Parliament LIVE: विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित, राज्यसभा में कार्यवाही जारी
11:11 AM, 05-Aug-2026 कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने क्यों दिया स्थगन प्रस्ताव का नोटिस? कांग्रेस…
11:11 AM, 05-Aug-2026 कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने क्यों दिया स्थगन प्रस्ताव का नोटिस? कांग्रेस…
10:39 AM, 04-Aug-2026 सांसद जॉन ब्रिटास ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के संसद…
VIDEO | “Parliament passes a Bill that makes our examination system more robust,” says PM Modi (@narendramodi) in a video message posted on his Instagram page.
(Video Source: PM Modi’s Instagram Page) pic.twitter.com/jsOEEFufjH
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।
‘Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026’ को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था। राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।Prime Minister Shri @narendramodi called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan. pic.twitter.com/zbrOkZakit
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 30, 2026
VIDEO | “Parliament passes a Bill that makes our examination system more robust,” says PM Modi (@narendramodi) in a video message posted on his Instagram page.
(Video Source: PM Modi’s Instagram Page) pic.twitter.com/jsOEEFufjH
— Press Trust of India (@PTI_News) July 30, 2026
प्रधानमंत्री ने अपने करीब 2 मिनट 26 सेकंड के वीडियो में कहा कि सरकार ने संसद में विधेयक पेश किया था और उनके वादे के मुताबिक दोनों सदनों में बड़ी संख्या में सांसदों ने इस पर विस्तार से चर्चा की। अब दोनों सदनों ने सख्त प्रावधानों वाले इस विधेयक को पारित कर दिया है।
पीएम मोदी ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है और यह काम आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति को लंबे समय तक बने नहीं रहने देगी। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ने की अपील की।
‘Public Examination (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026’ को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस दौरान कई विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट किया। इससे पहले बुधवार को लोकसभा ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी। अब विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
संशोधन विधेयक में पेपर लीक या परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल में शामिल लोगों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम 7 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ऐसे मामलों में कम से कम 10 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति से भेंट की। राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर कीं।
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक सप्ताह के सफल विदेश दौरे के बाद रविवार को भारत लौटी हैं। इस दौरान उन्होंने मोल्दोवा, नॉर्थ मैसेडोनिया और रोमानिया का दौरा किया था। राष्ट्रपति के इस दौरे को भारत के इन यूरोपीय देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।Prime Minister Shri @narendramodi called on President Droupadi Murmu at Rashtrapati Bhavan. pic.twitter.com/zbrOkZakit
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 30, 2026
संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पारित होने का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी…
संसद के मानसून सत्र के दौरान पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने सिर पर 'जस्टिस' लिखी…
09:00 PM, 21-Jul-2026 सोनिया गांधी पहुंची मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन, प्रियंका हिरासत में कांग्रेस संसदीय…
All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए।
इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए।
इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मानसून सत्र को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया। बैठक में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों को भी बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया। इस पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया और वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में विपक्षी नेता दोबारा बैठक में शामिल हो गए।
विपक्षी सांसदों का तर्क था कि सरकार ने टीएमसी के बागी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है। इन 20 सांसदों की बगावत के बाद टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की है कि दलबदल कानूनों के अधीन इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए। महुआ मोइत्रा ने कहा, हमने उन 20 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। लोकसभा अध्यक्ष को इस मुद्दे पर फैसला लेना चाहिए।
इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों के बायकॉट पर कहा, एनसीपीआई के 20 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर करके लोकसभा स्पीकर के पास नई पार्टी को मान्यता देने और संसद में अलग से बैठने की मांग की है।
विवाद के बाद कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार गुट) की सुप्रिया सुले और TMC की महुआ मोइत्रा समेत कई विपक्षी नेता बैठक से बाहर निकल गए। विपक्ष ने इसे प्रतीकात्मक वॉकआउट बताया। विपक्षी नेताओं ने बाहर आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और इसके बाद सभी विपक्षी दलों के नेता दोबारा सर्वदलीय बैठक में शामिल हो गए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और इसी को लेकर सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
All party meeting of Parliament : संसद के मानसून सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक…
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को लेकर एक बड़ा दावा किया…