यूपी का अनुपूरक बजट: नए एक्सप्रेसवे, छात्राओं को मुफ्त स्कूटी और ग्रामीण इलाकों में मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा फोकस
यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिसका…
यूपी विधानमंडल के दोनों सदनों में मंगलवार को राज्य सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी, जिसका…
लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।
मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।
मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
Updated: Sat, 1 Aug 2026 (15:56 IST)
लखनऊ, 31 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को नई मजबूती देते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के क्रियान्वयन में रिकॉर्ड गति हासिल की है। 8 जुलाई को वाराणसी से बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना के शुभारंभ के मात्र 22 दिनों में लगभग 42 प्रतिशत पात्र शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है। इसी क्रम में 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग के लिए योजना शुरू होने के मात्र चार दिनों में ही लगभग 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में 20 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने योजना का प्रारूप, पोर्टल, सूचीबद्ध अस्पतालों की व्यवस्था तथा अन्य विभागीय तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी कीं। घोषणा के मात्र 138 दिनों के भीतर 8 जुलाई को वाराणसी से मुख्यमंत्री ने बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ कर दिया। इसके 18 दिन बाद 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया। कम समय में मिली यह प्रगति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन स्तर पर की जा रही सतत निगरानी का प्रमाण है।
तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना से जुड़ चुके हैं। योजना का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा परिवार को सुदृढ़ स्वास्थ्य सुरक्षा कवच उपलब्ध कराना है। यही कारण है कि सरकार इसे मिशन मोड में लागू करते हुए कम समय में अधिकतम पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग में सबसे अधिक लाभार्थियों ने पूरी की प्रक्रिया
बेसिक शिक्षा विभाग में योजना के अंतर्गत 11,03,464 पात्र शिक्षक-कार्मिकों को शामिल किया गया है। इनमें से अब तक 4,57,390 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। विभागीय स्तर पर प्रत्येक जनपद में अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि सभी पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित समयबद्ध रूप से योजना से जुड़ सकें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग में भी तेजी से बढ़ रहा अभियान
माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों को संस्थानवार प्रगति की निगरानी तथा शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने चार दिनों में दिखाई तेज गति
26 जुलाई को आगरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने के बाद अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ी है। विभाग के 38,011 पात्र लाभार्थियों में से मात्र चार दिनों के भीतर 17,734 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। यह कुल पात्र लाभार्थियों का लगभग 47 प्रतिशत है, जो योजना के प्रति तेजी से बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है।
मिशन मोड में चल रहा है अभियान
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग व शासन स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाए। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी पूर्ण होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध चिकित्सालयों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी।
Published By: WD News Desk Updated: Sat, 1 Aug 2026 (15:56 IST) बेसिक-माध्यमिक शिक्षा विभाग…
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– भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपए की लागत वाले 24 विकास कार्यों का मुख्यमंत्री योगी ने किया लोकार्पण व शिलान्यास
– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने किया भगवान श्रीराम को मिथक व काल्पनिक साबित करने का कुत्सित प्रयास
– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस व सपा ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया
– मुख्यमंत्री ने कहा, समाज को बांटने की साजिश रचकर विकास प्रक्रिया बाधित करती हैं सपा व कांग्रेस
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की राजनीति पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस और सपा ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया है। सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना हुआ है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार में रहते सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर भगवान श्रीराम को मिथक और काल्पनिक साबित करने का कुत्सित प्रयास किया। ये दोनों पार्टियां जाति के नाम पर समाज को बांटने की साजिश रचकर विकास प्रक्रिया को बाधित करती हैं। इनसे आमजन को सतर्क रहना होगा।
मुख्यमंत्री योगी शनिवार शाम गोरखपुर में भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपए की 24 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 697 करोड़ 49 हजार रुपए की लागत वाली 5 सड़कों का लोकार्पण और सड़क निर्माण एवं पर्यटन विकास से जुड़े 60 करोड़ 63 लाख 96 हजार रुपए की लागत वाले 19 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। ये सभी कार्य पिपराइच विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हैं।
भटहट में फोरलेन सड़क का लोकार्पण करने के बाद बांसस्थान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता। समाज को जाति और वर्ग के नाम पर बांटने की साजिश विकास प्रक्रिया में बाधक बनती है। यही कार्य कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारें करती थीं, इसलिए उनसे विकास नहीं होता था। इन पार्टियों की सरकार में विकास की बजाय हिंदुओं का अपमान होता था।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उसने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को मिथक और काल्पनिक बताया था। कांग्रेस शुरुआत से ही हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ करती रही है। भगवान सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को बुलाया गया, तब इसका विरोध कांग्रेस ने ही किया था। कांग्रेस के साथ सपा को भी कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, सपा के बारे में तो कहना ही क्या, सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा की सरकारों ने भारत की आस्था को अपमानित किया है। उनकी सरकारों में दंगे होते थे, पर्व-त्योहार प्रतिबंधित किए जाते थे। कांवड़ यात्रा रोकी जाती थी। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा की डबल इंजन सरकार विरासत के संरक्षण और विकास के विजन के साथ आगे बढ़ रही है तो इसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पचा नहीं पा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों को विकास प्रक्रिया की महत्ता समझाते हुए कहा कि विकास ही अच्छे वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने लोगों को विकास के लिए एकजुट रहने की सीख देते हुए कहा कि यदि हम जातियों में बंटे तो इसकी कीमत वर्तमान और भावी पीढ़ी को चुकानी पड़ेगी।
विकास कार्यों की सौगात मिलने पर जनता को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब अच्छे लोग चुने जाते हैं तो परिणाम भी अच्छे आते हैं। अच्छे परिणाम से खुशहाली का रास्ता बनता है। आपने गोरखपुर में अच्छे ब्लॉक प्रमुख, अच्छे विधायक और अच्छा सांसद चुना तो विकास का सिलसिला निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने रोड कनेक्टिविटी को विकास के लिए अपरिहार्य बताते हुए कहा कि जितनी अच्छी कनेक्टिविटी होगी, विकास की स्पीड उतनी ही तेज होगी। जब प्रगति तेजी से होगी तो व्यक्ति, समाज और देश की समृद्धि होगी। समृद्धि से ही खुशहाली आएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में न तो विकास कार्य हो रहे थे और न ही जनता को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा था। तब यहां इंसेफेलाइटिस की बीमारी थी, पलायन और पिछड़ापन था। कमजोर, गरीब, महिला, किसान, नौजवान किसी तक शासन की योजना की पहुंच नहीं थी। जबकि अब डबल इंजन सरकार में तीव्रता से विकास हो रहा है और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी को मिल रहा है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विरासत और विकास का बेहतर समन्वय हो रहा है।
इस क्षेत्र के लोगों के घर तक विकास कार्यों की दस्तक हो रही है। मुख्यमंत्री ने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की उपलब्धियों में चीनी मिल, आयुष विश्वविद्यालय, निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन सड़क आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास की यह गति, आर्थिक प्रगति को भी बढ़ाने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरलेन सड़कें उन स्थानों पर भी बन रही हैं, जहां के बारे में कोई सोचता भी नहीं था। भटहट-बांसस्थान के बाद बालापार-टिकरिया मार्ग, चिउटहां-कोनी मार्ग भी फोरलेन हो रहा है। फोरलेन की कनेक्टिविटी से विकास तेज होगा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग भाजपा सरकार के विकास अभियान से जुड़े रहेंगे।
सांसद ने मुख्यमंत्री योगी को निस्वार्थ संत व सनातन रक्षक बताते हुए कहा कि जनता की सेवा के प्रति उनके अथक परिश्रम और समर्पण के आगे विरोधी उनका मुकाबला नहीं कर सकते। रवि किशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व, कर्मठता और कार्यशैली पर एक आल्हा भी सुनाया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र निरंतर चौमुखी विकास की उपलब्धियों के शिखर पर पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने बीते नौ सालों में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र को 5000 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी हैं।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण संस्था के उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रेखा सिंह, वंदना सिंह, जनार्दन जायसवाल, पिपराइच नगर पंचायत के चेयरमैन संजय मद्धेशिया, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गजेंद्र प्रताप सिंह, आनंद शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की लाभार्थी अंजना पासवान व साक्षी गौड़ को मुख्यमंत्री के हाथों लैपटॉप, स्वयं सहायता समूह की लाभार्थियों विद्यावती व शोभा को समूह संचालन के लिए 1 करोड़ 2 लाख 30 हजार रुपए के ऋण फंड का चेक, विद्युत सखियों किरन मौर्या, ज्ञानमती व निरंजली देवी को थर्मल प्रिंटर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के लाभार्थी रमाशंकर को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 4 लाख रुपए और अशोक कुमार को स्ट्रॉ रीपर (भूसा मशीन) के लिए 75 हजार रुपए की अनुदान राशि का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टालों पर जाकर संबंधित विभाग की उपलब्धियों की जानकारी ली और उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के स्टाल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को प्यार, आशीर्वाद के साथ उपहार प्रदान किए।
जनसभा को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांसस्थान स्थित वामंत माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने माता की आराधना कर लोक मंगल और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि की प्रार्थना की।
– भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपए की लागत वाले 24 विकास कार्यों का मुख्यमंत्री योगी ने किया लोकार्पण व शिलान्यास
– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस ने किया भगवान श्रीराम को मिथक व काल्पनिक साबित करने का कुत्सित प्रयास
– मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस व सपा ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया
– मुख्यमंत्री ने कहा, समाज को बांटने की साजिश रचकर विकास प्रक्रिया बाधित करती हैं सपा व कांग्रेस
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की राजनीति पर जोरदार प्रहार करते हुए कहा कि जब भी मौका मिला, कांग्रेस और सपा ने भारतीय मानबिंदुओं पर कुठाराघात किया है। सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना हुआ है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार में रहते सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर भगवान श्रीराम को मिथक और काल्पनिक साबित करने का कुत्सित प्रयास किया। ये दोनों पार्टियां जाति के नाम पर समाज को बांटने की साजिश रचकर विकास प्रक्रिया को बाधित करती हैं। इनसे आमजन को सतर्क रहना होगा।
मुख्यमंत्री योगी शनिवार शाम गोरखपुर में भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपए की 24 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 697 करोड़ 49 हजार रुपए की लागत वाली 5 सड़कों का लोकार्पण और सड़क निर्माण एवं पर्यटन विकास से जुड़े 60 करोड़ 63 लाख 96 हजार रुपए की लागत वाले 19 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। ये सभी कार्य पिपराइच विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हैं।
भटहट में फोरलेन सड़क का लोकार्पण करने के बाद बांसस्थान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता। समाज को जाति और वर्ग के नाम पर बांटने की साजिश विकास प्रक्रिया में बाधक बनती है। यही कार्य कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारें करती थीं, इसलिए उनसे विकास नहीं होता था। इन पार्टियों की सरकार में विकास की बजाय हिंदुओं का अपमान होता था।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब उसने सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र देकर भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण को मिथक और काल्पनिक बताया था। कांग्रेस शुरुआत से ही हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ करती रही है। भगवान सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में जब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को बुलाया गया, तब इसका विरोध कांग्रेस ने ही किया था। कांग्रेस के साथ सपा को भी कटघरे में खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, सपा के बारे में तो कहना ही क्या, सपा का इतिहास रामभक्तों के खून से सना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा की सरकारों ने भारत की आस्था को अपमानित किया है। उनकी सरकारों में दंगे होते थे, पर्व-त्योहार प्रतिबंधित किए जाते थे। कांवड़ यात्रा रोकी जाती थी। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा की डबल इंजन सरकार विरासत के संरक्षण और विकास के विजन के साथ आगे बढ़ रही है तो इसे कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पचा नहीं पा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों को विकास प्रक्रिया की महत्ता समझाते हुए कहा कि विकास ही अच्छे वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने लोगों को विकास के लिए एकजुट रहने की सीख देते हुए कहा कि यदि हम जातियों में बंटे तो इसकी कीमत वर्तमान और भावी पीढ़ी को चुकानी पड़ेगी।
विकास कार्यों की सौगात मिलने पर जनता को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब अच्छे लोग चुने जाते हैं तो परिणाम भी अच्छे आते हैं। अच्छे परिणाम से खुशहाली का रास्ता बनता है। आपने गोरखपुर में अच्छे ब्लॉक प्रमुख, अच्छे विधायक और अच्छा सांसद चुना तो विकास का सिलसिला निरंतर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने रोड कनेक्टिविटी को विकास के लिए अपरिहार्य बताते हुए कहा कि जितनी अच्छी कनेक्टिविटी होगी, विकास की स्पीड उतनी ही तेज होगी। जब प्रगति तेजी से होगी तो व्यक्ति, समाज और देश की समृद्धि होगी। समृद्धि से ही खुशहाली आएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में न तो विकास कार्य हो रहे थे और न ही जनता को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा था। तब यहां इंसेफेलाइटिस की बीमारी थी, पलायन और पिछड़ापन था। कमजोर, गरीब, महिला, किसान, नौजवान किसी तक शासन की योजना की पहुंच नहीं थी। जबकि अब डबल इंजन सरकार में तीव्रता से विकास हो रहा है और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी को मिल रहा है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विरासत और विकास का बेहतर समन्वय हो रहा है।
इस क्षेत्र के लोगों के घर तक विकास कार्यों की दस्तक हो रही है। मुख्यमंत्री ने पिपराइच विधानसभा क्षेत्र की उपलब्धियों में चीनी मिल, आयुष विश्वविद्यालय, निर्माणाधीन गोरखपुर-पिपराइच फोरलेन सड़क आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास की यह गति, आर्थिक प्रगति को भी बढ़ाने में सहायक होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरलेन सड़कें उन स्थानों पर भी बन रही हैं, जहां के बारे में कोई सोचता भी नहीं था। भटहट-बांसस्थान के बाद बालापार-टिकरिया मार्ग, चिउटहां-कोनी मार्ग भी फोरलेन हो रहा है। फोरलेन की कनेक्टिविटी से विकास तेज होगा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोग भाजपा सरकार के विकास अभियान से जुड़े रहेंगे।
सांसद ने मुख्यमंत्री योगी को निस्वार्थ संत व सनातन रक्षक बताते हुए कहा कि जनता की सेवा के प्रति उनके अथक परिश्रम और समर्पण के आगे विरोधी उनका मुकाबला नहीं कर सकते। रवि किशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व, कर्मठता और कार्यशैली पर एक आल्हा भी सुनाया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए पिपराइच के विधायक महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र निरंतर चौमुखी विकास की उपलब्धियों के शिखर पर पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने बीते नौ सालों में पिपराइच विधानसभा क्षेत्र को 5000 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी हैं।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, श्रीराम चौहान, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण संस्था के उपाध्यक्ष राधेश्याम सिंह, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, ब्लॉक प्रमुख रेखा सिंह, वंदना सिंह, जनार्दन जायसवाल, पिपराइच नगर पंचायत के चेयरमैन संजय मद्धेशिया, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गजेंद्र प्रताप सिंह, आनंद शाही आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की लाभार्थी अंजना पासवान व साक्षी गौड़ को मुख्यमंत्री के हाथों लैपटॉप, स्वयं सहायता समूह की लाभार्थियों विद्यावती व शोभा को समूह संचालन के लिए 1 करोड़ 2 लाख 30 हजार रुपए के ऋण फंड का चेक, विद्युत सखियों किरन मौर्या, ज्ञानमती व निरंजली देवी को थर्मल प्रिंटर प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के लाभार्थी रमाशंकर को कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए 4 लाख रुपए और अशोक कुमार को स्ट्रॉ रीपर (भूसा मशीन) के लिए 75 हजार रुपए की अनुदान राशि का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विकास प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टालों पर जाकर संबंधित विभाग की उपलब्धियों की जानकारी ली और उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के स्टाल पर बच्चों का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को प्यार, आशीर्वाद के साथ उपहार प्रदान किए।
जनसभा को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांसस्थान स्थित वामंत माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने माता की आराधना कर लोक मंगल और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि की प्रार्थना की।
- भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क सहित करीब 758 करोड़ रुपए की लागत वाले 24 विकास कार्यों…
– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज
– झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम
– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस
इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।
झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।
– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज
– झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम
– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस
इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।
झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।
– मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा मॉडल विलेज
– झांसी के ग्राम पलींदा में 18 बायोगैस स्थापित, पूरा गांव बनेगा प्राकृतिक कृषि ग्राम
– गो संरक्षण से ग्रीन एनर्जी तक : गांवों में तैयार होगी नवीकरणीय गोबर गैस
इस समूचे गांव को प्राकृतिक कृषि ग्राम बनाया जा रहा है। इसी तरह से प्रदेश के हर जिले में एक मॉडल विलेज बनाने की दिशा में बड़ी शुरुआत की गई है। आईआईटी दिल्ली के बायोगैस डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर के प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में छात्रों की टीम यूपी में इस अभियान को आगे बढ़ा रही है। टीम में रत्नेश तिवारी, अक्षय श्रीवास्तव, चिंतन दवे और डॉ. मंगाराम शामिल हैं। ये विशेषज्ञ गांवों में बायोगैस प्लांट लगाने, रखरखाव में सहयोग और तकनीकी सपोर्ट देंगे।
झांसी के ग्राम पलींदा में पहले चरण में 18 बायोगैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। योजना है कि यहां हर घर में बायोगैस पहुंच जाए, जिससे पूरा गांव प्राकृतिक कृषि ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। गोबर से बनी बायोगैस के जरिए खाना पकाने का ईंधन सहजता से उपलब्ध होगा।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि बायोगैस संयंत्र होने से गांवों में रासायनिक खादों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। किसानों को बेहतरीन ऑर्गेनिक खाद मिलेगी और बाजार में रसायन मुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। प्रोफेसर वीरेंद्र कुमार विजय के नेतृत्व में आईआईटी दिल्ली की टीम पूरे प्रदेश में इस मॉडल को स्केल-अप करने के लिए काम कर रही है। यह न सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि स्वच्छ गांव, स्वस्थ किसान और आत्मनिर्भर यूपी का नया मॉडल पेश करेगा।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार का यह अभियान गो सेवा के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जल्द ही यूपी के सभी जिलों तक इस योजना को पहुंचाने की तैयारी है। जिससे आने वाले समय में गांव-गांव इस मॉडल को अपनाते नजर आएंगे।
- मुख्यमंत्री योगी के गो संरक्षण अभियान के तहत यूपी के हर जिले में बनेगा…
– योगी सरकार ने गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया पूर्ण
– फार्मर रजिस्ट्री में 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 82.69% कार्य पूरा
– योगी सरकार ने तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए बढ़ाई रफ्तार
Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। यूपी के गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो गया है। प्रदेश सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक 2, 38,72,418 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 49,98,007 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
– योगी सरकार ने गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया पूर्ण
– फार्मर रजिस्ट्री में 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण, लक्ष्य का 82.69% कार्य पूरा
– योगी सरकार ने तय समयसीमा में लक्ष्य पूरा करने के लिए बढ़ाई रफ्तार
Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में चल रही फार्मर रजिस्ट्री अभियान ने अब बड़े स्तर पर परिणाम देना शुरू कर दिया है। यूपी के गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण हो गया है। प्रदेश सरकार की सक्रिय पहल के चलते अब तक 2.38 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 82.69 प्रतिशत है।
प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से की गई थी। केंद्र सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान प्रगति के अनुसार अब तक 2, 38,72,418 किसानों का नामांकन किया जा चुका है, जबकि लगभग 49,98,007 किसानों का पंजीकरण अभी शेष है।
प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि और किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना भी है। इसी क्रम में “अंश निर्धारण” का कार्य भी तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में अंश निर्धारण का कार्य 87.53 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।
योगी सरकार लगातार तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन सेवाओं और डेटा आधारित योजना क्रियान्वयन के जरिए उत्तर प्रदेश को आधुनिक और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान को भी इसी व्यापक परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
- योगी सरकार ने गाजियाबाद और रामपुर में 100 प्रतिशत फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया…
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