जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात वीडियो संदेश जारी किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह भी कहा कि पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई के लिए कल कैबिनेट में चर्चा भी होगी। PM मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि आज इस मामले में और भी बड़ी और कड़ी कार्रवाई होगी।
और क्या बड़े अपडेट्स हुए
दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रों और शिक्षकों से अपील, आंदोलन से रहें दूर
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहें तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दें। यह अपील ऐसे समय आई है, जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल तेज है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामलों के लिए बनाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट
कथित परीक्षा पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालिगा को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पेशल जज के तौर पर राउज़ एवेन्यू कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। आज, PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और सख्त सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद लिया गया। खबरों के अनुसार यह फैसला ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को बैठक होने की पुष्टि भी हुई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP के कार्यकर्ता और छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी हटाए गए, नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब शिक्षा मंत्रालय कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर लगातार चर्चा में है। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग भी तेज हो गई है।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रों और शिक्षकों से अपील, आंदोलन से रहें दूर
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहें तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दें। यह अपील ऐसे समय आई है, जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल तेज है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामलों के लिए बनाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट
कथित परीक्षा पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालिगा को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पेशल जज के तौर पर राउज़ एवेन्यू कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। आज, PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और सख्त सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद लिया गया। खबरों के अनुसार यह फैसला ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को बैठक होने की पुष्टि भी हुई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP के कार्यकर्ता और छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी हटाए गए, नरेश पाल गंगवार को मिली जिम्मेदारी
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब शिक्षा मंत्रालय कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर लगातार चर्चा में है। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग भी तेज हो गई है।