Ragging Cases: रैगिंग के मामलों में यूपी देश में सबसे आगे, आखिर सख्ती के बावजूद क्यों नहीं थम रहीं शिकायतें?
देश में रैगिंग रोकने के लिए लगातार सख्ती की जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश…
देश में रैगिंग रोकने के लिए लगातार सख्ती की जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश…
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहें तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दें। यह अपील ऐसे समय आई है, जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल तेज है।
कथित परीक्षा पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालिगा को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पेशल जज के तौर पर राउज़ एवेन्यू कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। आज, PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और सख्त सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद लिया गया। खबरों के अनुसार यह फैसला ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को बैठक होने की पुष्टि भी हुई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP के कार्यकर्ता और छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब शिक्षा मंत्रालय कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर लगातार चर्चा में है। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग भी तेज हो गई है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे चल रहे छात्र आंदोलन और विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहें तथा शैक्षणिक गतिविधियों पर ध्यान दें। यह अपील ऐसे समय आई है, जब कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्र प्रदर्शन और राजनीतिक हलचल तेज है।
कथित परीक्षा पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया है। तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज जज अनु ग्रोवर बालिगा को दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पेशल जज के तौर पर राउज़ एवेन्यू कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। आज, PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और सख्त सज़ा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मामलों में त्वरित सुनवाई और कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के कुछ घंटे बाद लिया गया। खबरों के अनुसार यह फैसला ऐसे समय आया है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच शुक्रवार को बैठक होने की पुष्टि भी हुई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP के कार्यकर्ता और छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने गुरुवार को विनीत जोशी की जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब शिक्षा मंत्रालय कथित NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर लगातार चर्चा में है। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की मांग भी तेज हो गई है।
जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोज जनता पार्टी के आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने…
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बातचीत को लेकर सरकार भी बयान जारी करेगी। सीजेपी ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब संसद की ओर प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे, उसी दौरान पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहा था। उन्होंने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के आवास पर मौजूद हैं। नड्डा जी ने हमारी प्रमुख मांगों पर अपने नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। हमारी मांगों में सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।”
#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Naddas residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बातचीत को लेकर सरकार भी बयान जारी करेगी। सीजेपी ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब संसद की ओर प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे, उसी दौरान पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहा था। उन्होंने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के आवास पर मौजूद हैं। नड्डा जी ने हमारी प्रमुख मांगों पर अपने नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। हमारी मांगों में सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।”
#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Naddas residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। बातचीत को लेकर सरकार भी बयान जारी करेगी। सीजेपी ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग शामिल है।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब संसद की ओर प्रदर्शनकारी मार्च कर रहे थे, उसी दौरान पार्टी का प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहा था। उन्होंने कहा कि नड्डा ने इन मांगों पर सरकार के शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने के लिए कुछ समय मांगा है।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “मैं और सौरव दास अभी भी नड्डा जी के आवास पर मौजूद हैं। नड्डा जी ने हमारी प्रमुख मांगों पर अपने नेतृत्व से चर्चा करने के लिए समय मांगा है। हमारी मांगों में सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और आत्महत्या करने वाले सभी NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा शामिल है।”
#ImportantAnnouncement: @AshutoshRanka and I have been at J.P. Naddas residence since 12 noon. The demands have been conveyed, including immediate resignation/sacking of Dharmendra Pradhan.
The Minister assured us he will discuss this at the appropriate level. However, no… pic.twitter.com/vzLluczbkV
— Saurav Das (@SauravDassss) July 20, 2026
CJP के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया है कि वे इन मांगों को उचित स्तर पर उठाएंगे, लेकिन फिलहाल किसी भी मांग पर कोई औपचारिक आश्वासन नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि “जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”
सौरव दास ने बताया कि वह और आशुतोष रांका सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर मौजूद हैं और उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी है।
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच सोमवार को कॉकरोच जनता…