Ayodhya: राम मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव, नई टीमों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी, नए लोग होंगे शामिल
श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में…
श्रीराम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में…
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्य
A meeting of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra (Trust) was held today under the chairmanship of the Trusts… pic.twitter. com/Sv7Gi9GWQv
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) July 6, 2026
ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।
ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्य
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ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।
ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और धन के दुरुपयोग की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, चढ़ावे की गिनती के दौरान कुछ कर्मचारियों द्वारा बार-बार नकदी छिपाने के कथित मामले पाए गए हैं। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी गंभीर खामियों की ओर इशारा किया गया है। SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दी गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि बैठक में रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई, लेकिन इस पर कोई चर्चा या बहस नहीं हुई, क्योंकि जांच अभी जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा गबन मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि उसने कथित रूप से करीब 19 लाख रुपये अपने परिवार और दोस्तों पर खर्च किए। जांच में सामने आया कि उसने एक भाई की शादी में लगभग 6 लाख रुपये खर्च किए, दूसरे भाई को 5 लाख रुपये दिए और करीब 3.5 लाख रुपये की कार भी खरीदी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
ट्रस्ट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद दोनों पदाधिकारियों ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। साथ ही कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक आज न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के पश्चात जारी वक्तव्य
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ट्रस्ट ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवड़े को शामिल किया गया है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक अलग समिति भी बनाई गई है, जो अतिरिक्त सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर सुझाव देगी। अंतिम निर्णय SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद लिए जाएंगे।
ट्रस्ट ने कहा कि वर्ष 2020 में गठन के बाद से अब तक मंदिर निर्माण और संबंधित कार्य 6 वर्ष से कम समय में पूरे किए गए हैं। ट्रस्ट ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहता है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले का राजनीतिक और प्रचारात्मक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
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