शुरुआत को आत्मविश्वास के साथ अपनाने का संदेश देता है।
प्रोमो पर बात करते हुए देबचंद्रिमा सिंहा रॉय ने कहा, "इस प्रोमो ने मुझे बहुत छू लिया क्योंकि यह ऐसी यात्रा है, जिससे बहुत-सी लड़कियाँ गुजरती हैं। गर्ल्स स्कूल के बाद पहली बार को-एड कॉलेज में जाना कई लड़कियों के लिए आसान नहीं होता। मुझे उम्मीद है कि जो भी लड़की यह प्रोमो देखेगी, उसे लगेगा कि उसकी भावनाओं को समझा गया है। घबराना बिल्कुल सामान्य है। समय और खुद पर भरोसे के साथ हर नई शुरुआत एक खूबसूरत अध्याय बन जाती है।"
इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जिले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई।
इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।
7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।
चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल
बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।
वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण
इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।
उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास।
रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।
मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।
Jammu Kashmir Cloudburst, Jammu Kashmir Weather, Cloudburst News, Flash Flood Jammu Kashmir, Doda Cloudburst, Anantnag Weather, Gurez Valley News, Himalaya Climate Change, Landslide Jammu Kashmir, IMD Weather News, जम्मू कश्मीर बादल फटे, बादल फटने की घटनाएं, जम्मू कश्मीर मौसम">
इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जिले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई।
इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।
7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।
चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल
बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।
वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण
इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।
उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास।
रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।
मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।
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लंबे सूखे के बाद इंद्र देवता जम्मू कश्मीर पर कुछ मेहरबान तो हुए पर बादल फटने की लगातार हो रही घटनाएं अब डराने लगी हैं। यह डर इसलिए है क्योंकि जम्मू कश्मीर में इस महीने अब तक कम से कम 15 बार बादल फटने की घटनाएं हुई हैं, जिनकी वजह से कई जिलों में अचानक बाढ़, कीचड़ बहने और जमीन खिसकने (लैंडस्लाइड) की घटनाएं हुई हैं। ALSO READ: अब वैष्णो देवी चढ़ावे में घोटाला! 550 करोड़ की चांदी के गबन का आरोप
बादल फटने से भारी तबाही
इन घटनाओं से सड़कें, घर, खेती की जमीन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है और केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था बाधित हुई है। हाल की घटनाओं में से एक डोडा जिले के भलेसा इलाके से सामने आई, जहां अचानक आई बाढ़ अपने साथ कीचड़ और मलबा सड़कों पर ले आई, जिससे कई अंदरूनी गांवों तक पहुंच कट गई।
इस महीने की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर की तुलेल घाटी और गुरेज में भी कई बार बादल फटे, जिससे सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।
7 जुलाई को डोडा जिले के ठाठरी के ऊपरी इलाकों में बादल फटा, जिससे बाढ़ का पानी और मलबा शहर में घुस गया। कई वाहन और दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, और बहाली का काम शुरू होने से पहले डोडा-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे पर यातायात बाधित रहा।
चिनाब में 12 घंंटे में 12 बार फटे बादल
बादलों के फटने का क्रम यहीं नहीं रूका था और इस महीने की शुरुआत में, अधिकारियों ने चिनाब घाटी और उससे सटे ऊंचे इलाकों में लगभग 12 घंटों के भीतर 12 स्थानीय बादल फटने की घटनाओं को भी दर्ज किया, जिससे कई जगहों पर अचानक बाढ़ और जमीन खिसकने की घटनाएं हुईं। 11 जुलाई को अनंतनाग जिले के अवूरा और देहवाथु के वन क्षेत्रों में बादल फटने की दो घटनाएं सामने आईं। ओवेरा धारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि से आस-पास के इलाके जलमग्न हो गए, जिसमें पहलगाम पर्यटक स्थल के होटल भी शामिल थे।
वैज्ञानिकों ने बताया बढ़ते खतरे का कारण
इंटरनेशनल जर्नल आफ डिजास्टर रिस्क रिडक्शन’ में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन, जिसमें जम्मू कश्मीर में बादल फटने और भारी बारिश की 68 घटनाओं का विश्लेषण किया गया, ने पुलवामा जिले में श्री अमरनाथ जी बेसिन और त्राल तहसील को सबसे संवेदनशील स्थानों के रूप में चिह्नित किया। शोधकर्ताओं ने कहा कि बार-बार होने वाली अत्यधिक बारिश ने इन क्षेत्रों में अचानक बाढ़, मलबे के बहाव और जमीन खिसकने के जोखिम को बढ़ा दिया है।
उत्तर-पश्चिमी हिमालय में बुनियादी ढांचे की कमजोरी की जांच करने वाली एक और स्टडी में पाया गया कि तीन घंटे में लगभग 40 मिमी और एक दिन में 60 से 140 मिमी बारिश से अचानक बाढ़ (फलैश फलड) और ढलान खिसकने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, खासकर जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जैसे ट्रांसपोर्ट कारिडोर के पास।
रिसर्चर्स का कहना है कि इन नतीजों से पता चलता है कि पहाड़ी इलाकों में बेहतर खतरा मैपिंग, मौसम की निगरानी, जमीन के इस्तेमाल की प्लानिंग और समय रहते चेतावनी देने वाले सिस्टम की जरूरत है, क्योंकि वहां कम समय में तेज बारिश की घटनाएं अधिक हो रही हैं।
मौसम विभाग के डेटा के अनुसार, पिछले दशक में जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर मौसम की चरम घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इस ट्रेंड की वजह तापमान का बढ़ना, वायुमंडलीय सर्कुलेशन में बदलाव और ग्लेशियर का दायरा कम होना है, जो पश्चिमी हिमालय में बारिश और बर्फबारी के पैटर्न को बदल रहे हैं।
जानकारों का कहना है कि भविष्य में मौसम की चरम घटनाओं के असर को कम करने के लिए फोरकास्टिंग सिस्टम को मजबूत करना, संवेदनशील इलाकों में निर्माण कार्यों को रेगुलेट करना और कम्युनिटी लेवल पर आपदा की तैयारी को बेहतर बनाना जरूरी होगा।
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शिल्पा शिंदे और श्रेया कालरा हाल ही में शिवांगी जोशी की मिमिक्री करती दिखाई दीं। इस दौरान शिल्पा शिंदे आउट ऑफ कंट्रोल ही हो गईं। वीडियो में शिल्पा, शिवांगी के बोलने के अंदाज की मिमिक्री करते हुए कहती है, ‘अरे यार, मेरे पास तो कोई सीक्रेट ही नहीं है। कितना एक्ट करूं? मैं बहुत इनोसेंट हूं। मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं वर्जिन हूं। मैं शादी के बाद ही करूंगी।’
शिल्पा के मिमिक्री अंदाज पर श्रेया भी हंसने लगती हैं, और फिर वह अभिनेता हर्षद चोपड़ा की मिमिक्री करते हुए कहती हैं, “शिवांगी, तुम क्या सोच रही हो?” इसके बाद वह खुद ही शिवांगी के अंदाज में जवाब देती हैं, “पता नहीं, लेकिन जब ये सीक्रेट रिवील होगा ना, तब मैं बहुत हंसूंगी, क्योंकि इसमें था ही कुछ नहीं।”
यह पहली बार नहीं है जब शिल्पा शिंदे का व्यवहार शिवांगी जोशी को लेकर चर्चा में आया हो। इससे पहले भी एक एपिसोड में शिल्पा ने कंट्रोलर के रूप में शिवांगी को हर्षद चोपड़ा से कम बात करने का ऑर्डर दिया था। उस समय भी सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शिल्पा के रवैये को गलत बताया था।
शिल्पा शिंदे और श्रेया कालरा हाल ही में शिवांगी जोशी की मिमिक्री करती दिखाई दीं। इस दौरान शिल्पा शिंदे आउट ऑफ कंट्रोल ही हो गईं। वीडियो में शिल्पा, शिवांगी के बोलने के अंदाज की मिमिक्री करते हुए कहती है, ‘अरे यार, मेरे पास तो कोई सीक्रेट ही नहीं है। कितना एक्ट करूं? मैं बहुत इनोसेंट हूं। मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं वर्जिन हूं। मैं शादी के बाद ही करूंगी।’
शिल्पा के मिमिक्री अंदाज पर श्रेया भी हंसने लगती हैं, और फिर वह अभिनेता हर्षद चोपड़ा की मिमिक्री करते हुए कहती हैं, “शिवांगी, तुम क्या सोच रही हो?” इसके बाद वह खुद ही शिवांगी के अंदाज में जवाब देती हैं, “पता नहीं, लेकिन जब ये सीक्रेट रिवील होगा ना, तब मैं बहुत हंसूंगी, क्योंकि इसमें था ही कुछ नहीं।”
यह पहली बार नहीं है जब शिल्पा शिंदे का व्यवहार शिवांगी जोशी को लेकर चर्चा में आया हो। इससे पहले भी एक एपिसोड में शिल्पा ने कंट्रोलर के रूप में शिवांगी को हर्षद चोपड़ा से कम बात करने का ऑर्डर दिया था। उस समय भी सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शिल्पा के रवैये को गलत बताया था।
">‘मैं तो वर्जिन हूं मैं शादी के बाद ही करूंगी’ शिल्पा शिंदे ने उछाला शिवांगी जोशी की वर्जिनी का मामला
Shilpa Shinde Virginity Comment On Shivangi Joshi: रियलिटी शो लॉक अप सीजन 2 हर गुजरते दिन के नए विवाद खड़े कर रहा है। शो में शिल्पा शिंदे के एंटर होने के बाद से लड़ाई-झड़गे कहीं ज्यादा बढ़ गए हैं। अब शिल्पा शिंदे ने शिवांगी जोशी के ऊपर एक ऐसा आपत्तिजनक कमेंट कर दिया है कि जिससे सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है।
शिल्पा शिंदे और श्रेया कालरा हाल ही में शिवांगी जोशी की मिमिक्री करती दिखाई दीं। इस दौरान शिल्पा शिंदे आउट ऑफ कंट्रोल ही हो गईं। वीडियो में शिल्पा, शिवांगी के बोलने के अंदाज की मिमिक्री करते हुए कहती है, ‘अरे यार, मेरे पास तो कोई सीक्रेट ही नहीं है। कितना एक्ट करूं? मैं बहुत इनोसेंट हूं। मुझे कुछ नहीं चाहिए। मैं वर्जिन हूं। मैं शादी के बाद ही करूंगी।’
शिल्पा के मिमिक्री अंदाज पर श्रेया भी हंसने लगती हैं, और फिर वह अभिनेता हर्षद चोपड़ा की मिमिक्री करते हुए कहती हैं, “शिवांगी, तुम क्या सोच रही हो?” इसके बाद वह खुद ही शिवांगी के अंदाज में जवाब देती हैं, “पता नहीं, लेकिन जब ये सीक्रेट रिवील होगा ना, तब मैं बहुत हंसूंगी, क्योंकि इसमें था ही कुछ नहीं।”
यह पहली बार नहीं है जब शिल्पा शिंदे का व्यवहार शिवांगी जोशी को लेकर चर्चा में आया हो। इससे पहले भी एक एपिसोड में शिल्पा ने कंट्रोलर के रूप में शिवांगी को हर्षद चोपड़ा से कम बात करने का ऑर्डर दिया था। उस समय भी सोशल मीडिया पर कई लोगों ने शिल्पा के रवैये को गलत बताया था।
Shilpa Shinde Virginity Comment On Shivangi Joshi: रियलिटी शो लॉक अप सीजन 2 हर गुजरते…
8 Pm,Akshay Kumar,Bollywood,Bollywood News,Build Buzz,Drops Tomorrow,Haiwaan,Instagram,Instagram India,News,Saif Ali Khan,Social Media,Teaser">Akshay Kumar and Saif Ali Khan build buzz as Haiwaan teaser drops tomorrow at 8 pm
Akshay Kumar has sparked excitement among fans with a cryptic teaser for his upcoming film Haiwaan, setting the stage for a major reveal. The actor shared an intriguing message on social media that read, “Bahut Hasaa Liya. Ab Kal Se Haiwaniyat Shuru.”, hinting that a new and intense chapter is about to begin. The post has further heightened curiosity around the much-anticipated project, which stars Akshay Kumar alongside Saif Ali Khan.
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दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठाई है। दिल्ली में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का आज 17वां दिन है, और उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर जीनत अमान ने गहरी चिंता व्यक्त की है।
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दिग्गज अभिनेत्री जीनत अमान ने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज…
इंटरनेट डेस्क। सुपरस्टार गोविंदा पिछले सात साल से बड़े पर्दे पर किसी भी रोल में नजर नहीं आए हैं। उनके पास कोई फिल्म नहीं थी। लेकिन अब खबरें हैं की वो सात साल बाद वापसी करने जा रहे है। अपने होम प्रोडक्शन में वो दो नई फिल्में- रूपा और दुनियादारी ला रहे हैं, जिसमें उनका जलवा देखने मिलेगा।
मीडिया रिपोटर्स की माने तो गोविंदा ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया। इस दौरान उनके साथ उनकी फिल्म रूपा की हीरोइन रानी स्वर्णकार भी वहां मौजूद थीं, जो इस फिल्म से अपना बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं।
गोविंदा ने अपनी आने वाली फिल्मों पर कहा- कई बार मेरे बारे में ऐसा कहा गया कि अब ये फिल्मों में नहीं आएगा, मैं पुन शुरुआत करता हूं और माई से प्रार्थना करता हूं कि जो मैंने सोचा है और जो लोग नहीं सोच सकते, ऐसी ये फिल्म खासतौर पर यंगस्टर्स के लिए बनाऊं, इसे वो थिएटर में देखेंगे, एक सपना साकार होता दिखेगा और ऐसा लगेगा कि क्या ऐसा भी संभव है। गोविंदा ने आगे कहा कि उनकी फिल्म जल्द शुरू होगी, वो अपनी फिल्म की पूरी स्टारकास्ट के साथ एक बार फिर प्रेस के सामने आएंगे।
pc- bhaskar english
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इंटरनेट डेस्क। सुपरस्टार गोविंदा पिछले सात साल से बड़े पर्दे पर किसी भी रोल में नजर नहीं आए हैं। उनके पास कोई फिल्म नहीं थी। लेकिन अब खबरें हैं की वो सात साल बाद वापसी करने जा रहे है। अपने होम प्रोडक्शन में वो दो नई फिल्में- रूपा और दुनियादारी ला रहे हैं, जिसमें उनका जलवा देखने मिलेगा।
मीडिया रिपोटर्स की माने तो गोविंदा ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया। इस दौरान उनके साथ उनकी फिल्म रूपा की हीरोइन रानी स्वर्णकार भी वहां मौजूद थीं, जो इस फिल्म से अपना बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं।
गोविंदा ने अपनी आने वाली फिल्मों पर कहा- कई बार मेरे बारे में ऐसा कहा गया कि अब ये फिल्मों में नहीं आएगा, मैं पुन शुरुआत करता हूं और माई से प्रार्थना करता हूं कि जो मैंने सोचा है और जो लोग नहीं सोच सकते, ऐसी ये फिल्म खासतौर पर यंगस्टर्स के लिए बनाऊं, इसे वो थिएटर में देखेंगे, एक सपना साकार होता दिखेगा और ऐसा लगेगा कि क्या ऐसा भी संभव है। गोविंदा ने आगे कहा कि उनकी फिल्म जल्द शुरू होगी, वो अपनी फिल्म की पूरी स्टारकास्ट के साथ एक बार फिर प्रेस के सामने आएंगे।
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Govinda comeback, Govinda Bollywood comeback, Govinda new movie, Govinda Duniyadari, Govinda Roopa">Govinda: 7 सालों के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करने जा रहे गोविंदा, इस फिल्म में आएंगे नजर
इंटरनेट डेस्क। सुपरस्टार गोविंदा पिछले सात साल से बड़े पर्दे पर किसी भी रोल में नजर नहीं आए हैं। उनके पास कोई फिल्म नहीं थी। लेकिन अब खबरें हैं की वो सात साल बाद वापसी करने जा रहे है। अपने होम प्रोडक्शन में वो दो नई फिल्में- रूपा और दुनियादारी ला रहे हैं, जिसमें उनका जलवा देखने मिलेगा।
मीडिया रिपोटर्स की माने तो गोविंदा ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया। इस दौरान उनके साथ उनकी फिल्म रूपा की हीरोइन रानी स्वर्णकार भी वहां मौजूद थीं, जो इस फिल्म से अपना बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं।
गोविंदा ने अपनी आने वाली फिल्मों पर कहा- कई बार मेरे बारे में ऐसा कहा गया कि अब ये फिल्मों में नहीं आएगा, मैं पुन शुरुआत करता हूं और माई से प्रार्थना करता हूं कि जो मैंने सोचा है और जो लोग नहीं सोच सकते, ऐसी ये फिल्म खासतौर पर यंगस्टर्स के लिए बनाऊं, इसे वो थिएटर में देखेंगे, एक सपना साकार होता दिखेगा और ऐसा लगेगा कि क्या ऐसा भी संभव है। गोविंदा ने आगे कहा कि उनकी फिल्म जल्द शुरू होगी, वो अपनी फिल्म की पूरी स्टारकास्ट के साथ एक बार फिर प्रेस के सामने आएंगे।
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इंटरनेट डेस्क। सुपरस्टार गोविंदा पिछले सात साल से बड़े पर्दे पर किसी भी रोल में…
इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए) के स्टूडेंट चैप्टर द्वारा ‘सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस, इंदौर’ के प्रबंधन (मैनेजमेंट) विद्यार्थियों के लिए ‘जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ का एक प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ‘जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ की संस्थापक-निदेशक और पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से सीधे संवाद करने का बहुमूल्य अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने, जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, जैविक खेती, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, “यदि युवा आज से ही पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।”
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान में स्थापित सौर ऊर्जा प्रणाली, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), जैविक खेती, अपशिष्ट प्रबंधन तथा सतत विकास के विभिन्न मॉडलों का व्यावहारिक अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने संस्था की कार्यप्रणाली को निकट से समझा और विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपने ज्ञान का विस्तार किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण में सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस, इंदौर से डॉ. अजीत तोमर, डॉ. नीलम वर्मा एवं डॉ. जगदीप भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अनुभवात्मक भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक जीवन से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार की सोच विकसित होती है।
आईएमए स्टूडेंट चैप्टर की ओर से यश जायसवाल ने इस भ्रमण का सफल समन्वय (कोऑर्डिनेशन) किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया और बताया कि आईएमए समय-समय पर ऐसे औद्योगिक एवं सामाजिक संस्थानों के भ्रमण आयोजित करता रहता है, ताकि विद्यार्थी कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों (फैकल्टी मेंबर्स) ने इस भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया और पद्मश्री डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन सहित पूरे सेंटर परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आईएमए स्टूडेंट चैप्टर भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे औद्योगिक भ्रमण, सांगठनिक भ्रमण, विशेषज्ञ संवाद एवं अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
रिपोर्ट- यश जायसवाल, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए)
Indore Management Association, Jimmy McGilligan Centre for Sustainable Development, Padma Shri Dr. Janak Palta McGilligan, Organic Farming, Press Release 14 July 2026, Rainwater Harvesting, Educational Visit, Environment, Sustainable Development, IMA Student Chapter, Symbiosis University, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन, जैविक खेती, आईएमए स्टूडेंट चैप्टर, सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी, प्रेस विज्ञप्ति 14 जुलाई, 2026, वर्षा जल संचयन, शैक्षणिक भ्रमण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पर्यावरण, सस्टेनेबल डेवलपमेंट">
इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए) के स्टूडेंट चैप्टर द्वारा ‘सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस, इंदौर’ के प्रबंधन (मैनेजमेंट) विद्यार्थियों के लिए ‘जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ का एक प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ‘जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ की संस्थापक-निदेशक और पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से सीधे संवाद करने का बहुमूल्य अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने, जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, जैविक खेती, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, “यदि युवा आज से ही पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।”
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान में स्थापित सौर ऊर्जा प्रणाली, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), जैविक खेती, अपशिष्ट प्रबंधन तथा सतत विकास के विभिन्न मॉडलों का व्यावहारिक अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने संस्था की कार्यप्रणाली को निकट से समझा और विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपने ज्ञान का विस्तार किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण में सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस, इंदौर से डॉ. अजीत तोमर, डॉ. नीलम वर्मा एवं डॉ. जगदीप भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अनुभवात्मक भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक जीवन से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार की सोच विकसित होती है।
आईएमए स्टूडेंट चैप्टर की ओर से यश जायसवाल ने इस भ्रमण का सफल समन्वय (कोऑर्डिनेशन) किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया और बताया कि आईएमए समय-समय पर ऐसे औद्योगिक एवं सामाजिक संस्थानों के भ्रमण आयोजित करता रहता है, ताकि विद्यार्थी कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों (फैकल्टी मेंबर्स) ने इस भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया और पद्मश्री डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन सहित पूरे सेंटर परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आईएमए स्टूडेंट चैप्टर भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे औद्योगिक भ्रमण, सांगठनिक भ्रमण, विशेषज्ञ संवाद एवं अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
रिपोर्ट- यश जायसवाल, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए)
Indore Management Association, Jimmy McGilligan Centre for Sustainable Development, Padma Shri Dr. Janak Palta McGilligan, Organic Farming, Press Release 14 July 2026, Rainwater Harvesting, Educational Visit, Environment, Sustainable Development, IMA Student Chapter, Symbiosis University, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन, जैविक खेती, आईएमए स्टूडेंट चैप्टर, सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी, प्रेस विज्ञप्ति 14 जुलाई, 2026, वर्षा जल संचयन, शैक्षणिक भ्रमण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पर्यावरण, सस्टेनेबल डेवलपमेंट">आईएमए स्टूडेंट चैप्टर द्वारा सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों का ‘जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ में प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण
इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए) के स्टूडेंट चैप्टर द्वारा ‘सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस, इंदौर’ के प्रबंधन (मैनेजमेंट) विद्यार्थियों के लिए ‘जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ का एक प्रेरणादायक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ‘जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ की संस्थापक-निदेशक और पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन से सीधे संवाद करने का बहुमूल्य अवसर मिला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने, जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, जैविक खेती, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, “यदि युवा आज से ही पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।”
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान में स्थापित सौर ऊर्जा प्रणाली, वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), जैविक खेती, अपशिष्ट प्रबंधन तथा सतत विकास के विभिन्न मॉडलों का व्यावहारिक अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने संस्था की कार्यप्रणाली को निकट से समझा और विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपने ज्ञान का विस्तार किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण में सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस, इंदौर से डॉ. अजीत तोमर, डॉ. नीलम वर्मा एवं डॉ. जगदीप भी विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अनुभवात्मक भ्रमण विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक जीवन से सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और नवाचार की सोच विकसित होती है।
आईएमए स्टूडेंट चैप्टर की ओर से यश जायसवाल ने इस भ्रमण का सफल समन्वय (कोऑर्डिनेशन) किया। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया और बताया कि आईएमए समय-समय पर ऐसे औद्योगिक एवं सामाजिक संस्थानों के भ्रमण आयोजित करता रहता है, ताकि विद्यार्थी कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों (फैकल्टी मेंबर्स) ने इस भ्रमण को अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक बताया और पद्मश्री डॉ. (श्रीमती) जनक पलटा मगिलिगन सहित पूरे सेंटर परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आईएमए स्टूडेंट चैप्टर भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे औद्योगिक भ्रमण, सांगठनिक भ्रमण, विशेषज्ञ संवाद एवं अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
रिपोर्ट- यश जायसवाल, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए)
Indore Management Association, Jimmy McGilligan Centre for Sustainable Development, Padma Shri Dr. Janak Palta McGilligan, Organic Farming, Press Release 14 July 2026, Rainwater Harvesting, Educational Visit, Environment, Sustainable Development, IMA Student Chapter, Symbiosis University, इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, जिम्मी मगिलिगन सेंटर फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट, पद्मश्री डॉ. जनक पलटा मगिलिगन, जैविक खेती, आईएमए स्टूडेंट चैप्टर, सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी, प्रेस विज्ञप्ति 14 जुलाई, 2026, वर्षा जल संचयन, शैक्षणिक भ्रमण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पर्यावरण, सस्टेनेबल डेवलपमेंट
इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए) के स्टूडेंट चैप्टर द्वारा 'सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेस, इंदौर' के…